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Jharkhand Elections: जहां हुई थी तबरेज अंसारी की लिंचिंग, वहां जाने से कतराती हैं पार्टियां; पत्नीं बोली- शायद यहां मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका में नहीं

Jharkhand Assembly Election 2019, Kharsawan-Tabrez Ansari: तबरेज अंसारी की पत्नी साहिस्ता ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “कई राजनीतिक नेता कॉलोनी तक आते हैं, वोट मांगते हैं; लेकिन कोई हमारे पास नहीं आता। उन्हें शायद डर है कि वे वोट खो देंगे।”

Author रांची | Updated: December 6, 2019 12:06 PM
JHARKHAND ELECTION, TABREZ ANSARI 2झारखंड: तबरेज अंसारी फोटो- सोशल मीडिया

Jharkhand Assembly Election 2019, Kharsawan: झारखंड में विधानसभा चुनाव 2019 के लिए सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में जुटे हैं। राज्य में पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। दूसरे चरण में शनिवार (7 दिसंबर) को वोट डाले जाएंगे। इस चरण में खरसावां विधानसभा क्षेत्र में मतदान होना है जहां कुछ महीने पहले तबरेज अंसारी के साथ लिंचिंग की घटना अंजाम दी गई थी। गौर करने वाली बात है यह है कि विधानसभा चुनाव में ना झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख दशरथ घाघरी और ना ही उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी, भाजपा के जवाहर लाल बानरा सहित किसी भी उम्मीदवार द्वारा अंसारी का कोई उल्लेख किया गया।

तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग: इसी साल जून में, जमशेदपुर के खरसावां में तबरेज़ अंसारी नाम के एक व्यक्ति को कथित तौर पर चोरी के शक में एक पोल से बांधकर पीटा गया और जय श्री राम कहने के लिए मजबूर किया गया। जिसके कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। अंसारी की मृत्यु के बाद, 19 वर्षीय उसकी पत्नी साहिस्ता परवीन, खरसावां से बाहर अपनी मां के घर चली गई थी। शनिवार को चुनाव प्रचार समाप्त होते ही, साहिस्ता ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “कई राजनीतिक नेता कॉलोनी तक आते हैं, वोट मांगते हैं; लेकिन कोई हमारे पास नहीं आता। उन्हें शायद डर है कि वे वोट खो देंगे।” मुस्लिम वोट खरसावां में एक निर्णायक भूमिका में नहीं हैं ऐसे में तबरेज के परिवार का मानना ​​है कि राजनीतिक दल किसी एक समुदाय के हमदर्द के रूप में नहीं दिखना चाहते हैं।

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तबरेज के परिवार ने बयां किया दर्द: साहिस्ता की मां शहनाज़ बेगम ने कहा, “कई लोगों ने कहा कि वे हमारी मदद करेंगे। हमें कुछ लोगों से पैसे मिले, जिनका इस्तेमाल साहिस्ता के इलाज के लिए किया जा रहा है। लेकिन उसे खुद की आजीविका चलाने के लिए नौकरी चाहिए।” वहीं उनके पास के एक दुकानदार ने कहा कि मामले में आरोपी के रूप में उसके परिवार के दो सदस्य जेल में हैं। “निचली अदालत ने जमानत खारिज कर दी। हम उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। अपनी मतदान वरीयता पर उन्होंने कहा, भाजपा का समर्थन करने वाले विभिन्न संगठनों ने हमें राशन देने में मदद की।”

झारखंड में चुनाव: इन चुनावों में जहां भाजपा राज्य और केंद्र दोनों में सरकारों के साथ दोहरे इंजन के विकास के वादे पर वोट मांग रही है – तो वहीं JMM का मुख्य मुद्दा सत्तारूढ़ पार्टी के “आदिवासी विरोधी फैसले और कुशासन के पांच साल” है। यहां शनिवार को दूसरे चरण के तहत वोटिंग होगी। जहां मैदान में सीएम रघुबर दास की अगुवाई में सत्ताधारी बीजेपी के सामने जेएमएम, कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी समेत कई दूसरे दल मैदान में हैं। तबरेज कांड के बाद, झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने कहा था कि यह घटना राज्य में “कानून और व्यवस्था के पूरी तरह से टूटने” का संकेत है और अंसारी के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। लेकिन चुनाव के वक्त झामुमो या उसके उम्मीदवार इस घटना का जिक्र तक नहीं करते।

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