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हिमाचलः कई मायनों में अजूबा है मंडी लोकसभा क्षेत्र

हिमाचल प्रदेश का मंडी लोकसभा क्षेत्र देश भर में कई मायनों में अलग महत्त्व रखता है। यह लोकसभा क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर के बाद सबसे ज्यादा क्षेत्रफल वाला है।

Author मंडी | Updated: April 16, 2019 1:42 AM
पूरे हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल लगभग 55 हजार वर्ग किलोमीटर है वहीं अकेले मंडी लोकसभा क्षेत्र ही 34 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला है। (फोटो-Wikipedia)

हिमाचल प्रदेश का मंडी लोकसभा क्षेत्र देश भर में कई मायनों में अलग महत्त्व रखता है। यह लोकसभा क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर के बाद सबसे ज्यादा क्षेत्रफल वाला है। जहां पूरे हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल लगभग 55 हजार वर्ग किलोमीटर है वहीं अकेले मंडी लोकसभा क्षेत्र ही 34 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला है।
इस क्षेत्र में सर्दियों में चुनाव होने संभव नहीं होते क्योंकि इसका एक बड़ा भाग समुद्रतल से छह हजार फुट की ऊंचाई से अधिक है। वहां पर साल में छह महीने कई-कई फुट बर्फ पड़ी रहती है और ऊंची पहाड़ियों से गुजरने वाले रास्ते जिन्हें जिन्हें जोत यानी पास कहा जाता है, आवाजाही के लिए बंद हो जाते हैं।

चंडीगढ़-लेह मार्ग पर समुद्रतल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा इसी क्षेत्र में आता है जहां पर सर्दियों में 20 फुट से ज्यादा तक बर्फ गिर जाने से लाहुल स्पीति विधानसभा क्षेत्र व भरमौर का पांगी शेष विश्व से कट जाता है। रोहतांग दर्रा इस लोकसभा क्षेत्र को साल भर आपस में जोड़े रखने में सबसे बड़ी बाधा है जो इसी साल खत्म हो जाने के आसार बन गए हैं क्योंकि इसके नीचे से सुरंग बन रही है जिसका काम पूरा होने वाला है। ऐसे में रोहतांग दर्रे की रुकावट का यह अंतिम चुनाव होगा।
मंडी लोकसभा क्षेत्र की एक बड़ी सीमा चीन के कब्जे वाले तिब्बत के साथ लगती है। किन्नौर के छित्तकुल, स्पीति के समधो, चिचिम, लाहुल के बारालाचा व पांगी के कुछ क्षेत्र चीन की सीमा से सटे हैं।

गर्मी के मौसम में ही होता है मतदान
मंडी लोकसभा क्षेत्र में तीन कबाइली क्षेत्र लाहुल स्पीति, पांगी भरमौर व किन्नौर आते हैं जो बर्फ के कारण शेष विश्व से कट जाते हैं। ऐसे में मंडी लोकसभा क्षेत्र में सर्दियों के दौरान मतदान होना संभव नहीं होता और यह केवल गर्मियों में ही करवाया जाता है। ऐसा कई बार हुआ है कि लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले कुल 17 विधानसभा हलकों में से 14 में मतदान तो आम चुनाव के साथ सर्दियों में हो गए मगर तीन जनजातीय क्षेत्रों में यह मतदान गर्मियों में होने के कारण महीनों तक 14 क्षेत्रों की मतपेटियां सुरक्षा में रखनी पड़ी।

एशिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र
1-एशिया का सबसे ऊंचाई वाला मतदान केंद्र लाहुल स्पीति में समुद्रतल से 15256 फीट की उंचाई पर स्थित टशीगंग है।
हाई प्रोफाइल बना क्षेत्र
पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और अब प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ इस सीट का सीधा संबंध होने के कारण यह सीट इस बार हाई प्रोफाइल श्रेणी में आ गई है। पहली बार यहां से दो ब्राह्मण उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस की ओर से आमने सामने होंगे।
मंडी हलका
कुल मतदाता-12,72000
पुरुष मतदाता-6,55651
महिला मतदाता-6,16584

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