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कहकशां परवीन: पहली बार अपने लिए ही किया था मताधिकार का इस्‍तेमाल

राज्यसभा की जदयू सांसद कहकशां परवीन के लिए पहली दफा वोट डालना बड़ा रोमांचकारी और कौतूहल का विषय था। उन्‍हेंने पहली दफा 2002 में वोट डाला था।

Author भागलपुर | January 21, 2019 4:49 PM
राज्यसभा की जदयू सांसद कहकशां परवीन

राज्यसभा की जदयू सांसद कहकशां परवीन के लिए पहली दफा वोट डालना बड़ा रोमांचकारी और कौतूहल का विषय था। उन्‍हेंने पहली दफा 2002 में वोट डाला था। वह भी खुद के लिए। 2002 में भागलपुर नगर निगम का चुनाव हुआ था। ससुराल वालों ने वार्ड 47 से चुनाव का पर्चा भरवा दिया। उस चुनाव सेे पहले उन्‍होंने मताधिकार का इस्‍तेमाल नहीं किया था। चुनाव जीत कर वह वार्ड पार्षद तो बनी हीं, महापौर की कुर्सी भी पा गईं। महापौर की सीट महिला के लिए सरकार ने आरक्षित कर दी थी। उस वक्त इनकी उम्र केवल 23 साल की ही थी। वह सियासत के खेल से अनजान थींं। वे कहती है कि कुर्सी सब कुछ सिखा देती है। शायद तभी वह बहुत जल्‍द महापौर से राज्‍यसभा सांसद भी बन गईं।

20 जनवरी को भागलुपर में विशेष बातचीत में उन्‍होंने अपनी शादी से जुड़ी बातें भी साझा कीं। उन्‍होंने बताया कि उनका जन्म रांची (अब झारखंड की राजधानी) में हुआ था। पढ़ाई-लिखाई भी वहीं हुई। शादी का वक्त आया तो रिश्ते कोलकत्ता और मीरगंज से भी आए। मगर दादी ने दूर कहकर इनकार कर दिया। वह तो भागलपुर के लिए भी तैयार नहीं थीं। दादी की दिली इच्छा थी कि कहकशां उनके पास ही रहे। वह चाहती थी कि रांची में ही रिश्ता तय हो जाए। कहकशां कहती हैं, ‘मगर नसीब ने जोर मारा और मैं नसीम की हो गई।’ इनके शौहर भागलपुर में ही व्यापार करते है।

कहकशां की शादी साल 2000 में हुई थी। इनकी दो बेटियां है। बड़ी बेटी ग्यारहवीं और छोटी आठवीं में पढ़ती है। वह कहती हैंं कि जब तक घरेलू महिला बनने के हुनर सीखती तब तक राजनीति में आ गई। भागलपुर नगर निगम 1981 में बना। मगर चुनाव 2002 में हुआ। इसकी मैं पहली महापौर बनी। उस दिन को याद करते हुए वह कहती हैं- पार्षदों की पहली बोर्ड बैठक हुई। वहां अजीब सा नजारा था। महिला पार्षद की जगह उनके पति बैठे थे। कई ऐसी थीं जो पति के साथ बैठी थीं। मैंने पार्षद के पतियों को बाहर निकलवाया। इस पर हंगामा हो गया। राजनीति का मेरे लिए यह यादगार पल बन गया। मैनें महिला पार्षदों की झिझक तोड़ी।

महापौर के बाद कहकशां बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष बना दी गईं। 2006 में कहकशां ने जदयू की सदस्यता ली। 2010 में महिला आयोग की अध्यक्ष बनाई गई। जदयू के टिकट पर कहलगांव से बिहार विधान सभा का चुनाव भी लड़ा, पर वहां हार हो गई। तब 2014 में राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुईंं।क्या 2019 में लोकसभा का चुनाव लड़ने की सोच रही हैं? जवाब में हंसते हुए कहकशां कहती हैं- पार्टी की कार्यकर्ता हूं। आलाकमान के हरेक आदेश का पालन करूंगी।

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