ताज़ा खबर
 

हरियाणा: इनेलो में महाभारत, दादा ओमप्रकाश चौटाला ने छात्र और युवा इकाई की भंग तो दोनों पोते हुए बागी

पोते दिग्विजय ने नयी दिल्ली में दोहराया कि उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला उस इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (इनसो) को भंग नहीं कर सकते जिसके वह प्रमुख थे।

Author October 13, 2018 9:29 PM
इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला।

हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने शुक्रवार (12 अक्टूबर) को चौटाला परिवार में आपसी मनमुटाव की खबरों को तवज्जो न देते हुए कहा कि उनके भतीजे दुष्यंत और दिग्विजय उनके ‘‘अपने बच्चे’’ हैं लेकिन जोर दिया कि पार्टी के अनुशासन को भंग करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, दिग्विजय ने शुक्रवार को भी बागी तेवर दिखाए। चौटाला परिवार में मनमुटाव गुरुवार को उस समय सामने आ गया जब इनेलो के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी की छात्र और युवा इकाइयों को भंग कर दिया। इनका नेतृत्व क्रमश: दुष्यंत और दिग्विजय कर रहे थे। अभय सिंह चौटाला ओमप्रकाश चौटाला के छोटे बेटे हैं। दुष्यंत और दिग्विजय अभय के बड़े भाई अजय सिंह चौटाला के बेटे हैं।

अभय ने कहा, ‘‘दुष्यंत (और दिग्विजय) के साथ कोई मनमुटाव नहीं है, वे हमारे बच्चे हैं।’’ हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘अनुशासन हमारी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। अगर कोई भी उसका उल्लंघन करता है तो पार्टी कार्रवाई करेगी।’’ अभय ने चंडीगढ़ स्थित अपने घर पर मनमुटाव को लेकर सवालों के जवाब देने के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि क्या हिसार लोकसभा सीट से इनेलो के सांसद दुष्यंत को पार्टी से निकाल दिया गया है।

इस बीच, दिग्विजय ने नयी दिल्ली में दोहराया कि उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला उस इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (इनसो) को भंग नहीं कर सकते जिसके वह प्रमुख थे। दिग्विजय ने कहा, ‘‘यूं तो इनसो वैचारिक तौर पर इनेलो से संबद्ध है, लेकिन यह सोसाइटी कानून के तहत एक अलग इकाई और एक पंजीकृत संगठन है। सिर्फ इसके संस्थापक- मेरे पिता अजय चौटाला- या इसकी कार्यकारिणी को इसके कामकाज के बारे में फैसला करने का अधिकार है।’’

बता दें कि गोहाना में सात अक्टूबर को एक रैली में युवाओं के एक समूह ने कथित रूप से अभय के खिलाफ नारेबाजी की और दुष्यंत के लिए तालियां बजायी थीं। इसके बाद इनेलो की इन दोनों इकाइयों को गुरुवार को भंग कर दिया गया। पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की 105वीं जयंती के मौके पर गोहाना में रैली आयोजित की गयी थी। अभय ने कहा कि छात्र और युवा इकाइयों से रैली का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था और ‘‘जब वे ऐसा करने में नाकाम रहे, तब चौटाला साहब ने कदम उठाया।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App