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थोड़ा विकास हुआ, थोड़े की और जरूरत

दिल्ली को यूपी गेट के रास्ते जोड़ने वाला औद्योगिक महानगर गाजियाबाद दुनिया में तेजी से बढ़ने वाला दूसरा शहर माना गया है। हिंडन के किनारे बसे गाजियाबाद का शहरी इलाका जहां गगनचुंबी इमारतों और विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थाओं का केंद्र है। वहीं, इस लोकसभा क्षेत्र के कस्बानुमा क्षेत्र लोनी और मुरादनगर अभी विकास की रफ्तार में काफी पीछे हैं। लोनी इलाके के गुंडागर्दी और बदमाशी के माहौल पर अंकुश लगाने के लिए शुरू हुई औद्योगिक नीति अभी पूरी तरह से साकार नहीं हुई है। वहीं, मुरादनगर में सरकारी आयुद्ध फैक्ट्री और चीनी मिल का पुराना इतिहास रहा है। क्षेत्र में सबसे घनी आबादी वाली खोड़ा कॉलोनी एक कस्बेनुमा बड़े गांव का भी अहसास कराती है। शहरी और ग्रामीण परिवेश वाली इस मिश्रित लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं की प्राथकिताएं भी अलग-अलग हैं जिनके समाधान के लिए उन्हें जनप्रतिनिधियों से काफी उम्मीदें हैं।

विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह फोटो सोर्सः फाइनेंशियल एक्सप्रेस

गाजियाबाद और साहिबाबाद के नियोजित इलाकों में रहने वालों के लिए बदहाल हो चुकी कानून-व्यवस्था और यातायात जाम से निजात मौजूदा समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं, खोड़ा कॉलोनी में रहने वाले लाखों निवासी आज भी दिन भर पड़ोसियों से पानी, नाली और गंदगी को लेकर किचकिच करने पर मजबूर हैं। जहां, लोनी के ग्रामीण इलाकों के किसान बदहाल और कम उपज वाली खेती के लिए फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और पानी से मुक्ति चाहते हैं। वहीं, गन्ने का भुगतान नहीं कर रही चीनी मिल के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसान परेशान होकर इलाके को कोस रहे हैं।

अपने वाहन से बगैर रुके और तेज रफ्तार में दिल्ली या मेरठ पहुंचाने की उम्मीद में इलाके के नामी शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले एनएच-24 के चौड़ीकरण कार्य को जल्द पूरा होने को जरूरी बता रहे हैं। वहीं, लोनी में कारोबार या उद्योग चलाने वालों के लिए दिल्ली की तर्ज पर पुलिस व्यवस्था स्थापित किए जाने को सबसे बड़ी अहमियत बता रहे हैं। इलाके में जहां क्रासिंग रिपब्लिक, इंदिरापुरम और राज नगर एक्सटेंशन जैसी गगनचुंबी और महंगे फ्लैट वाले इलाके हैं। इन्हीं के साथ औद्योगिक इलाकों के पास गांवों से सटी दर्जनों की संख्या में कच्ची कॉलोनियां हैं। विभिन्न वर्ग, तबके और इलाके की मिश्रित आबादी वाले लोकसभा क्षेत्र की प्राथमिकताएं भी अलग-अलग हैं।

जनरल वीके सिंह बताते हैं कि पहले से विकास के लिहाज से गाजियाबाद ने नित नई मंजिलें तय की हैं। चाहे उनके कार्यकाल की विकासशील योजनाएं रही हों या फिर पिछली राज्य सरकार की, उन्हें अंजाम तक पहुंचाने में व्यक्तिगत स्तर पर पहल की है। विदेश राज्यमंत्री होने के बावजूद क्षेत्र की जनता से संवाद करने के लिए समय निकाला है। क्षेत्रवासियों की मेट्रो और सड़क विस्तार को अहम प्राथमिकता दी है। सुरक्षा और नारी सुरक्षा के तहत केंद्रीय योजनाओं को आगे बढ़ाया है। खोड़ा के समग्र विकास और लोनी के हालात में व्यापक सुधार की योजनाएं तैयार करार्इं। मध्यम एवं लघु उद्योगों की स्थापना समेत गाजियाबाद को उद्योग नगरी के रूप में और आगे ले जाने की कार्ययोजनाओं पर अमल कराया है। सांसद निधि से 2300 सोलर लाइट और गाजियाबाद में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई है। राज नगर एक्सटेंशन में देश के सबसे बड़े स्टेडियम की स्वीकृति दिलाई।

एनएच-24 पर यूपी गेट से हापुड़ तक चौड़ीकरण कार्य को कराया है। हिंडन एलिवेटेड रोड का यूपी गेट से राज नगर एक्सटेंशन तक 10.3 किलोमीटर निर्माण कार्य, 503 करोड़ रुपए की लागत से पिलखुआ-शामली के बीच साढ़े चार किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण, ग्राम सिखैड़ा से मुबारिकपुर तक 2.9 किलोमीटर लंबे मार्ग से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। विजय नगर से धोबीघाट तक 79 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का कार्य कराया। मेट्रो रेल विस्तार के तहत दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक लाने और सबसे अहम वैशाली से मोहननगर एवं नोएडा तक विस्तार का सर्वे कराकर मंजूरी की स्थिति तक पहुंचाया।

