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सोनिया गांधी ने कांग्रेसियों को कराया डिनर, राजनीति छोड़ दर्शन बतियाते रहे दिग्‍गज

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, आनंद शर्मा और कुमार केतकर भी उस दौरान चर्चा में शामिल थे।

Author Updated: January 13, 2019 1:20 PM
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संसद का हालिया सत्र समाप्त होने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को रात के खाने पर बुलाया था। नई दिल्ली स्थित संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में यह डिनर का कार्यक्रम हुआ। वहां मुख्य टेबल के पास बैठे पार्टी के वरिष्ठ नेता खाने के साथ बातें कर रहे थे। पर रोचक बात है कि उनके बीच आगामी लोकसभा की रणनीति या फिर 2018 में तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव (मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़) में जीत पर चर्चा न होकर दर्शनशास्त्र और धर्म पर हो रही थी।

खाने के दौरान चर्चा इन गंभीर और गहरे विषयों तक पहुंची कैसे? दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शैव और ताओ विचारधारा की तुलना कराई थी। उन्होंने इसके अलावा बुद्ध, जैन व आदि शंकराचार्य के साथ महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध के अहिंसा आंदोलन के बीच के फर्क का जिक्र छेड़ा था।

पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, आनंद शर्मा और कुमार केतकर भी उस दौरान चर्चा में शामिल थे। वहीं, सोनिया, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सभी की बातें शांतिपूवर्क सुन रहे थे।

वैसे संसद के हर सत्र के बाद सोनिया, पार्टी सांसदों को रात के खाने पर निमंत्रित करती रहीं हैं। मंगलवार (आठ जनवरी, 2019) को संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह डिनर पहले के आयोजनों के मुकाबले अधिक मायने रखता है। कारण- कांग्रेस आम चुनाव से पहले अपने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को साधना चाहती है, लिहाजा उसके लिए यह कार्यक्रम अहम था।

इससे पहले, यूपीए अध्यक्ष ने विपक्ष की लगभग 21 पार्टियों को रात के खाने पर आमंत्रित किया था। उस दौरान सभी पार्टियों के नेताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था।

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