ताज़ा खबर
 

Lok Sabha Election 2019: अब 200 वैज्ञानिकों की अपील- विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन, बांटने वाली ताकतों को न करें वोट

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): लोकसभा चुनाव के बीच पहले सैन्य बलों के पूर्व प्रमुख व अन्य अधिकारियों को पत्र के बाद अब वैज्ञानिकों का बयान चर्चा में है। देश के 200 वैज्ञानिकों ने विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन और बांटने वाली ताकतों को वोट न करने की अपील की है।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव के बीच देश के शीर्ष संस्थानों के 200 से अधिक वैज्ञानिकों ने लोगों से अपने विवेक का इस्तेमाल कर वोट डालने की अपील की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि विरोधियों को देशद्रोही बताने का ट्रेंड चलाने वालों और लोगों को जाति, धर्म, भाषा आदि के आधार पर बांटने वाली ताकतों को वोट न करें।

वैज्ञानिकों ने कहा कि यह चलन न सिर्फ वैज्ञानिक संस्थानों बल्कि लोकतंत्र के लि्ए भी खतरा है।  3 अप्रैल को की गई अपील में हस्ताक्षर करने वाले कई वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले पांच सालों में चुने गए राजनेताओं की तरफ से उठाए गए कदम ने देश में ‘वैज्ञानिक विचार’ पर हमला किया है।

ये लोग शिक्षा, विज्ञान और लोकतंत्र के प्रति आलोचनात्मक रहे हैं। हस्ताक्षर करने वाले वैज्ञानिकों ने उस चलन पर भी चिंता जताई है जिसमें राजनैतिक विरोधियों और सवाल पूछने वालों को देशद्रोही के रूप में पेश किया जा रहा है। इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमैटिकल साइंसेंज, चेन्नई के वरिष्ठ भौतिकविज्ञानी सिताभ्रा सिन्हा ने 1799 में स्पैनिश आर्टिस्ट फ्रांसिस्को गोया की तस्वीर का हवाला देते हुए कहा, ‘गोया के शब्दों में जब चर्चा बंद हो जाती है और तर्क सो जाते हैं, तब दैत्य का जन्म होता है।’

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स में एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर पार्थ मजूमदार ने कहा, ‘एक वैज्ञानिक के रूप में, मुझे उन लोगों से सतर्क रहना होगा जो छात्रों और समाज को प्रभावित करते हैं, और जो विज्ञान के संचालन के लिए धन को नियंत्रित करते हैं।’

वैज्ञानिकों ने कहा, ‘यदि वैज्ञानिक विज्ञान का समर्थन नहीं करते हैं और उस जगह विरोध नहीं करते जहां वैज्ञानिक पद्धति से विचलन होता है, तो हम अपने कर्तव्य में असफल हो रहे हैं। इस अपील पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ वैज्ञानिकों ने कहा कि अनेक वैज्ञानिक सरकारी संस्थानों में काम कर रहे हैं और इसके बदले में आने वाले नतीजों के जोखिम का सामना कर रहे हैं।

पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में प्रोफेसर सत्यजीत रथ ने कहा, ‘वैज्ञानिकों ने इस समय यह असामान्य कदम उठाने का निर्णय इस लिए लिया है क्योंकि भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पिछड़ी दिखने वाली प्रतिगामी राजनीतिक विचारधाराएं हमें चिंतित कर रही हैं। ‘

उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि इससे पहले की हम बिल्कुल किनारे पर पहुंच जाएं, हम इतने समझदार है कि इस स्थिति को बदल सकें।’ वैज्ञानिकों ने हालांकि अपनी अपील में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जो लोगों की पिटाई करते हैं या उनका उत्पीड़न करते हैं, जो धर्म जाति, लिंग, भाषा और क्षेत्र के आधार पर लोगों को बांटते हैं, उन्हें खारिज कर दें।

Read here the latest Lok Sabha Election 2019 News, Live coverage and full election schedule for India General Election 2019

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App