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गोवा : कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या बताया तो भाजपा बोली- आत्मचिंतन करने की जरुरत

भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर दोष मढ़ने की बजाय आत्मचिंतन करना चाहिए क्योंकि जिसके पास बहुमत होगा, उसे ही सरकार बनाने का न्यौता मिलेगा।

Author March 14, 2017 11:32 AM
गोवा में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है।(photo source -Indian express)

गोवा में भाजपा के सरकार बनाने की तैयारी को लोकतंत्र की हत्या बताने के कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर दोष मढ़ने की बजाय आत्मचिंतन करना चाहिए क्योंकि जिसके पास बहुमत होगा, उसे ही सरकार बनाने का न्यौता मिलेगा। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए। जिसके पास बहुमत होगा, सबसे अधिक विधायक होंगे, उसे ही सरकार बनाने का न्यौता मिलेगा। गोवा में भाजपा के साथ सभी छोटे दल है, बहुमत है। इसलिए उसे सरकार बनाने का न्यौता मिला है। गोवा में स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है।

भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि आज की परिस्थिति में कांग्रेस को इस बारे में आत्मचिंतन करना चाहिए कि वह अकेली क्यों खड़ी है ? जबकि भाजपा के साथ सभी छोटे दल हैं। ऐसा क्यों हुआ है ? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐसी कैसी नीतियां रही है जिसके कारण आज उसके साथ कोई आने को तैयार नहीं है। इन सभी बिन्दुओं पर कांग्रेस पार्टी को विचार करना चाहिए। भाजपा पर दोष मढ़ने की बजाए कांग्रेस आत्मचिंतन करे।

दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। कांग्रेस गोवा और मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी बनी है लेकिन उसे सत्ता से दूर रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार किया जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि भाजपा गोवा में लोकतंत्र का मजाक उड़ा रही है। सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद कांग्रेस को मौका नहीं दिया गया।

कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए खुद को न बुलाए जाने पर आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि गोवा विधानसभा चुनाव में वह अकेले सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है। उल्लेखनीय है कि गोवा में कांग्रेस के 17 विधायक हैं जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या 13 है। गोवा फारवर्ड पार्टी और एमजीपी के तीन-तीन विधायक हैं, तीन विधायक निर्दलीय और राकांपा का एक विधायक है। पार्टी ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर पर्रिकर की नियुक्ति को चुनौती भी दी है। उच्चतम न्यायालय आज सुबह 11 बजे इस मामले की सुनवाई करने वाला है। मणिपुर में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। मणिपुर में भाजपा दूसरे स्थान पर रही है। दोनों दलों ने मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया है।

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