स्वास्थ्य सेवाओं के तहत साहिबाबाद स्थित केंद्रीय कर्मचारी बीमा निगम अस्पताल का केंद्र से अधिग्रहण कराकर नवीनीकरण कार्य शुरू कराया। धौलाना इलाके में आयुर्वेद अस्पताल स्थापित होगा। ट्रांस हिंडन, लोनी, विजय नगर, भोजपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल खुलेंगे। जननी सुरक्षा योजना के तहत 2838 लाभार्थियों को मदद पहुंचाई। 102 एम्बुलेंस के 17 वाहन शुरू कराए। दिव्यांग पेंशन के तहत 4600 लाभार्थियों को पेंशन की व्यवस्था कराई। धौलाना के कदौली में आइटीआइ की स्थापना और पिलखुआ हिंडालपुर में 13.3 करोड़ रुपए की लगात से राजकीय पॉलीटेक्निक का निर्माण शुरू कराया।

खोड़ा के विकास में रोड़ा
खोड़ा के निवासी वर्तमान सांसद बनाम पूर्व राजनेताओं के कार्यकाल में जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं बता रहे हैं। खराब सड़कें, नालियां, गंदगी के अंबार समेत चोरी व झपटमारी की घटनाओं में कोई बदलाव नहीं आया है। पानी और गंदगी को लेकर लोगों की किचकिच को दूर करने की कोई पहल नहीं हुई है। यहां रहने वाले आसिम के मुताबिक स्थिति में सुधार नहीं होने और मकानों की ऊंचाई बढ़ने से झगड़े बढ़े हैं। पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं करती है। वहीं, गाजियाबाद शहर में राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े त्रिलोक सिंह सबसे बड़ी कमी सांसद की इलाके से गैर मौजूदगी को ठहराते हैं। उनके मुताबिक, लोगों की शिकायतें सुनने के लिए सांसद प्रतिनिधि महज दिखावे का काम करते हैं। अखिलेश सरकार के कार्यकाल में शुरू कराए विकास कार्यों के पूरा होने पर मौजूदा सांसद फीता काट रहे हैं।

मंत्री के रूप में होती है तारीफ
सांसद की इलाके में गैर मौजूदगी को लेकर भले ही लोग शिकायत बता रहे हैं लेकिन वे भी भाजपा के विदेश राज्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को एतिहासिक मान रहे हैं। विदेश राज्यमंत्री के रूप में यमन में फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना, इराक में आइएसआइएस के हाथों मारे गए 39 भारतीयों के अवशेषों को लेकर अंतिम संस्कार के लिए परिवारों तक पहुंचाना, सूडान के जूबा शहर में विद्रोही एवं सैनिकों के संघर्ष के बीच आॅपरेशन संकट मोचन के तहत दो सी-17 विमानों से भारतीयों के स्वदेश लाने का वीके सिंह को श्रेय देते हैं।

वादे जो किए
गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी बनाना
नए सरकारी स्कूल और अस्पतालों समेत उच्च शिक्षा केंद्रों की स्थापना
गाजियाबाद का दिल्ली समेत अन्य सीमावर्ती जिलों से जाम मुक्त संपर्क मार्गों की स्थापना
यातायात सुविधा के तहत रेलवे और मेट्रो सेवाओं का विस्तार
खोड़ा में जल, सीवर, बिजली, सड़क की दिक्कतों को दूर कराना
ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर देते हुए समग्र विकास कराना

वादे जो वफा न हुए
प्रदूषण से जूझ रहे शहर को नहीं मिली राहत
किसानों के जमीनी विवादों का समाधान
कूड़ा निस्तारण समस्या का नहीं हो सका निदान, शहर में नहीं है कोई डंपिंग ग्राउंड
जाम की समस्या का नहीं हो सका समाधान, शहर के तीनों मुख्य मार्गों पर दिनभर रहता है जाम

क्या रहीं शिकायतें
क्षेत्र को व्यक्तिगत रूप से समय नहीं दिया। सांसद प्रतिनिधियों के सहारे इलाके को छोड़ा
विकास के नाम पर नया कुछ नहीं हुआ। पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए विकास कार्यों का फीता काटा
खोड़ा कॉलोनी पूरी तरह से उपेक्षित रहा।

सांसद का दावा
भारत के विदेश राज्यमंत्री की जिम्मेदारी के बावजूद गाजियाबाद के निवासियों को व्यक्तिगत स्तर पर समय दिया है। विदेशी यात्राओं और सरकारी दौरों के बावजूद औसतन हर तीसरे दिन गाजियाबाद समेत क्षेत्र में मौजूदगी रही है। जिलाधिकारी कार्यालय में होने वाली दिशा की बैठकों में नियमित भाग लिया है। क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली विकास योजनाओं पर काम जारी है।
– जनरल वीके सिंह, सांसद

विपक्ष के बोल
जनता को जब सांसद की जरूरत होती है, तब वे गैर मौजूद रहते हैं। पांच सालों में एक भी नया काम बताने के लिए नहीं है। जबरदस्ती किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी बनाने का दावा सफल नहीं हुआ। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है।
-डौली शर्मा, लोकसभा प्रत्याशी, कांग्रेस

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