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Election Results 2019 घोषित होने के बाद बंगाल के कई इलाकों में हिंसा, बीजेपी प्रमुख बोले- तृणमूल की भाषा में ही देंगे जवाब

Chunav Result 2019, Lok Sabha Election Results 2019: लोगों ने आरोप लगाया कि तृणमूल से निकाले गए स्थानीय नेता अराबुल इस्लाम ने हमलों और हिंसा के लिए उकसाया। लोगों ने नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

Author May 25, 2019 7:54 AM
हिंसा भड़कने के बाद हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

Election Results 2019: लोकसभा चुनाव 2019 नतीजों में बीजेपी को किसी राज्य में अगर चमत्कारिक सफलता हासिल हुई है तो उनमें पश्चिम बंगाल का नाम भी शामिल है। तृणमूल के दबदबे वाले इस राज्य में बीजेपी को 18 सीटें मिली हैं। पिछली बार बीजेपी को यहां महज 2 सीटें मिली थीं। हालांकि, शुक्रवार को नतीजे घोषित होने के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की खबर है। इसमें कई लोग घायल हुए हैं। बीजेपी और तृणमूल, दोनों ने ही इस हिंसा के लिए एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा है। दोनों का कहना है कि ‘बाहरियों’ के जरिए इस हिंसा को अंजाम दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कई घरों में तोड़फोड़ की गई। लोगों पर हमले किए गए और फायरिंग की भी एक घटना हुई है। बता दें कि चुनाव से पहले मतदान के दौरान भी बंगाल में लगातार हिंसा के मामले सामने आते रहे हैं।

कूचबिहार जिले की बात करें तो यहां कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं। वहीं, साउथ 24 परगना जिले के बरईपुर इलाके स्थित भांगर में लोगों ने सड़कों को ब्लॉक कर दिया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि तृणमूल से निकाले गए स्थानीय नेता अराबुल इस्लाम ने हमलों और हिंसा के लिए उकसाया। लोगों ने नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बांकुरा सीट को बीजेपी ने तृणमूल को हराकर हासिल किया है। यहां भी जब बीजेपी कार्यकर्ता तृणमूल के नेता कालिपाड़ा रॉय के घर के नजदीक जश्न मना रहे थे तो कथित तौर पर हिंसा शुरू हुई। दो गोलियां चलीं, जिसमें से एक बीजेपी समर्थक को लगी।

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वहीं, बैराकपुर में भी हिंसा हुई। यहां बीते 24 घंटों में कई घरों और गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ की गई। बता दें कि यहां तृणमूल छोड़कर बीजेपी में आए अर्जुन सिंह ने ममता की पार्टी के दिनेश त्रिवेदी को शिकस्त दी है। क्षेत्र के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा जारी है। स्थानीयों का कहना है कि जगदल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके में 15 दुकानों में तोड़फोड़ की गई, जिसमें कथित तौर पर बीजेपी समर्थकों की भूमिका है। बीजेपी नेताओं ने आरोपों को खारिज किया है। बैराकपुर के एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा कि मतदान के आखिरी चरण यानी 19 मई तक सब कुछ कंट्रोल में था, लेकिन नतीजे आने के बाद हिंसा शुरू हो गई। बीते कुछ दिनों में 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सांसद अर्जुन सिंह ने तृणमूल नेता मदन मित्रा को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया। तृणमूल नेताओं ने आरोपों को खारिज किया है। उधर, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘मैं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे हिंसा में शामिल न हों। लेकिन हिंसा होती है और तृणमूल के समर्थक उन पर हमला करते हैं तो बीजेपी भी चुप नहीं बैठेगी। हम हर एक को उनकी भाषा में ही जवाब देंगे।’

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