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कैराना उपचुनाव परिणाम 2018: योगी को यूपी सौंपना बीजेपी की भूल- हार के बाद न‍िशाने पर आए आद‍ित्‍य नाथ

Kairana Lok Sabha bypoll Election Result 2018: उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फजीहत देखी जा रही है। 2019 से पहले कैराना उपचुनाव बीजेपी और सीएम योगी के लिए साख का सवाल तो था ही साथ ही विपक्षी पार्टियों के लिए गठबंधन को परखने का मौका भी था।

यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ की फाइल फोटो। (Photo- Agency)

Kairana Lok Sabha bypoll Election Result 2018: उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फजीहत देखी जा रही है। 2019 से पहले कैराना उपचुनाव बीजेपी और सीएम योगी के लिए साख का सवाल तो था ही साथ ही विपक्षी पार्टियों के लिए गठबंधन को परखने का मौका भी था। इन परिणामों से बीजेपी विरोध के चलते एक साथ आए विपक्षियों की उम्मीदों को बल मिला। इसी के साथ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना यहां तक हो रही है कि उन्हें बतौर मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करना बीजेपी की भूल कहा जाने लगा है। गुरुवार (31 मई) को आए उपचुनावों के नतीजे के बाद सोशल मीडिया पर सीएम योगी की खूब आलोचना देखी गई। विपक्षी नेताओं ने तो योगी पर तीखे प्रहार किए ही, सोशल मीडिया भी इस हार के लिए उन्हें बख्शने के मूड में नहीं दिख रही है। पत्रकार शेखर गुप्ता ने एक ट्वीट में लिखा- ”फूलपुर और गोरखपुर के बाद कैराना बीजेपी के लिए इस कड़वे सच की पुष्टि नहीं करता है कि योगी मुख्यमंत्री बनाने लायक थे। यह एक संकेत हैं कि वह उतने पानी में भी नहीं हैं कि उनके गढ़ के लोग उन्हें वोट देते।”

साध्वी खोसला नाम की एक यूजर ने ट्वीट किया- ”आरएसएस और बीजेपी को चिंता करनी चाहिए क्योंकि भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश को योगी आदित्यनाथ को सौंपने का उनका फैसला भयानक रूप से गलत साबित हुआ, जो सोचते हैं कि वह राज्य को एक मठ की तरह चला सकते हैं। गोरखपुर, फूलपुर और कैराना के बाद संदेश साफ और तेज सुनाई देने वाला है।”

इसी तरह कई पत्रकारों और यूजर्स ने कैराना के नतीजों पर ट्वीट किए, जिनमें योगी, मोदी आदि को लेकर प्रतिक्रियाएं रखीं।

बीजेपी की मृगांका सिंह को हराने वाली आरएलडी की तबस्सुम हसन ने सीएम योगी से इस्तीफे मांग की। इससे पहले तबस्सुम हसन ने कहा- ”ये ना बीजेपी की मृगांका सिंह की हार है, न मेरी जीत। ये देश के महाबली नरेंद्र मोदी और प्रदेश के महाबली योगी आदित्यनाथ की हार है और विपक्षी गठबंधन की जीत…बीजेपी के लिए खतरे का लाल निशान।”

बता दें कि उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट समेत देश की 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर 28 मई को उपचुनाव हुए थे। यूपी, बिहार और झारखंड में विपक्षी दलों के एक साथ आने से बीजेपी करारी शिकस्त मिली है। कैराना लोकसभा सीट और नुरपूर विधानसभा सीट पर अखिलेश सपा-बसपा और आरएलडी की तिकड़ी से बीजेपी को नुकसान हुआ। बिहार में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन से आरजेडी ने जोकीहाट विधानसभा सीट छीन ली। यहां कांग्रेस ने आरजेडी का समर्थन किया। झारखंड में भी विपक्षी दलों का गठबंधन सत्तारूढ़ बीजेपी पर हावी निकला। कर्नाटक की राजराजेश्वरी नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मुनिरत्ना ने जीत दर्ज की। महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा सीट से बीजेपी जीती। वहीं, भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट एनसीपी के नाम रही। पंजाब की शाहकोट विधानसभा सीट पर कांग्रेस जीती। खबर लिखे जाने तक कुछ जगहों पर जीत-हार का फैसला बाकी था।

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