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सर्वे: यूपी की 52% जनता नरेंद्र मोदी को ही देखना चाहती है पीएम, राहुल की लोकप्रियता बढ़ी तो मायावती पिछड़ीं

उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के कामकाज से सितंबर 2018 में 41 प्रतिशत लोग संतुष्ट थे, जिनकी संख्या फरवरी में बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई है।

Author Updated: February 10, 2019 1:44 PM
राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी। (Photo: PTI)

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों ने मतदाताओं को अपनी ओर गोलबंद करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं, विभिन्न संस्थानों द्वारा जनता का मिजाज जानने के लिए सर्वे भी किए जाने लगे हैं। सर्वे के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जनता पिछली सरकार को ही वापस लाना चाहती है या बदलाव देखना चाहती है? ऐसा ही एक सर्वे इंडिया टुडे और एक्सिस माई इंडिया द्वारा सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश में किया गया। सर्वे के नतीजे ये बता रहे हैं कि यूपी की 52 प्रतिशत जनता नरेंद्र मोदी को ही फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है। एक बात और सामने आयी है कि जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी ओर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती का ग्राफ गिरा है।

सर्वे के माध्यम से उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के 8442 जनता के माध्यम से चुनावी मिजाज को जानने की कोशिश की गई। यह सर्वे 29 जनवरी से 6 फरवरी के बीच किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के बारे में सवाल पूछे गए। इसका नतीजा ये आया कि दिसंबर 2018 में जहां पीएम मोदी 51 प्रतिशत लोगों की पसंद थे, जो फरवरी 2019 में बढ़कर 52 प्रतिशत हो गया। बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की करें तो दिसंबर 2018 में जहां इनकी लोकप्रियता 26 प्रतिशत थी, जो फरवरी 2019 में बढ़कर 31 प्रतिशत गई। बसपा सुप्रीमो मायावती की लोकप्रियता का ग्राफ गिरा है। दिसंबर 2018 में उनकी लोकप्रियता का प्रतिशत जहां 11 प्रतिशत थी, वह फरवरी 2019 में गिरकर 8 प्रतिशत तक पहुंच गई।

सर्वे में केंद्र सरकार के कामकाज को लेकर भी जनता से राय मांगी गई। सितंबर 2018 में जहां 53 प्रतिशत लोग केंद्र सरकार से संतुष्ट थे। वहीं, फरवरी 2019 में यह प्रतिशत बढ़कर 54 पहुंच चुका है। वहीं, असंतुष्टों की संख्या सितंबर 2018 में 28 प्रतिशत थी, अब बढ़कर 32 प्रतिशत हो गई। ठीक-ठाक बताने वालों की संख्या 16 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत हो गई है।

उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के बारे में पूछे जाने पर ज्यादा लोगों ने योगी आदित्यनाथ का नाम लिया। दिसंबर 2018 में यह संख्या 38 प्रतिशत थी, जो फरवरी 2019 में बढ़कर 39 प्रतिशत हो गया। दिसंबर 2018 में 37 प्रतिशत लोगों की पसंद अखिलेश यादव थे, जो फरवरी 2019 में घटकर 33 प्रतिशत हो गया। इस दौरान मायावती का प्रतिशत घटकर 15 से 14 हो गया है। राजनाथ सिंह को यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में जहां दिसंबर 2018 में 6 प्रतिशत लोग देखना चाहते थे, अब उनकी संख्या घटकर 3 प्रतिशत हो गई है।

उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के कामकाज से सितंबर 2018 में 41 प्रतिशत लोग संतुष्ट थे, जिनकी संख्या फरवरी में बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, अंतुष्टों की संख्या भी 37 से बढ़कर 39 प्रतिशत हो गई है। ठीक-ठाक कहने वालों की संख्या 20 से घटकर 15 प्रतिशत हो गई है। सर्वे में यह बात सामने आयी है कि यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है। 30 प्रतिशत लोग रोजगार, 18 प्रतिशत महंगाई, 17 प्रतिशत कृषि, स्वच्छता 12 प्रतिशत, सड़क 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत पीने के पानी को मुद्दा मानते हैं।

राजनीति में प्रियंका गांधी के सक्रिय होने पर किसे सबसे ज्यादा नुकसान होगा? यह पूछे जाने पर 56 प्रतिशत लोगों ने सपा और बसपा का नाम लिया। 31 प्रतिशत लोग भाजपा का नुकसान बताते हैं। 31 प्रतिशत लोगों ने इस बारे में कोई राय नहीं दी। प्रियंका गांधी के आने से कांग्रेस को फायदा होगा? यह पूछे जाने पर 27 प्रतिशत लोगों ने ‘हां’ और 57 फीसद लोगों ने ‘न’ कहा।

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