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Lok Sabha Election 2019: ‘लाल कृष्ण आडवाणी जी से हुई बात, मुरली मनोहर जोशी और उनके साथ बर्ताव से हूं निराश’, बोलीं- ममता बनर्जी

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): गुजरात के गांधीनगर से आडवाणी के बजाय पार्टी चीफ अमित शाह को टिकट दिया गया, जबकि कानपुर सीट से जोशी की जगह पर उत्तर प्रदेश के कबीना मंत्री सत्यदेव पचौरी को चुनावी मैदान में उतारा गया।

Lok Sabha Election 2019: ममता ने बीजेपी द्वारा पार्टी के इन दो वरिष्ठ नेताओं के साथ ‘‘बुरा व्यवहार’’ करने की आलोचना की है। (फोटोः एजेंसियां)

Lok Sabha Election 2019: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के साथ ‘‘बुरा व्यवहार’’ होने की आलोचना की। बुधवार (27 मार्च, 2019) को उन्होंने कहा कि यह देखना ‘‘वास्तव में दुखद’’ है कि पार्टी संस्थापकों से किस तरह से व्यवहार हो रहा है।

बनर्जी आगे बोलीं, ‘‘सुबह मैंने आडवाणी जी से बात की। मैंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि मैंने उन्हें फोन किया।’’ टीएमसी चीफ के मुताबिक, ‘‘यह वास्तव में दुखद है कि बीजेपी अपने संस्थापक सदस्यों से ऐसा व्यवहार कर रही है। मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती हूं, क्योंकि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है।’’

वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी के ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान की तरफ इशारा करते हुए वह बोलीं वास्तविक चौकीदारों का वह काफी सम्मान करती हैं न कि राजनीतिक चौकीदारों का जो इससे ‘‘राजनीतिक लाभ’’ लेना चाहते हैं। बता दें कि उनकी हालिया टिप्पणी बीजेपी के उस फैसले पर आई है, जिसमें आडवाणी और जोशी को लोकसभा चुनावों के लिए टिकट नहीं दिया गया।

गुजरात के गांधीनगर से आडवाणी के बजाय पार्टी चीफ अमित शाह को टिकट दिया गया, जबकि कानपुर सीट से जोशी की जगह पर उत्तर प्रदेश के कबीना मंत्री सत्यदेव पचौरी को चुनावी मैदान में उतारा गया। यहां तक कि जोशी को पार्टी से सलाह दी गई थी कि वह चुनाव न लड़ें।

‘शत्रु’ भी हुए हमलावर: चुनाव से ऐन पहले बीजेपी छोड़ कांग्रेस में जाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने भी आडवाणी के मसले पर बीजेपी को घेरा। बुधवार को टि्वटर पर उन्होंने कहा कि पिता समान नेता, विचारक, मार्गदर्शक, गुरु और बीजेपी के कमाल के नेता आडवाणी को चुनावी राजनीति से बाहर का रास्ता दिखा गया गया। वह भी उनकी मर्जी जाने बगैर। यह बेहद हैरान करने वाला है। ऐसा सिर्फ ‘वन मैन शो और टू मेन आर्मी’ (मोदी और शाह) में ही हो सकता है। यह फैसला बेहद अपमानजनक और निराश करने वाला है। आडवाणी के अलावा पार्टी ने मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार के साथ भी अच्छा नहीं किया। बीजेपी ने जो किया, उसने पूरे देश को आहत किया है। जनता भी उनके फैसले के खिलाफ है।

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