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Election Results 2019: मोदी लहर के बावजूद जीते बसपा के प्रत्याशी अतुल राय, रेप के आरोप के चलते हैं फरार

Chunav Result 2019, Lok Sabha Election Results 2019: बसपा कार्यकर्ता जब उनकी जीत की खुशी मना रहे थे तो वह मौके से नदारादर थे। दरअसल ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन पर रेप का आरोप है और वह कई दिनों से फरार चल रहे हैं।

Election Results 2019: बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतुल राय को मोदी लहर के बावजूद जीत मिली है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सांसद हरिनारायण राजभर को 1,22,018 मतों से शिकस्त दी है।(Photo-Facebook)

Election Results 2019: लोकसभा चुनाव 2019 में मोदी लहर साफ देखने को मिली। बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अधिकतम प्रत्याशियों के सिर पर जीत का सेहरा बंधा लेकिन उत्तर प्रदेश के घोसी लोकसभा सीट पर तस्वीर कुछ और है। यहां से मायावती की पार्टी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतुल राय को मोदी लहर के बावजूद जीत मिली है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सांसद हरिनारायण राजभर को 1,22,018 मतों से शिकस्त दी है। बसपा के इस सांसद के लिए फिर भी बेस्वाद रही। बसपा कार्यकर्ता जब उनकी जीत की खुशी मना रहे थे तो वह मौके से नदारादर थे। दरअसल ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन पर रेप का आरोप है और वह कई दिनों से फरार चल रहे हैं। यूपी कॉलेज की एक पूर्व छात्रा ने अतुल राय पर रेप का आरोप लगाया है।

इसके अलावा उनपर उस लड़की को किसी बात को लेकर जान से मारने का आरोप लगाया है। पूर्व छात्रा ने आरोप लगाया है कि इस अतुल राय ने उसे अपनी पत्नी से मिलने के बहाने बुलाया और फिर मौका देखकर उनके साथ रेप किया। लड़की की इस शिकायत के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अतुल राय की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं जिसके बाद से वह फरार चल रहे हैं। इतना ही नहीं वह जमानत के लिए हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं लेकिन वहां से भी उनको जमानत नहीं मिल पाई है।

प्रचार में पहुंचे थे कई दिग्गज नेता: रेप का आरोप झेल रहे अतुल राय भले ही फरार चल रहे हो लेकिन उनके चुनाव प्रचार के लिए कई दिग्गजों ने उनके लोकसभा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। उनके लिए प्रचार में खुद बसपा सुप्रीमो मायावती आई थीं। मायावती ने बसपा उम्मीदवार अतुल राय के बचाव में कहा था कि उनके उम्मीदवारों को बदनाम करने के लिए बीजेपी साजिश रच रही है।

बता दें कि इन आरोपों को लेकर अतुल राय ने खंडन किया था लेकिन 1 मई को उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने अतुल की गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी भी की लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए और चुनाव प्रचार के दौरान भी वह गायब रहे। कहा जा रहा है कि जातिय समीकरण के कारण अतुल सिंह को जीत मिली है। आंकड़ों के मुताबिक घोसी सीट पर करीब 3.5 लाख जाटव और दो लाख यादव हैं और चार लाख सवर्ण और अन्य गैर जाटव-दलित जातियां भी हैं। इस आधार पर उन्हें इस सीट पर जीत का बड़ा दावेदार माना जा रहा था।

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