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विरोधाभास के बीच फंसा विकास

गांव के निवासी बलराज इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनके मुताबिक, सांसद की एकमात्र उपलब्धि बारातघर रही है, जिसका हाल ही में उद्घाटन किया गया, जबकि अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।

पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेश गिरी (फोटो सोर्स : Express Group)

पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र आधुनिक परिवेश और कस्बाई संस्कृति को दर्शाता है। राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इस क्षेत्र में काफी विकास किया गया था, जिसने यहां के निवासियों के साथ-साथ दुनिया भर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। इसकी पहचान पॉश इलाकों से तो है, लेकिन कच्ची कॉलोनियों, झोपड़पट्टी के साथ बड़ी संख्या में मध्यम वर्ग की मौजूदगी भी पहचान बन गई है। असंतुलित मेल वाले इलाके के मतदाताओं के मुद्दे अलग-अलग हैं, दोनों इलाकों में रहने वालों की अलग-अलग दिक्कतें और जरूरतों को निपटाना कठिन होता है। महेश गिरी बताते हैं पिछले पांच साल का विकास बनाम पुराने हालत में अब जमीन आसमान का अंतर है। यहां रहने वाली जनता खुद महसूस कर सकती है।

कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों की सड़क, सीवर, पानी, बिजली, शिक्षा व स्वास्थ्य प्राथमिकताएं हैं। वहीं नियोजित इलाकों में रहने वालों के लिए पार्किंग, कानून-व्यवस्था, अतिक्रमण, पार्क आदि से जुड़े मुद्दे हैं। हालांकि निवासियों की अधिकांश प्राथमिकताएं नगर निगम से संबंधित है, लेकिन लोकसभा चुनाव के मौके पर जिम्मेदारी से इतर वे अपनी कसौटी पर प्रतिद्वंद्वी राजनैतिक दलों और उनके प्रत्याशियों को कसते हैं। कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों के लिए नियमित करना अहम मुद्दा है। दिल्ली सरकार से जुड़े इस मुद्दे का समाधान वे संसद के जरिए कराना चाहते हैं। महेश गिरी बताते हैं पिछले पांच साल के विकास बनाम पुराने हालत में अब जमीन आसमान का अंतर है। इसे यहां रहने वाली जनता खुद महसूस कर सकती है।

इस इलाके की सबसे बड़ी दिक्कत सुगम यातायात संपर्क मार्ग की थी। इसमें बहुत ज्यादा काम किया गया है, लेकिन वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। विकास मार्ग पर वाहनों की भीड़ को कम करने के लिए यातायात को रेलवे लाइन के समानांतर सड़क बनवाना चाहता हूं। इससे विकास मार्ग पर जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। हालांकि अभी यह काम नहीं हो पाया है। ओखला में ‘वेस्ट टू एनर्जी’ संयंत्र से करीब 10 लाख निवासी प्रभावित हैं। संयंंत्र की वजह से वहां के निवासियों को सांस, कैंसर जैसी बीमारियों की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। संजय झील पहले एक असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया था। भले ही ‘आप’ सरकार ने इस दिशा में शुरुआती पहल की थी, लेकिन उसका सौंदर्यीकरण कराकर, उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर इसे एक तोहफे के रूप में जनता को दिया है।

यातायात सुगम बनाने के लिए उन्होंने आश्रम चौक और जीटी रोड फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूर कराया। बारापुला उपरीगामी सड़क के निर्माण को मंजूरी दिलाई गई है। आश्रम चौक व सरिता विहार पर अंडर पास बनवाने, गांधी नगर इलाके में पुराने लोहे के पुल का नवीनीकरण, जंगपुरा, कृष्णानगर आदि इलाकों में बहुमंजिला पार्किंग तैयार कराई गई हैं। कड़कड़डूमा में पावर ग्रिड का निर्माण भी उनके जरिए ही कराया गया है। दिल्ली-यूपी सीमा पर सांसद निधि से 1.57 करोड़ रुपए के सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। दूसरे चरण में 2.25 करोड़ रुपए की लागत से कैमरे लगाए गए हैं। विभिन्न इलाकों में 2.27 करोड़ रुपए की लागत से 332 हाई मास्ट लाइट लगवाई हैं। आरडब्लूए की सिफारिश पर सूने व अंधेरे इलाकों (डार्क स्पाट) में लाइटों का प्रबंध, 120 ओपन एयर जिम, दो सीजीएचएस डिस्पेंसरी का निर्माण काराया गया है।
विकास को तरसता ‘चिल्ला गांव’!

