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एग्जिट पोल: मतदाता की कसौटी पर कितने भरोसेमंद, गलत और सटीक अनुमानों पर एक नजर

चुनावों के नतीजों का अनुमान लगाने के लिए एग्जिट पोल किया जाता है। कोशिश होती है कि नतीजों को लेकर एक तस्वीर सामने आए। लेकिन भारत में अनुभव रहा कि इससे भ्रम ज्यादा फैला है।

लोकसभा चुनाव 2009, 2014 और विधानसभा चुनावों- दिल्ली, बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश में लोगों की नब्ज टटोलने में एग्जिट पोल बुरी तरह नाकाम रहे थे।

सातवें चरण के मतदान के आधा घंटा बाद मीडिया ने एग्जिट पोल के नतीजे दिखाने शुरू कर दिए। चुनावों के नतीजों का अनुमान लगाने के लिए एग्जिट पोल किया जाता है। कोशिश होती है कि नतीजों को लेकर एक तस्वीर सामने आए। लेकिन भारत में अनुभव रहा कि इससे भ्रम ज्यादा फैला है। अगर हम अतीत के एग्जिट पोल को देखें तो ये अनुमान कई बार गलत साबित हुए हैं। अक्सर सवाल उठता है एग्जिट पोल सटीक आकलन करता है या फिर इसे अनुमान के तौर पर तैयार किया जाता है? वर्ष 2014 से 2018 के बीच हुए विभिन्न चुनावों में जो एग्जिट पोल सामने आए, उनकी सटीकता को लेकर सवाल उठे हैं।

लोकसभा चुनाव के ऐन पहले हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर हुए एग्जिट पोल के नतीजे भी सटीक नहीं रहे। अलबत्ता राजस्थान से संबंधित सभी एग्जिट पोल में राज्य से वसुंधरा सरकार की विदाई तय बताई जा रही थी, जो सही साबित हुआ। लेकिन मध्य प्रदेश को लेकर एग्जिट पोल में तीन तरह की राय सामने आई। एक राय थी कि राजस्थान की तरह वहां भी भाजपा सरकार की विदाई होनी है, दूसरी राय में वहां कांटे की टक्कर थी और कुछ सर्वे एजंसियों ने कांग्रेस की सरकार बनने के दावे किए थे। छत्तीसगढ़ में अधिकांश एजंसियों ने अपने सर्वे में भाजपा की सरकार बनने के दावे किए थे।  इन राज्यों से पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। एग्जिट पोल में त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान लगाया गया था, जो सही साबित हुआ। लेकिन सरकार भाजपा की बनने के दावे किए जा रहे थे। वर्ष 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद एग्जिट पोल में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया था। वहां कांग्रेस ने जबरदस्त टक्कर दी और भाजपा किसी प्रकार अपनी सरकार बना सकी।

गुजरात में सी-वोटर ने 111 सीटों पर भाजपा और 71 सीटों पर कांग्रेस की जीत का अनुमान लगाया था। टुडे-चाणक्या ने भाजपा के खाते में 135 सीटें और कांग्रेस के खाते में 47 सीटों के जाने का अनुमान लगाया था। एग्जिट पोल के आंकड़ों का औसत देखें तो भाजपा को 65 फीसद सीटें जीतनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा ने चुनावों में 10 फीसद कम सीटों पर जीत हासिल की। वहां कांग्रेस पार्टी 77 सीटों पर परचम लहराने में कामयाब रही।

गलत अनुमान : लोकसभा चुनाव 2009, 2014 और विधानसभा चुनावों- दिल्ली, बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश में लोगों की नब्ज टटोलने में एग्जिट पोल बुरी तरह नाकाम रहे थे। लोकसभा चुनाव 2009 में एग्जिट पोल में एनडीए और यूपीए के बीच कड़ी टक्कर की बात कही गई थी। स्टार न्यूज/एसी नेल्सन ने एनडीए को 197, यूपीए को 199 और अन्य को 136 सीटें दी थी। टाइम्स नाऊ ने एनडीए को 183, यूपीए को 198 और अन्य को 162 सीटें दी थीं। एनडीटीवी ने यूपीए की बढ़त का दावा जरूर किया था, लेकिन सीटें महज 216 दी थीं। वहीं एनडीए को 177 सीटें मिलने की बात कही गई थी। इसके अलावा 150 सीटें अन्य को मिलने की बात कही गई। हेडलाइंस टुडे ने अपने एग्जिट पोल में एनडीए को 180, कांग्रेस को 191 और अन्य को 172 सीटें दी थीं। वहीं 2009 लोकसभा चुनाव में एनडीए को 159, यूपीए को 262 और अन्य को 122 सीटें मिली थीं।

