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Lok Sabha Election 2019: पूर्वांचल: पिछड़ों में आरक्षण खत्म होने का डर, सपा-बसपा के कोर वोटरों को ऐसे समझाने में जुटी बीजेपी

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): उत्तर प्रदेश में भाजपा कुंभ मेले में सफाईकर्मियों के पैर धोते हुए तस्वीर वाले पर्चों से सपा-बसपा के कोर वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। पर्चे के पीछे बीआर अंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों की तस्वीर भी है।

प्रधानमंत्री ने कुंभ मेले में सफाईकर्मियों के पैर धोए थे। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव के छठे चरण में भाजपा पूर्वांचल में यादव-दलितों को वोट सपा-बसपा के खाते में जाने के डर की काट खोजने में लगी हुई है।  यहां लोगों के बीच यह आशंका है कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो आरक्षण खत्म कर देगी। भाजपा इसकी काट के लिए रंगबिरंगे पर्चे बांट रही है।

इस पर्चे के एक तरफ कुंभ में सफाईकर्मियों के पैर धोते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है। वहीं दूसरी तरफ भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करने की फोटो छपी है। जौनपुर जिले के सुरक्षित संसदीय क्षेत्र मछलीशहर में 12 मई को मतदान होना है।

बृहस्पतिवार को पीएम मोदी यहां मछलीशहर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। इससे पहले यहां के जमालपुर गांव में भाजपा के नेता जुटे हुए थे। जमालपुर में यादव समुदाय के करीब 300 वोटर और दलित समुदाय के करीब 350 वोटर हैं। इनमें से अधिकतर जाटव हैं।

दिल्ली में काम करने वाले ग्रेजुएट भानु प्रकाश कहते हैं यहां नौकरी के डर से जुड़ी अफवाह है। जाहिर है सरकार ने फैसला किया है कि एससी/एसटी या ओबीसी से ओपन कैटेगरी में कॉलेज या नौकरियों में आरक्षण ले सकेंगे। उन्हें सिर्फ आरक्षित वर्ग में ही सीटें मिलेंगी। इससे पहले वे ओपन कैटेगरी में भी एडमिशन या नौकरी हासिल कर सकते थे।

गठबंधन ने त्रिलोकी राम को बनाया उम्मीदवारः यहां गठबंधन की तरफ से बसपा ने त्रिभुवन राम को उम्मीदवार बनाया है। त्रिभुवन राम मायावती के मुख्यमंत्री रहने के दौरान पीडब्ल्यूडी में चीफ इंजीनियर थे। यहां आरक्षण के डर से दलितों के पसंद स्पष्ट है। एक खेतीहर मजदूर जीत बहादुर कहते हैं कि यदि मोदी सरकार सत्ता में आई तो वह वंचितों के लिए आरक्षण खत्म कर देगी। इस बारे में विस्तार से पूछने पर जीत बहादुर के पास कोई जवाब नहीं है।

 विकास विरोधी लोगों ने फैलाई अफवाहः इस बारे में इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए भाजपा नेता और यूपी के मंत्री श्रीकांत वर्मा कहते हैं कि इस तरह की अफवाह विकास विरोधी लॉबी द्वारा लोगों के बीच फैलाई गई है।

सपा-बसपा के बीच कोई टकराव नहींः किसान गगनदीप यादव का कहना था कि पहले जब सपा और बसपा अलग-अलग लड़ते थे तब टकराव होता था। अब कोई टकराव नहीं है। यहां से 30 किलोमीटर दूर केराकत में चाय दुकान चलाने वाले त्रिलोक बिंद का कहना हैकि मोदी सरकार को पांच साल और दिए जाने चाहिए। सरकार ने पिछले दो साल में विकास के साथ ही कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।

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