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सपा और बसपा के मतदाताओं को रिझाने में जुटीं कांग्रेस व भाजपा

गांधी परिवार की पुरानी सीट अमेठी और रायबरेली में सपा-बसपा के उम्मीदवार नहीं हैं। इससे दलित और पिछड़ी जाति के मतदाता दुविधा में हैं, जबकि दोनों समुदाय का यहां बड़ा वोट बैंक है।

Author अमेठी | Updated: April 4, 2019 1:31 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (Photo: PTI)

गांधी परिवार की पुरानी सीट अमेठी और रायबरेली में सपा-बसपा के उम्मीदवार नहीं हैं। इससे दलित और पिछड़ी जाति के मतदाता दुविधा में हैं, जबकि दोनों समुदाय का यहां बड़ा वोट बैंक है। कांग्रेस और भाजपा इन मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटी हुई हैं। अमेठी में कांग्रेस से राहुल गांधी और भाजपा से स्मृति ईरानी मैदान में हैं। बाकी किसी भी दल के उम्मीदवार का एलान अब तक नहीं हुआ है। सपा-बसपा ने पहले ही अमेठी-रायबरेली सीट छोड़ रखी हैं। इस कारण भाजपा और कांग्रेस के आमने-सामने होने से दलित व पिछड़ी जाति के मतदाता दुविधा में हैं। अमेठी और रायबरेली में पांच-पांच विधानसभा सीटें हैं। अमेठी लोकसभा में सलोन और जगदीशपुर आरक्षित सीट हैं। जबकि अमेठी, गौरीगंज और तिलोई सामान्य सीट हैं। अमेठी, सलोन, जगदीशपुर और तिलोई में भाजपा के विधायक हैं और गौरीगंज सपा के पास है।

पिछले विधानसभा चुनाव में अमेठी लोकसभा की पांच विधानसभा सीटों में भाजपा को गौरीगंज छोड़कर 3,22592 वोट पड़े थे जबकि कांग्रेस को अमेठी छोड़कर 2,16925 वोट पड़े थे। सपा को अमेठी और गौरीगंज में 1,37076 वोट मिले थे। सपा के बाकी तीन सीटों पर सम्मानजनक वोट नहीं थे। बसपा को यहां सभी सीटों पर 1,87224 वोट मिले थे। विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों के आंकड़े के हिसाब से अमेठी लोकसभा में सपा-बसपा को करीब 4 लाख वोट पड़ते हैं। लेकिन 2019 के आम चुनाव में सपा-बसपा के उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं। इससे अमेठी के ये चार लाख दलित और पिछड़ी जाति के मतदात दुविधा में हैं। अमेठी-रायबरेली में सपा-बसपा के वोटरों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों जुटे हैं। सपा-बसपा गठबंधन ने अमेठी व रायबरेली सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी हैं। लेकिन गंठबंधन के मतदाता समर्थन के नाम पर मौन हैं।

बसपा अमेठी-रायबरेली में पहली बार कांग्रेस के समर्थन में है। 2014 के आम चुनाव में बसपा का उम्मीदवार चुनाव मैदान में था। रायबरेली संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में दो कांग्रेस, दो भाजपा और एक सपा के पास है। गत विधानसभा चुनाव में रायबरेली में बसपा को 2,14017 वोट मिले थे। इतने ही सपा के पक्ष में पड़े थे। अमेठी-रायबरेली संसदीय क्षेत्र में बसपा का कोई विधायक नहीं है, लेकिन सपा के एक-एक विधायक दोनों संसदीय क्षेत्र में हैं। अमेठी में कांग्रेस का कोई विधायक नहीं है। कांग्रेस के पास नगर पंचायत, नगरपालिका और जिला पंचायत की कमान भी नहीं है। अमेठी में केवल कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी और एक विधान परिषद सदस्य ही हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा कांग्रेस के समर्थन में थी लेकिन सपा के विधायक स्मृति ईरानी के समर्थन में थे। तब ईरानी को तीन लाख वोट मिले थे।

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