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Election Results 2022: बीजेपी को चार राज्‍यों में मिला बूस्‍टर शॉट, राष्‍ट्रीय पटल पर उभरकर आए केजरीवाल, पढ़ें चुनावी नतीजों का विश्‍लेषण

नई दिल्लीःजनता ने एक तरफ नरेंद्र मोदी में गहरा विश्वास जताया है तो दूसरी तरफ पंजाब के नतीजे बता रहे हैं कि अब कांग्रेस की जगह अरविंद केजरीवाल मोदी को टक्कर देंगे।

Arvind kejriwal, pm modi
काशी में बीजेपी कार्यकर्ताओं से पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

पंजाब में आप के बहुमत हासिल करने के संकेतों के बीच उसके नेता राघव चड्ढा ने कहा कि आने वाले दिनों में उनकी पार्टी एक राष्ट्रीय दल के रूप में उभरेगी और कांग्रेस की जगह ले लेगी। अगर उन्होंने ये बात कुछ दिनों पहले कही होती तो हंसी के पात्र बनते। लेकिन पांच सूबों के नतीजे दिखने के बाद साफ है कि राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस अब आखिरी सांसें गिन रही है।

दरअसल, पांचों सूबों के चुनावी नतीजे बता रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर अब राजनीति का स्वरूप बदलने जा रहा है। जनता ने एक तरफ नरेंद्र मोदी में गहरा विश्वास जताया है तो दूसरी तरफ पंजाब के नतीजे बता रहे हैं कि अब कांग्रेस की जगह अरविंद केजरीवाल मोदी को टक्कर देंगे। दिल्ली के सीएम को भी इस बात का एहसास हो चला है। तभी उन्होंने इस इंकलाब के लिए पंजाब के लोगों को बधाई दी है। जीत से वो बेहद गदगद हैं।

अरविंद केजरीवाल के लिए ये जीत विशेष मायने रखती है, क्योंकि अभी तक आप सिर्फ दिल्ली की राजनीति करती दिख रही थी। राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें दूसरे बड़े दल गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन अब सीन बदल गया है। आप ने न केवल पंजाब जीता बल्कि गोवा व उत्तराखंड में भी ओपनिंग कर ली है। भले ही वहां उसका वोट शेयर काफी कम दिख रहा हो पर पार्टी दिल्ली से निकलकर दूसरे सूबों में दिखाई तो दे रही है।

आप के लिए अब अगला निशाना गुजरात है। गांधीनगर निकाय चुनावों में दमदार प्रदर्शन के बाद वो अगले साल होने वाले असेंबली चुनाव में मजबूती से बीजेपी का मुकाबला करने उतरेगी। अगर केजरीवाल ने वहां बीजेपी को हरा दिया तो उसके बाद उसे कोई रोकने वाला नहीं है। आप को ये चीज पता है और वो कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ने वाली है।

उधर, बीजेपी के लिए यूपी, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में मिली जीत बहुत ज्यादा मायने रखती है। यूपी में पहली बार कोई सीएम अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा बहुमत लेकर आया। ये चीज इस बात पर मुहर है कि मोदी का नेतृत्व लोग स्वीकार कर रहे हैं। हालांकि, अखिलेश यादव का बढ़ा वोटबैंक बीजेपी के लिए चिंता की बात है। 2014 में जिस वोटबैंक को बीजेपी ने सहेजा था, उसमें सपा ने सेंध लगा दी है। बीजेपी के लिए ये बड़ी खतरे की घंटी है।

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