महेश गिरी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत ‘चिल्ला गांव’ को गोद लिया है। जब यह गांव गोद लिया था, तब गांव के केवल 25 फीसद हिस्से में ही पानी की लाइन बिछी थी। सीवर, जल-निकासी, गंदगी और खस्ताहाल सड़क को लेकर बहुत बड़ी दिक्कत थी। गांव के स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षक नहीं थे। यहां तक की गांव में सामुदायिक भवन तक नहीं था। कई गांव लोगों के बैंक खाते तक नहीं थे। गोद लेने के बाद एक साल के भीतर ही 2015 में सामुदायिक भवन निवासियों को सौंप दिया गया। युवाओं को नई तकनीक की जानकारी देकर रोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित किया। मुद्रा शिविर के जरिए करीब 1700 लोगों को करीब 7.23 करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराया गया है। गांव में चौपाल, सामुदायिक शौचालय बनवाए हैं। आरसीसी की सड़कों का निर्माण कराया गया है। जल- सीवर की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइप लाइन बिछाई जा रही। गांव में स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य शिविरों को नियमित तौर पर आयोजित किया जा रहा है। जन-धन योजना के तहत ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाए गए। बीएसईएस की अगुआई में गांव में नए बिजली के मीटर लगाए गए हैं।

दूसरी तरफ गांव के निवासी बलराज इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनके मुताबिक, बीजेपी सांसद महेश गिरी की एकमात्र उपलब्धि बारातघर रही है, जिसका हाल ही में उद्घाटन किया गया, जबकि अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। आदर्श गांव होने के बावजूद स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। पार्कों की स्थिति बदहाल है। कोंडली गांव के रहने वाले सतबीर ने सांसद पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कोंडली में नए पंचायत घर के पास पानी भरने की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसको लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं। वहीं त्रिलोकपुरी के रहने वाले रामवीर के मुताबिक, हालत जस के तस हैं। सांसद बनने के बाद महेश गिरी ने इलाके को पूछा तक नहीं है।

वादे जो किए
चिल्ला गांव को आदर्श गांव में तब्दील कर विकसित क्षेत्र जैसा बनाना
पूर्वी दिल्ली के नोएडा, गाजियाबाद समेत नई दिल्ली तक जाम मुक्त संपर्क स्थापित करना
स्कूली समेत उच्च शिक्षा में इलाके को उन्नत बनाना
कच्ची कॉलोनियों में जल, सीवर, बिजली की व्यवस्था कराना

वादे जो वफा न हुए
दिल्ली और उप्र सिंचाई विभाग की जमीन के विवाद का समाधान
छठ घाटों को लेकर क्षेत्र में होने वाली क्षेत्रीय राजनीति दूर नहीं हो सकी
ओखला में श्मशान घाट, कब्रिस्तान आदि के मुद्दों का समाधान
वेस्ट टू एनर्जी’ संयंत्र के स्थानांतरण का मुद्दा
मयूर विहार को आइएनए मार्केट से हवाई अड्डे तक ओवरब्रिज के जरिए जोड़ना
आदर्श गांव के युवाओं के लिए खेल परिसर

क्या रही शिकायतें
कच्ची कॉलोनियों में जल, सीवर, नाली, स्ट्रीट लाइटों में सुधार नहीं हुआ
गांवों के बच्चों का वहां की जमीन पर बने निजी स्कूलों में दाखिला
विकास मार्ग पर यातायात समस्या से निजात
पर्यावरणीय दृष्टि से यमुना की सिंचाई भूमि पर श्री श्री रवि शंकर का आयोजन होना

सांसद के दावे
पूरे इलाके में पिछले पांच साल बनाम पुराना इतिहास खुद विकास का गवाह है। भले ही कई योजनाएं पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में तैयार हुई थी, लेकिन उन्हें तय समय में साकार कराने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत लड़ाई लड़ी है। सुगम यातायात के लिहाज से यह इलाका आने वाले दिनों में देश के बेहतरीन इलाकों में शुमार है, इस पर युद्द स्तर पर काम जारी है। आदर्श ग्राम चिल्ला की स्थिति में आमूल-चूल सुधार हुआ है, जो निरंतर जारी रहेगा।
– महेश गिरी, सांसद

विपक्ष के बोल
मौजूदा सांसद पिछले पांच साल में क्षेत्र की जनता के बीच से लापता रहे हैं, यही सबसे बड़ी नाकामी है। भाजपा सांसद होने के बाद भी भाजपा शासित केंद्र की पुलिस पर कोई लगाम नहीं लगा पाए। जहां तक क्षेत्र के विकास की बात है, उसे सही मायने में दिल्ली सरकार ने किया है।
-आतिशी, ‘आप’ से पूर्वी दिल्ली लोकसभा प्रत्याशी

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