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कांग्रेस के ऑफर पर कुमारस्‍वामी का खुलासा- गुलाम नबी आजाद ने मुझे फोन किया और कहा- तुरंत हां या ना कीजिए

उन्होंने कहा कि कई विपक्षी दलों की सोच है कि मौजूदा समय में देश और समाज को बांटा जा रहा है। वे सभी इसके खिलाफ एकजुट होना चाहते हैं।

कर्नाटक विधानसभा में शनिवार को जश्न मनाते जेडीएस नेता कुमारस्वामी और कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार (फोटो-पीटीआई)

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी बने हैं। 23 मई को उन्होंने सीएम पद की शपथ ली। कांग्रेस-जेडी(एस) के गठबंधन के वह नेता थे। लेकिन यह हुआ कैसे, इस बारे में उन्होंने सीएम बनने से पहले खुलासा किया था। कुमारस्वामी को कांग्रेस से ऑफर मिला था। उन्होंने आगे इस बारे में कहा कि राज्य में सियासी संकट दूर करने के लिए उन्होंने राज्य का नेतृत्व करने का फैसला किया।

इकॉनोमिक टाइम्स से कुमारस्वामी ने कहा था कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह मुख्यमंत्री बनेंगे लेकिन चुनावी नतीजों के दिन कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद का फोन आया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं ने सर्वसम्मति से फैसला ले लिया है और उन्हें पांच साल के लिए समर्थन देने का फैसला किया है। कुमारस्वामी ने कहा कि जब हमने इसके लिए समय मांगा तो आजाद ने कहा कि तुरंत फैसला लीजिए और हां या न कीजिए।

कुमारस्वामी ने बताया था कि इसके बाद वो अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पास गए और उन्हें दोनों विकल्प के बारे में बताया साथ ही उन्होंने क्या तय किया है, इस बारे में भी बताया। कुमारस्वामी ने कहा कि साल 2006 में जब उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी तब पूरे देश में इस बात को लेकर काफी हो-हल्ला हुआ था। साथ ही पिता-पुत्र के बीच सीएम को लेकर सियासी नाटक करने के आरोप लगे थे।

कर्नाटक सीएम के अनुसार, तब उन पर अपने पिता के माथे पर एक काला धब्बा लगाने का आरोप लगा था लेकिन अब उस धब्बे को धोने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी से दोस्ती नहीं कर उन्होंने देश को संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी पार्टी और परिवार आज भी उसी तरह समाजवादी है जैसा उनके पिता के समय में था।

उन्होंने आगे बताया कि यह सिर्फ उनका आंकलन नहीं है बल्कि पूरा देश इस वक्त बदलाव चाह रहा है। उन्होंने कहा कि कई विपक्षी दलों की सोच है कि मौजूदा समय में देश और समाज को बांटा जा रहा है। वे सभी इसके खिलाफ एकजुट होना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी भी बीजेपी के लोग उनकी गठबंधन सरकार के विश्वास मत परीक्षण में रोड़े अटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि 24 मई को विश्वास मत परीक्षण का फिलहाल फैसला किया गया है।

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