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मध्य प्रदेश कांग्रेस में भाजपा के मुकाबले दो गुना है परिवारवाद, 58 मौजूदा विधायकों में से 18 का है खानदानी बोलबाला, पढ़िए उनका इतिहास और प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश में भाजपा की तुलना में दो गुना है परिवारवाद। करीब 30 फीसदी मौजूदा विधायकों का अच्छा खासा खानदानी रसूख रहा है।

Author December 7, 2018 3:52 PM
कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह और अरुण यादव (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश कांग्रेस के मौजूदा 58 विधायकों में से 18 यानी करीब 30 फीसदी परिवारवाद की फेहरिस्त में शामिल हैं। संख्या के लिहाज से भले ही यह आंकड़ा भाजपा से कम है लेकिन अनुपात के लिहाज से मध्य प्रदेश कांग्रेस में परिवारवाद भाजपा के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। इस बार भी इनमें से अधिकांश को टिकट दिया गया है। परिवारवाद के चलते टिकट न मिलने से कई बार दूसरे कार्यकर्ता भी नाराज हो जाते हैं। पढ़िए मध्य प्रदेश कांग्रेस में परिवारवाद की फेहरिस्त में आने वाले नेता और उनकी प्रतिक्रिया…

1. कमलेश्वर पटेलः सिहावल से विधायक कमलेश्वर कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे दिवंगत इंद्रजीत पटेल के बेटे हैं। परिवारवाद पर वे कहते हैं कि सियासी परिवार से होने का लाभ है लेकिन हमेशा आपकी तुलना की जाती है।

2. तरुण भनोटः जबलपुर पश्चिम से विधायक तरुण पूर्व मंत्री चंद्रकुमार भनोट के बेटे हैं। उनका कहना है कि सियासी परिवार से होने पर जरूरत के समय आपको लोगों के साथ-साथ प्रतिद्वंद्वी भी मदद करते हैं।

3. सचिन यादवः कसरावद से विधायक सचिन यादव मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे हैं। उनके भाई अरुण यादव भी सांसद और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका कहना है कि अगर किसी राजनेता का बेटा उसके नक्शे कदम पर चलता है तो इसमें गलत क्या है? जब बाकी व्यवसायों के लोग ऐसा करते हैं तो हम भी अंगुली नहीं उठाते।

4. अरुण यादवः बुधनी से शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ लड़ रहे अरुण के भाई सचिन और पिता सुभाष यादव भी राज्य की सियासत के चर्चित नामों में शुमार हैं।

5. संजीव उइकेः मंडला से विधायक संजीव सांसद और विधायक रह चुके दिवंगत छोटेलाल उइके के बेटे हैं। उनका कहना है कि यदि परिवार का रिकॉर्ड अच्छा रहा हो तो वो मददगार होता है लेकिन आज की पीढ़ी आपके अतीत के आधार पर ज्यादा दिन साथ नहीं देती।

6. हीना कावरेः लांजी से विधायक हीना के पिता दिवंगत लिखीराम कावरे कांग्रेस सरकार में मंत्री थे। उनका कहना है, ‘मेरे पिता हर इंसान जुड़ते थे जिससे वो मिले थे। लोग उन पर भरोसा करते थे। मैं भी उनके जैसा बनने की अपेक्षाओं के साथ जीती हूं।’

7. सुरेंद्र सिंह बघेलः कुक्षी से विधायक सुरेंद्र सिंह के पिता दिवंगत प्रताप सिंह बघेल भी सांसद और मंत्री रहे थे। उनका कहना है कि अपेक्षाएं बहुत ज्यादा होती हैं। वे कहते हैं जब पिता साथ थे तब कांग्रेस सत्ता में थी। अब विपक्ष में हैं तो काम करवाना आसान नहीं होता।

