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Karnataka Election Results 2018: बीजेपी सरकार बनवाने के गवर्नर के फैसले के ख‍िलाफ सुप्रीम कोर्ट गए राम जेठमलानी

Karnataka Election Results 2018 (कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम 2018): न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि वह न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष 18 मई को अपनी याचिका दायर करें जब कांग्रेस पार्टी और जनता दल ( सेक्यूलर ) की याचिकाओं पर सुनवाई होगी।

Karnataka Assembly Election Results 2018: देश के जाने-माने वकील राम जेठमलानी। (FILE Photo)

Karnataka Election Results 2018: वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कर्नाटक में भाजपा को सरकार बनाने का आमंत्रण देने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ आज (17 मई) उच्चतम न्यायालय का रुख किया। उन्होंने राज्यपाल के फैसले को ‘‘संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग’’ बताया।  राम जेठमलानी ने कहा, “राज्यपाल का आदेश संवैाधानिक शक्तियों का घोर दुरुपयोग है, इससे वह जिस पर विराजमान हैं उसकी मर्यादा को ठेस पहुंचा है।” उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी के समर्थन या विरोध में सुप्रीम कोर्ट नहीं आए हैं। बल्कि राज्यपाल ने जिस तरह से फैसला लिया है उससे वह आहत हुए हैं।प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने तत्काल सुनवाई के लिए दायर की गई जेठमलानी की याचिका पर विचार किया और कहा कि आज तड़के मामले की सुनवाई करने वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ कल (18 मई) इस पर सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि वह न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष 18 मई को अपनी याचिका दायर करें जब कांग्रेस पार्टी और जनता दल ( सेक्यूलर ) की याचिकाओं पर सुनवाई होगी।

इधर कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बी एस येद्दियुरप्पा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें विधानसभा में विश्वास मत जीतने और पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का ‘‘100 फीसदी भरोसा’’ है। उन्होंने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन को ‘‘अपवित्र’’ बताया और आरोप लगाया कि लोगों ने उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया है लेकिन इसके बावजूद वे सत्ता हथियाने की कोशिश में है। येद्दियुरप्पा ने कहा , ‘‘मुझे विश्वास मत में जीत हासिल करने और मेरी सरकार के पांच साल पूरे करने का विश्वास है।” उच्चतम न्यायालय में बुधवार रातभर चली दुर्लभ कानूनी लड़ाई के बाद शपथ लेने के तुरंत बाद येद्दियुरप्पा ने पहला संवाददाता सम्मेलन संबोधित किया। कांग्रेस-जद (एस) ने सरकार गठन को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

येद्दियुरप्पा ने सभी विधायकों से अपने ‘‘विवेक’’ के अनुसार और जनादेश बनाए रखने के लिए वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा , ‘‘मुझे सफलता का 100 फीसदी भरोसा है। मेरे पास मेरे और मेरी पार्टी के लिए लोगों का समर्थन है।” येद्दियुरप्पा के सामने अब 112 विधायकों का समर्थन पेश करने की चुनौती है। भाजपा 12 मई को हुए चुनावों में 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी। हालांकि चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।

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