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कर्नाटक: केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने पर तकरार, फिर कोर्ट पहुंची कांग्रेस

सिंघवी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के इशारे पर जो कुछ भी हो रहा है वो रूल बुक के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि परंपरा और नियम के मुताबिक सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को ही प्रोटेम स्पीकर बनाया जा सकता है लेकिन राजभवन ने फिर से नियमों को ताक पर रखा है।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “शरिया अदालतें भारतीय संवैधानिक प्रणाली के तहत एक दुर्लभ दिमागी उपज है, इस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।

कर्नाटक में सियासी नाटक जारी है। राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी विधायक केजी बोपैय्या को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। उन्हें गवर्नर ने शपथ भी दिला दी है। शनिवार को बहुमत परीक्षण से पहले बोपैय्या ही सभी विधायकों को सदस्यता की शपथ दिलाएंगे और बाद में बहुमत परीक्षण कराएंगे। बोपैय्या विराजपेट विधान सभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं। वो येदुरप्पा सरकार के दौरान साल 2009 से 2013 तक विधान सभा के स्पीकर रह चुके हैं। बोपैय्या के मनोनयन पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि कांग्रेस ने इस मामले में फिर अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के इशारे पर जो कुछ भी हो रहा है वो रूल बुक के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि परंपरा और नियम के मुताबिक सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को ही प्रोटेम स्पीकर बनाया जा सकता है लेकिन राजभवन ने फिर से नियमों को ताक पर रखा है।

सिघवी ने यह भी कहा कि बीजेपी चाहती थी कि विधान सभा में सीक्रेट बैलेट पेपर से बहुमत परीक्षण के दौरान वोटिंग हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इससे मना कर दिया। सिंघवी ने कहा कि शनिवार (19 मई) को होनेवाले शक्ति परीक्षण में अब गुप्त मतदान की व्यवस्था नहीं होगी।  कोर्ट ने अपने लिखित आदेश में प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने और उसकी निगरानी में ही बहुमत परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने किसी पर्यवेक्षक की नियुक्ति नहीं की है। ऐसे में प्रोटेम स्पीकर पर दबाव बढ़ गया है। बता दें कि जब नए विधानसभा का गठन होता है या जब विधान सभा स्पीकर या डिप्टी स्पीकर नहीं होते हैं तब राज्यपाल प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करता है। उसे स्पीकर के समान अधिकार मिले होते हैं।

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने केजी बोपैय्या को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने का स्वागत किया है और कहा है कि इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है। जावड़ेकर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बोपैय्या साल 2008 में भी प्रोटेम स्पीकर बनाए गए थे। जावड़ेकर ने कहा कि तब वो आज की उम्र से दस साल कम के थे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने नियमों के तहत ही उनकी नियुक्ति की है। सुप्रीम कोर्ट ने आज ही कर्नाटक के राज्यपाल का फैसला पलटते हुए 28 घंटे में बहुमत परीक्षण कराने का निर्देश दिया था। इस फैसले के बाद कल यानी शनिवार (19 मई) को शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण होना है।

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