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Election Results 2019: हर असेंबली की पांच बूथ के वीवीपैट पर्ची का होगा मिलान, जानें- मतगणना के नियम, तरीके

VVPAT counting rules, process, method: मतगणना शुरू होने से पहले स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए सभी ईवीएम की पहले गिनती सुनिश्चित की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर वहां खुद मौजूद होते हैं।

Author नई दिल्ली | May 22, 2019 8:39 PM
ईवीएम और वीवपैट मशीनों को स्ट्रन्ग रूम में ले जाता मतदानकर्मी। (एक्सप्रेस फोटो- पार्थ पॉल)

Lok Sabha Elections Results 2019: करीब डेढ़ महीने तक चली लंबी चुनावी प्रक्रिया और सात चरणों में हुई वोटिंग की काउंटिंग गुरुवार (23 मई, 2019) को सुबह आठ बजे से होगी। चुनाव आयोग ने इसके लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मतगणना केंद्रों पर आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। साथ ही आयोग ने इस बार मतगणना के तरीकों में भी फेरबदल किया है। पहली बार ईवीएम मशीनों के साथ-साथ वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल) पर्चियों का भी मिलान होगा। आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि हरेक लोकसभा के तहत आने वाले हरेक विधान सभा के पांच पोलिंग बूथों की वीवपैट पर्ची का मिलान ईवीएम में पड़े वोटों से किया जाएगा। आयोग के मुताबिक इस प्रक्रिया की वजह से रिजल्ट आने में पांच घंटे तक की देरी हो सकती है।

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क्या है विवाद?

22 विपक्षी दलों ने मंगलवार (21 मई) को चुनाव आयोग से मिलकर वोटों की गिनती से पहले वीवीपैट पर्चियों का मिलान कराने की मांग की थी। इसके साथ ही कहा था कि गड़बड़ी पाए जाने पर उस विधान सभा क्षेत्र के सभी बूथों पर 100 फीसदी वीवीपैट पर्चियों की मिलान की जाय, लेकिन आयोग ने उसे खारिज कर दिया। आयोग के नए दिशा-निर्देश के मुताबिक अब ईवीएम से वोटों की गिनती के साथ-साथ ही पोस्टल बैलेट की भी गिनती की जाएगी। अब से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती पहले दौर की गिनती से भी पहले होती थी लेकिन आयोग ने उसे बदल दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले ईवीएम की गिनती पूरी होगी, उसके बाद ही वीवीपैट पर्चियों का मिलान होगा।

मतगणना की प्रक्रिया: मतगणना शुरू होने से पहले स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए सभी ईवीएम की पहले गिनती सुनिश्चित की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर वहां खुद मौजूद होते हैं। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों या उनके एजेंट को भी वहां मौजूद रहने का अधिकार होता है। ये सभी लोग वहां चल रही गिनती प्रक्रिया को सिर्फ देख सकते हैं। मतगणना की सभी प्रक्रिया रिटर्निंग अफसर की मौजूदगी में होती है।

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अगर मतगणना के वक्त किसी तरह का व्यवधान या समस्या आती है तो रिटर्निंग अफसर तुरंत इसकी सूचना चुनाव आयोग को देता है। स्थिति या हालात को देखते हुए चुनाव आयोग फैसला लेता है कि वोटों की गिनती आगे जारी रखी जाय या उसे रद्द कर फिर से वोटिंग कराई जाय। अगर मतगणना बिना किसी शिकायत या त्रुटि के पूरी हो जाती है और चुनाव आयोग की तरफ से भी कोई आपत्ति नहीं आती है, तब रिटर्निंग अफसर नतीजों का एलान करते हैं और जीतने वाले उम्मीदवार को सर्टिफिकेट देते हैं।

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