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Lok Sabha Election 2019: आजम खान के खिलाफ चुनाव आयोग की कार्रवाई, आचार संहिता के उल्लंघन पर दूसरी बार प्रचार करने पर रोक

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि खान और एक आयोजक राधेश्याम ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ धर्म के नाम पर जनता को भड़काने की कोशिश की।

Author Updated: April 30, 2019 8:46 PM
आजम खान ( फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस )

Lok Sabha Election 2019: समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से लोकसभा प्रत्याशी आजम खान के खिलाफ चुनाव आयोग ने एक बार फिर से कार्रवाई की है। आचार संहिता उल्लंघन मामले में एक महीने के अंदर दूसरी बार प्रचार करने पर रोक लगाई गई है। इस बार यह रोक 48 घंटों के लिए है। दरअसल, आजम खान ने बीते गुरुवार को रामपुर के शाहाबाद क्षेत्र में भाषण देते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह एक महीने में उनके ऊपर दर्ज 14वां मामला था। खान रामपुर के सफीनी गांव में डॉ भीम राव अंबेडकर की वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि थे, जहां उन्होंने कथित रूप से ‘आपत्तिजनक बयान’ दिए थे।

आयोग ने इस महीने आजम पर दूसरी बार इस तरह का प्रतिबंध लगाया है। यह पाबंदी बुधवार (1 मई) सुबह छह बजे से प्रभाव में आएगी। इससे पहले उन्हें भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के लिए 72 घंटे तक प्रचार करने से रोक दिया गया था।

शाहाबाद पुलिस स्टेशन के अधिकारी अफसर मोहम्मद ने बताया, “इस मामले में आजम खान और समारोह के दो आयोजक जय प्रकाश सागर तथा राधे श्याम राही के खिलाफ आईपीसी की धारा 171 जी (चुनाव के संबंध में गलत बयानबाजी), 341 (गलत तरीके से नियंत्रण), 505 (2) (दो वर्गों के बीच दुश्मनी, घृणा या बीमार इच्छाशक्ति बनाने या बढ़ावा देने वाले बयान) और 295 ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, जिसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करना है) के तहत दर्ज किए गए थे।” पुलिस ने उनके खिलाफ 125 जनप्रतिनिधित्व कानून भी लागू किया। रामपुर जिला मजिस्ट्रेट औंजनेय कुमार सिंह ने कहा, “समारोह में खान को आमंत्रित करने की अनुमति नहीं लेने के लिए आयोजकों पर भी मामला दर्ज किया गया।”

प्राथमिकी के अनुसार, खान ने कहा था, “इतना मारा है पुलिस ने एक वर्ग के लोगों को… महिलाओं के पेट में डंडे घुसेड़े… वर्ग विशेष के लोगों का अपमान किया… एसपी और डीएम ने अपने हाथों से मारा… दुकानदारों और सामान खरीदने वालों को मारा… माल लूटा… एक वर्ग के लागों पर कहर ढा दिया… मार-मार कर बुरा हाल कर दिया… एक वर्ग का वोट न पड़े… दो लाख वोटों के मुलजिम है जिला प्रशासन।”

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि खान और एक आयोजक राधेश्याम ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ धर्म के नाम पर जनता को भड़काने की कोशिश की। खान ने लोकसभा उम्मीदवार होने के बावजूद एक धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए आचार संहिता का उल्लंघन किया। बता दें कि रामपुर से आजम खान महागठबंधन (सपा-बसपा-रालोद) के उम्मीदवार हैं। उनके खिलाफ भाजपा ने जया प्रदा को मैदान में उतारा है। यहां 23 अप्रैल को तीसरे चरण में वोटिंग हो चुकी है।

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