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EC की कार्रवाई पर बोलीं मायावती- चुनाव आयोग के इतिहास का काला दिन, दबाव में लिया गया फैसला

Lok Sabha Election 2019: बसपा प्रमुख मायावती के देवबंद में दिए बयान के बाद चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए मायावती के 48 घंटे चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है। इसके बाद मायावती ने प्रेसवार्ता कर कई आरोप लगाए हैं।

Author April 16, 2019 8:08 AM
Lok Sabha Electon 2019: बसपा प्रमुख मायावती फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

Lok Sabha Election 2019: बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा हाल ही में यूपी के देवबंद में दिए गए एक भाषण के बाद कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने 48 घंटों के लिए उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी। इसके बाद मायावती ने प्रेसवार्ता कर आयोग के इस फैसले को असंवैधानिक और क्रूर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के लोगों को खुली छूट दी हुई है। इस दौरान मायावती ने आयोग पर दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।

दअसल, पिछले सप्ताह मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मिलकर देवबंद में एक चुनावी रैली की थी। आरोप है कि इस रैली में बोलते हुए मायावती ने मुस्लिमों से अपने वोट को न बंटने देने की बात कही थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने मायावती को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाते हुए उन पर सोमवार को 48 घंटे के चुनाव प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया। बता दें कि आयोग का फैसला आज (16अप्रैल) से लागू होगा। इस दौरान उनके रैली, मीडिया इंटरव्यू और जुलूस आदि में शामिल होने पर पाबंदी लगा दी है। चुनाव आयोग के इस फैसले से नाराज मायावती ने लखनऊ में एक प्रेसवार्ता की और इस दौरान उन्होंने बीजेपी समेत आयोग पर भी निशाना साधा।

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मायावती का बीजेपी पर आरोप: लखनऊ में बसपा कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने ये फैसला दबाव में लिया ताकि उन्हें भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए लोगों को अपील करने से रोका जा सके। मायावती ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव के पहले चरण के बाद डरी है। बता दें कि इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी पर चुनाव प्रचार के दौरान पुलवामा हमले का जिक्र करने को लेकर तंज कसा है।

मायावती ने दी ये सफाई: बसपा प्रमुख ने कहा कि शो-कॉज नोटिस में कोई आरोप नहीं था कि मैंने कोई भड़काऊ भाषण दिया जिसकी वजह से दो समुदायों के बीच नफरत बढ़े। नोटिस में केवल एक आरोप लगाया गया था कि मैं एक विशेष समुदाय से वोट मांग रही हूं। लेकिन जवाब में मैंने स्पष्ट किया कि मेरे भाषण में कहीं भी जाति (धर्म) के आधार पर वोट अपील नहीं की गई। मायावती ने कहा कि 15 अप्रैल का दिन चुनाव आयोग के इतिहास में ‘काले दिन’ के रूप में याद किया जाएगा।

आगरा की रैली नहीं हो पाएंगी शामिल: मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग को पता था कि दूसरे चरण के चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन मंगलवार को आगरा में बसपा की एक रैली की है, शायद इसीलिए उनपर 48 घंटे का बैन लगा है।

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