8. योगेंद्र सिंहः लखनादौन से विधायक योगेंद्र दिवंगत उर्मिला सिंह और दिवंगत वीरेंद्र बहादुर सिंह के बेटे हैं। उर्मिला सिंह कांग्रेस सरकार में मंत्री और हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल रह चुकी हैं, वहीं वीरेंद्र बहादुर सिंह भी विधायक रह चुके हैं। योगेंद्र कहते हैं कि सियासी परिवार से होने में क्या गलत है? मेरे माता-पिता ने जीवनभर काम किया, मुझे उसका फायदा मिल रहा है।

9. सोहन वाल्मिकः परासिया से विधायक सोहन पूर्व विधायक दिवंगत श्यामलाल वाल्मिक के बेटे हैं। उनका कहना है कि परिवार के नाम पर ज्यादा दिन वोट नहीं मिलते। आपको खुद कड़ी मेहनत करके लोगों का भरोसा जीतना पड़ता है।

10. सरस्वती सिंहः चित्रांगी विधायक सरस्वती पूर्व कांग्रेस विधायक दिवंगत पतिराज सिंह की बेटी हैं। उनका कहना है, ‘मेरे साथ पिता का आशीर्वाद है। इससे मदद मिलती है। लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधि होने के चलते मैं जमीनी हकीकत से भी वाकिफ हूं।’

11. झूमा सोलंकीः भीकनगांव विधायक झूमा पूर्व कांग्रेस विधायक दिवंगत जवान सिंह पटेल की भाभी हैं। उनका कहना है कि उन्हें रिश्तेदारी के चलते नहीं बल्कि उनके खुद के संघर्ष के चलते टिकट मिला है।

12. महेंद्र सिंह यादवः कोलारस विधायक महेंद्र सिंह के पिता स्वर्गीय राम सिंह यादव भी कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। उनका कहना है कि परिवारवाद की बात सिर्फ पहली पीढ़ी में नहीं आ सकती है। अगर कई पीढ़ियों तक ऐसा चलता रहे तो परिवारवाद की बात आ सकती है।

13. रजनीश सिंहः केवलारी से विधायक रजनीश के पिता स्वर्गीय हरवंश सिंह कांग्रेस सरकार में मंत्री और डिप्टी स्पीकर भी रह चुके हैं। उनका कहना है, ‘मेरे पिता ने समाज को बहुत कुछ दिया है। उनकी अच्छी छवि मेरी मदद करती है। मुझसे अपेक्षाएं भी अधिक हैं लेकिन उन्हें निभाने की कोशिश में रहता हूं।’

14. अजय सिंहः चुरहट से विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके दिवंगत अर्जुन सिंह के बेटे हैं। उनका कहना है कि आपको शुरुआत अच्छी मिलती है लेकिन अपेक्षाएं भी काफी अधिक होती है। छोटी-सी विफलता भी व्यापक लगती है।

15. जयवर्धन सिंहः राघौगढ़ से विधायक जयवर्धन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के बेटे हैं। उनका कहना है कि अमरीका में भी बुश और क्लिंटन सियासी परिवारों से रहे हैं। तो हमारी राजनीति में यह गलत क्यों हैं? इससे आपको देश की सेवा करने का मौका मिलता है।

16. सुंदरलाल तिवारीः गूढ़ सीट से विधायक सुंदरलाल के स्वर्गीय पिता श्रीनिवास तिवारी कांग्रेस के विधायक और विधानसभा के स्पीकर भी रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भाजपा यह सोचती है कि कांग्रेस के नेता वंशवादी हैं तो फिर वे उन्हें अपनी पार्टी में जगह क्यों देती है?

17. उमंग सिंघारः गंधवानी से विधायक उमंग पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय जमुना देवी के भतीजे हैं। उनका कहना है कि आपके बड़े अगर जीवित हैं तो उनका काम आपको मदद करता है, उनके जाने के बाद नहीं। इसके बाद सिर्फ काम मदद करता है।

18. हेमंत कटारेः अटेर से विधायक हेमंत पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष दिवंगत सत्यदेव कटारे के बेटे हैं।

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