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Lok Sabha Election 2019: मैदान में आमने सामने होंगे पिता-बेटी, चुनावी मुद्दों पर घर में हो जाती है बहस

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): विरीचेरला किशोर चंद्र सूर्यनारायण (वीकेसीएस) देओ ने कहा कि उनकी बेटी एक स्वतंत्र महिला हैं और उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करने का पूरा अधिकार है। उन्हें अपनी बेटी के खिलाफ चुनाव में खडे़ होने पर कोई आपत्ति नहीं है।

eciनिर्वाचन आयोग फोटो सोर्स- जनसत्ता

Lok Sabha Election 2019:  विरीचेरला किशोर चंद्र सूर्यनारायण (वीकेसीएस) देओ छह बार कांग्रेस पार्टी की तरफ से सांसद रह चुके हैं और इस बार तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। खास बात यह है कि वह अपनी बेटी वी श्रुति देवी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे जो कांग्रेस से प्रत्याशी है। वे दोनो अराकू लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में अपनी बेटी के बारे में पूछे जाने पर बताया कि वह 46 साल की है और एक स्वतंत्र महिला है जो चुनाव में अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करने और चुनाव लड़ने में सक्षम है। उसकी उम्मीदवारी उसकी और उसकी पार्टी का मुद्दा है।

कोई कड़वाहट नहींः देओ की बेटी श्रुति से जब यह पूछा गया कि क्या चुनावी प्रतिद्वंद्विता से उनके बीच कोई कड़वाहट आई है तो उन्होंने कहा कि उनके बीच बहस केवल राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर होती है। बता दें पिता और पुत्री ओडिशा के नजदीक पूर्वी घाट पर अराकू घाटी के घने जंगलो में बसे कुरुपम शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। अराकू सीट का प्रतिनिधित्व वाईएसआर कांग्रेस कर रही है। देओ के साथ चुनावी प्रतिस्पर्धा में वाईएसआर कांग्रेस के जी माधवी, दिवंगत सीपीआई विधायक की बेटी जी देमडू शामिल है।

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पिता की हार के बाद आई राजनीति मेंः  सुप्रीम कोर्ट की वकील श्रुति ने बताया कि उनके लिए दिल्ली और अराकू के बीच समय को बांट पाना मुश्किल काम है। उन्होंने बताया कि साल 2014 के चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी रहते हुए उनके पिता अराकू से चुनाव हार गए थे और तीसरे नंबर पर आए थे। उस चुनाव में उनके पिता ने अपनी सारी जमा राशि गंवा दी थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। नगर की महिलाओं के साथ मार्च करते हुए श्रुति ने बताया कि उनके पिता के कांग्रेस पार्टी छोड़ने से पहले ही वह टिकट के लिए लड़ रही थी। उन्होंने कहा कि वह यहां सबसे मजबूत उम्मीदवार है और यहां लोगों को विश्वास में लेकर अपनी पार्टी को फिर से संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं। मार्च करते हुए श्रुति ने रास्ते में दुकानदारों और महिलाओं को भी मार्च का हिस्सा बनने के लिए कहा। श्रुति के साथ मार्च में आई ज्यादातर महिलाओं ने कहा कि उनके आने का कारण नगरपालिका सांसद एस सीता है जिन्होंने टीडीपी सरकार की अवासीय योजना का लाभ लोगों को दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिसके लिए चंद्र बाबू नायडू की प्रशंसा की गई।

देओ ने बताया पार्टी छोड़ने का कारणः टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू के मुताबिक देओ ने कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई। उन्होंने बताया, ‘आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद कांग्रेस का वर्चस्व यहां खत्न हो गया। इसके चलते या तो मुझे राजनीति छोड़नी पड़ती या फिर कोई लोकल पार्टी ज्वाइन करनी पड़ती। मैनें टीडीपी पार्टी को चुना क्योंकि यह वो पार्टी है जिसका अपना एक विजन है और लोगों की सेवा करने के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह सत्ता में आएं।’
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