ताज़ा खबर
 

जिग्‍नेश ने नौ मिनट में छह बार पीएम मोदी को कहे अपशब्‍द, कन्‍हैया कुमार ने भी ललकारा

कन्हैया ने नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ जनसमूह को ललकारा और केंद्र की सत्ता से उसे 2019 में उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (बाएं) और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी। (फोटो- PTI)

बिहार की राजधानी पटना में सीपीआई की रैली में गुरुवार (25 अक्टूबर) को तमाम विपक्षी दलों के नेता एकजुट हुए और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। रैली को संबोधित करते हुए जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर जोरदार हमला बोला। कन्हैया ने कहा कि भाजपा श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के बहाने राजनीतिक लाभ लेना चाहती है लेकिन वह यह भूल गई कि श्रीकृष्ण सिंह का कभी भाजपा से कोई संबंध नहीं रहा। कन्हैया ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में अघोषित आपातकाल लागू है। उन्होंने कहा कि जब वो अपने साथी से मिलने एम्स पहुंचे तो डॉक्टर की वेश-भूषा में मोदी-मोदी जपने वालों ने वहां से चले जाने को कहा। उन्होंने कहा कि वो अमित शाह के बेटे नहीं हैं कि जो घोटाला कर ले तब भी जेल न जाएं। कन्हैया ने कहा कि वो आम आदमी हैं और देश के कानून का पालन करना जानते हैं।

कन्हैया से पहले दलित नेता और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर जोरदार हमला बोला। आलम यह था कि उन्होंने अपने नौ मिनट के भाषण में छह बार पीएम मोदी को अपशब्द कहे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की “भाजपा हराओ, देश बचाओ” रैली को संबोधित करते हुए जिग्नेश 6 बार प्रधानमंत्री को ‘नमक हराम’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने मोदी को कप्तान कहकर संबोधित किया और कहा कि वह नमक हराम हैं और उनकी सबसे ज्यादा नमक हरामी गुजरात के लोगों ने देखी है। उन्होंने पीएम पर तंज कसते हुए कहा कि गुजरात ने ऐसा मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट वाला पीस दिल्ली भेज दिया, इसके लिए वो बिहार समेत देश की करीब 130 करोड़ जनता से माफी मांगते हैं। जिग्नेश ने हाल ही में गुजरात में यूपी-बिहार के लोगों के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कितने नमक हराम हैं इस बात का अंदाजा इसी से लगता है कि गुजरात में उत्तर भारतीयों की पिटाई हो रही थी मगर इन नमक हराम की जुबान से एक शब्द नहीं निकल सका।

कन्हैया ने नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ जनसमूह को ललकारा और केंद्र की सत्ता से उसे 2019 में उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। दशरथ मांझी का उल्लेख करते हुए कन्हैया ने कहा कि बिहार दशरथ मांझी की माटी है, जिसने जो प्रण कर लिया, वो पूरा करके रहेगा। उन्होंने पीएम मोदी को हटाने के लिए फिल्मी डायलोग बोले और कहा कि  जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। अपने भाषण के अंत में कन्हैया ने आजादी का गीत भी गाया और लोगों से आजादी लेने के लिए आगे बढ़ने और संगर्ष करने का आह्वान किया। बता दें कि इस रैली में सीपीआई के अलावा अन्य वाम दल, कांग्रेस, राजद, सपा समेत तमाम विपक्षी दलों के लोगों ने शिरकत की।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App