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Lok Sabha Election 2019: मेनका गांधी के विरोध में भाजपाई, पीलीभीत से टिकट काटने की मांग

Lok Sabha Election 2019: मेनका गांधी का विरोध करने वाले विधायक व पार्टी के अन्य नेताओं का कहना है कि इस बार मेनका गांधी के बजाय जिले के किसी भी स्थानीय नेता को टिकट दिया जाए।

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद मेनका गांधी फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी चुनावी रणनीति बनाने में जुट गईं हैं। इस बीच बीजेपी के अंदर बगावती सुर भी देखने को मिल रहें हैं। पीलीभीत से बीजेपी की मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ पार्टी के कुछ विधायक और संगठन के नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर मांग की है मेनका की जगह किसी स्थानीय उम्मीदवार को लोकसभा का टिकट दिया जाए। दो स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि मेनका गांधी ने जिले के विकास को नजरअंदाज किया है। हालांकि, बीजेपी जिला अध्यक्ष ने इसे अनुशासनहीनता बताया और विधायकों और अन्य नेताओं द्वारा लिखे गए पत्र के विवरण के साथ प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे को जानकारी दी है।

मेनका गांधी और पीलीभीत: बता दें कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी 2009 को छोड़कर 1989 से पीलीभीत से लोकसभा चुनाव लड़ती आईं हैं। उनके बेटे और सुल्तानपुर से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने अपना पहला चुनाव (2009) भी पीलीभीत से जीता था। हालांकि 2014 में मेनका ने फिर से यहां चुनाव लड़ा था और जीतकर लोकसभा पहुंची थी। लेकिन इस बार उन्हें पार्टी के अंदर से ही विरोध का सामना कर पड़ रहा है।

पार्टी नेताओं का विरोध: मेनका गांधी के लोकसभा क्षेत्र पीलीभीत में विधानसभा की पांच सीटें शामिल हैं। इनमें बीसलपुर, पूरनपुर, बरखेरा, पीलीभीत और बहेरी – सभी 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीती थी। यहां पूरनपुर के विधायक, बाबूराम पासवान को छोड़कर, बाकी चार विधायकों ने 5 मार्च, 2019 को मेनका के खिलाफ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा था। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य लोगों में पूर्व मंत्री डॉ विनोद तिवारी, बीजेपी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुरेश गंगवार और जिला इकाई के महासचिव, गुरबाग सिंह और संजीव प्रताप सिंह आदि शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि बीसलपुर के बीजेपी विधायक राम सरन वर्मा ने कहा, ‘हमने पीलीभीत सीट से चुनाव में स्थानीय व्यक्ति को मैदान में उतारने की मांग के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि पत्र भेजने से पहले, हमने पीलीभीत में एक बैठक की थी, जिसका प्रतिनिधित्व विधायक संजय सिंह गंगवार की ओर से उनके भाई विजय ने किया था।

बीजेपी जिलाध्यक्ष का बयान: पीलीभीत के बीजेपी जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा, “मेनका गांधी यहां 30 साल से सांसद हैं, इसलिए उनके बाहरी होने का कोई सवाल ही नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र भेजने वाले नेता अनुशासनहीनता करते हैं और मैंने राज्य बीजेपी अध्यक्ष को एक रिपोर्ट भेजी है।” इसके बाद उन्होंने कहा, “पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले दो जिला महासचिवों ने मुझे लिखित में दिया है कि उन्होंने ऐसे किसी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। लेकिन इसके विपरीत एक नेता गुरबाग सिंह ने गुप्ता के दावे का खंडन किया और कहा कि उन्होंने पत्र पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा, “मैं लगातार   पीलीभीत सीट से एक स्थानीय व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने के मुद्दे को उठा रहा हूं।”

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