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गोवा में सरदेसाई ने खराब कर दि‍या कांग्रेस का खेल, जानि‍ए कैसे दि‍ग्‍वि‍जय सि‍ंह से बाजी मार गए नि‍ति‍न गडकरी

11 मार्च को आए नतीजों में गोवा में कांग्रेस को 17 और बीजेपी को 13 सीटें मिली थीं।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और केंद्रीय नेता नितिन गडकरी अपनी पार्टियों की तरफ से गोवा के चुनाव प्रभारी हैं।

गोवा में आज (14 मार्च) को मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भी मंगलवार को कहा कि उन्हें गुरुवार तक बहुमत साबित करना होगा। कांग्रेस का तर्क था कि उसे राज्य में 17 सीटें मिली हैं लिहाजा सरकार बनाने के लिए उसे पहले न्योता मिलना चाहिए था। लेकिन एेसा क्या हुआ कि बीजेपी से ज्यादा सीट मिलने के बावजूद कांग्रेस सरकार बनाने से चूक गई। माना जा रहा है कि भले ही यह मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस का रहा हो, लेकिन नतीजे आने के बाद पर्दे से पीछे टक्कर कांग्रेस के गोवा प्रभारी दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच थी।

दरअसल रविवार की रात मनोहर पर्रिकर और बीजेपी के गोवा प्रभारी नितिन गडकरी एक फाइव स्टार होटल में थे। उनके पास एमजीपी का समर्थन तो था, लेकिन अब तक गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने हां नहीं की थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक तभी एंट्री होती है विजाई सरदेसाई (पत्रकार राजदीप सरदेसाई के कजिन ) की, जो गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष हैं। उनके आते ही पूरा खेल बीजेपी के पाले में आ जाता है। बता दें कि पर्रिकर कई बार सरदेसाई की खुलेआम आलोचना कर उन्हें एक पॉलिटिकल फिक्सर बता चुके हैं।

वहीं दूसरी ओर एक अन्य फाइव स्टार होटल में कांग्रेस इस बात पर मत्थापच्ची कर रही थी कि किसी मुख्यमंत्री चुना जाए। कांग्रेस ने 5 घंटे इस पर बहस की कि क्या राज्य अध्यक्ष लुइजिन्हो फालेरो, पूर्व मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत और प्रताप सिंह राणे को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए, लेकिन तीनों ने ही एक दूसरे को रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद निराश कांग्रेसी नेता होटल के बाहर आने पर आलाकमान पर राज्य में सरकार बनाने का मौका गंवाने का आरोप लगाते हैं। जब यह खबर आती है कि गडकरी और अन्य विधायक सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मिलने पहुंचे हैं, तो कांग्रेस पार्टी हड़बड़ाहट में तीन बार विधायक रहे चंद्रकांत कावलेकर को सीएम पद का दावेदार चुन लेती है, जिससे सब हैरान हो जाते हैं।

विजाई सरदेसाई गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष हैं।

दिग्विजय सिंह जो गोवा के प्रभारी भी हैं, राज्य में सरकार बनाने का मौका गंवाने की बात स्वीकार कर लेते हैं और निर्दलीय उम्मीदवार रोहन खौंटे और सरदेसाई पर धोखा देने का आरोप लगाते हैं। सूत्र बताते हैं कि शनिवार को जब पूरे नतीजे आ गए थे तो दिग्विजय सिंह ने सरदेसाई से मुलाकात की थी, जिन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने का भरोसा दिलाया था। वहीं शनिवार रात को ही गडकरी गोवा पहुंचते हैं। पहले वह एमजीपी को समर्थन के लिए राजी करते हैं। इसके बाद सरदेसाई से बातचीत का दौर चलता है, लेकिन वह नाखुश होकर चले जाते हैं। अगली सुबह सरदेसाई गडकरी को फाइव स्टार होटल में आने को कहते हैं, जहां दोनों के बीच एक डील होती है, जिसमें तय होता है कि कैबिनेट में जीएफपी के तीन मंत्री होंगे। इस तरह दिग्विजय के हाथों से गडकरी गोवा में सरकार बनाने का मौका छीन लेते हैं।

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