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Haryana Elections 2019: खिलाड़ियों के भरोसे ‘दंगल’ में BJP! 7 MLA का काटा टिकट; देखें कौन कहां से लड़ेगा चुनाव

भगवा पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2019 के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इसमें बबीगा फोगाट को दादरी से, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को करनाल सीट से टिकट दिया है।

Author नई दिल्ली | Updated: October 14, 2019 12:49 PM
बीजेपी की ओर से हरियाणा विस चुनाव 2019 में इस बार ये स्पोर्ट्स्टार्स पंच लगाते नजर आएंगे। (फाइल फोटो)

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। सोमवार (30 सितंबर 2019) को आई इस सूची में कुल 78 कैंडिडेट्स के नाम हैं। लिस्ट के तहत रेसलर योगेश्वर दत्त को बरोदा से टिकट दिया गया है, जबकि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह को पेहोवा सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा।

बता दें कि खेल जगत से जुड़ी ये दोनों ही हस्तियां हाल ही में बीजेपी में शामिल हुई हैं। भगवा पार्टी ने इसके अलावा बबीगा फोगाट को दादरी से, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को करनाल सीट से टिकट दिया है। पार्टी ने इसके अलावा चुनाव से ऐन पहले सात विधायकों का टिकट भी काट दिया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने राजधानी दिल्ली में मीडिया से कहा कि हाल में शामिल हुए कुछ खिलाड़ियों को भी टिकट दिए गए हैं। पहलवान बबीता फोगाट, पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान संदीप सिंह, ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त को क्रमश: दादरी, पिहोवा और बरोदा से उम्मीदवार बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 90 सदस्यीय विधानसभा में चुनाव के लिए 38 विधायकों को फिर से टिकट दिया है और उनमें से सात के टिकट काट दिए हैं। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक रविवार को हुई थी।

खट्टर, 2014 में करनाल सीट से चुनाव जीते थे। हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला टोहाणा, कैप्टन अभिमन्यु नारनौंद और ओम प्रकाश धनखड़ बादली से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और जाट नेता बिरेंद्र सिंह की विधायक पत्नी उचाना कलां से चुनाव लड़ेंगी, जबकि इस सीट पर 2014 में उन्होंने जीत हासिल की थी। उम्मीदवारों में नौ महिलाएं और दो मुस्लिम हैं। देखें, भगवा पार्टी ने किस कैंडिडेट को कहां से चुनावी मैदान में उतारा हैः

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख चार अक्टूबर है। आम चुनाव 2019 के दौरान विपक्षी खेमे के बिखरे रहने से बीजेपी फिर राज्य में बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटने को लेकर आश्वस्त है। ‘मोदी लहर’ के सहारे पार्टी ने 2014 में पहली बार 47 सीटें जीती थी। पहले भगवा पार्टी, गैर कांग्रेसी सरकारों में जूनियर सहयोगी की भूमिका में रहती थी और अग्रणी ताकत के तौर पर कभी उसे नहीं देखा जाता था।

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