लोकसभा 2014 के चुनाव में लगभग सभी एग्जिट पोल मोदी लहर को भांपने में नाकाम रहे थे। टाइम्स नाउ-ओआरजी के एग्जिट पोल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 249 सीटें मिलनी की संभावना जताई गई थी। कांग्रेस को 148 सीटें और अन्य को 146 सीटें मिलने का दावा किया गया। वहीं इंडिया टुडे-सिसरो के अपने एग्जिट पोल में एनडीए को 261 से 283 सीटें मिलने का दावा किया था। साथ ही यूपीए को 110-120 सीटें और अन्य को 150 से 162 सीटें दी थीं। सीएनएन-आईबीएन-सीएसडीएस ने एनडीए को 270 से 282, यूपीए को 92 से 102 और अन्य को 159 से 181 सीटें मिलने का अनुमान जताया था। इंडिया टीवी-सी वोटर के एग्जिट पोल में एनडीए को 289 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। यूपीए को सिर्फ 100 व अन्य के खाते में 153 सीटें बताई थीं। एनडीए ने 336, यूपीए ने 60 और अन्य ने 147 सीटों पर सफलता पाई। दिल्ली विधानसभा चुनाव में अकेले न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने आम आदमी पार्टी के पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया था। उसने भाजपा को 14-28, आप को 42-54 और कांग्रेस को 0-2 सीटें मिलने का दावा किया था। वहीं सी-वोटर ने भाजपा को 27-35, आप को 31-39 और कांग्रेस को 2-4 सीटें का अनुमान व्यक्तकिया। एसी नीलसन ने भाजपा को 28, आप-39 और कांग्रेस को 3 सीटें दीं। आप ने 70 में से 67 सीटें जीतीं। भाजपा को तीन सीटें मिलीं।

बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद हुए एग्जिट पोल में इंडिया टुडे-सिसरो ने भाजपा को 120, जेडीयू-राजद गठबंधन को 117 व अन्य को 6 सीटें दी थीं। वहीं इंडिया टीवी-सीवोटर ने भाजपा को 111, जदयू-राजद को 122 और अन्य को 10 सीटें मिलने की बात कही। दिल्ली के लिए सबसे सटीक भविष्यवाणी करने वाले टुडेज चाणक्या ने भाजपा को 155, जदयू-राजद को 83 और अन्य को 5 सीटें मिलने का दावा किया। एबीपी-नीलसन ने अपने सर्वे में भाजपा को 108, जदयू गठबंधन को 130 और अन्य को 5 सीटें दीं। भाजपा को 58 और जदयू-राजद को 178 सीटें हासिल हुईं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इंडिया टुडे-एक्सिस के सर्वे में भाजपा को 251 से 279, सपा-कांग्रेस गठबंधन के खाते में 88 से 112 सीटें और बीएसपी को 28 से 42 सीटें जाने का अनुमान जताया था। लेकिन एबीपी-सीएसडीएस के एग्जिट पोल में भाजपा को 156 से 169, सपा-कांग्रेस गठबंधन को 156 से 169 और बीएसपी के खाते में 60-71 सीटों की संभावना जताई गई। टुडेज चाणक्या ने अपने एग्जिट पोल में भाजपा को 285 सीटें, सपा-कांग्रेस को 88 सीटें और बीएसपी को 27 सीटों का अनुमान जताया था। वहीं इंडिया टीवी-सी वोटर ने अपने एग्जिट पोल में भाजपा को 155-167, सपा-कांग्रेस 135 से 147 और बीएसपी को 81 से 93 सीटें मिलने की संभावना जताई। हालांकि उत्तर प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिला। भाजपा ने 325, सपा ने 47, बसपा ने 19 और कांग्रेस ने सात सीटें जीतीं।

पंजाब विधानसभा चुनाव भी एग्जिट पोल एजंसियों के लिए मनमाफिक नहीं रहा। इंडिया टुडे-एक्सिस ने भाजपा-शिअद को 4-7, कांग्रेस को 62-71 और आप को 42-51 सीटें दी थीं। एबीपी-सीएसडीएस ने भाजपा-शिअद को 19-27, कांग्रेस को 46-56 और आप को 36-46 सीटें मिलने का अनुमान जताया। टुडेज चाणक्या ने भाजपा-शिअद को नौ, कांग्रेस को 54 और आप को 54 सीटें मिलने का अनुमान जताया था। इंडिया टीवी-सी वोटर का अनुमान था कि पंजाब में भाजपा-शिअद 5-13, कांग्रेस 41-49 और आप 59-67 सीटें जीतेगी। लेकिन चुनाव परिणाम अलग ही आए। कांग्रेस ने 77 सीटें जीतीं। आप 20 सीटों पर ही सिमट गई वहीं भाजपा-शिअद को 15 सीटें मिलीं।

सटीक अनुमान : साल 2016 में पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए थे। इस चुनाव के असल नतीजे एग्जिट पोल के काफी करीब रहे। चाणक्या ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के 210 सीटों पर जीत के अनुमान लगाए थे। वहीं इंडिया टुडे-एक्सिस ने यह संख्या 243 बताई थी। तृणमूल कांग्रेस ने 211 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि सारे अनुमान दूसरे नंबर पर रही पार्टी के मामले में गलत साबित हुए। इंडिया टुडे-एक्सिस को छोड़कर सभी एग्जिट पोल वाममोर्चा और कांग्रेस को 100 से अधिक सीट दे रहे थे, लेकिन असल नतीजों में वाम और कांग्रेस को महज 44 सीटें मिली थीं।

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