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शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच बंटा विकास

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र की पहचान नोएडा और ग्रेटर नोएडा से है। ये दोनों औद्योगिक महानगर ना केवल देश, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। औद्योगिक महानगरों से इतर इस इलाके की पहचान बेहतरीन खेती के क्षेत्र के रूप में भी है। दो नदी हिंडन और यमुना के बीच बसे इलाके की अधिकांश जमीन उपजाऊ है। जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की मंजूरी मिलने के बाद से इलाके में संपर्क मार्गों समेत विकासीय परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। दिल्ली के बाहर एनसीआर में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

सांसद डॉक्टर महेश शर्मा (फोटो सोर्स : Indian express)

नोएडा, ग्रेटर नोएडा के विश्व स्तरीय शहर और दादरी, सिकंद्राबाद व खुर्जा का कस्बाई क्षेत्र समेत इनके गांव इलाके को मिश्रित पहचान देते हैं। कस्बों में रहने वाली बड़ी आबादी के लिए कानून व्यवस्था, सुचारु बिजली आपूर्ति, जल-सीवर और रोजगार की प्राथकिता है। वहीं गांवों में रहने वाले अभी भी सुलभ और सस्ती इलाज व शिक्षा संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने का संघर्ष कर रहे हैं। वहीं गांवों के निवासी अभी भी बिजली, जलापूर्ति, नालियों, खड़ंजे, स्कूल शिक्षा को उपलब्ध कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं, देश के अलग-अलग इलाकों से आने वाले लोगों को रोजगार और कारोबार की शरणस्थली देकर विश्व मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

नोएडा, जहां देश के अच्छे औद्योगिक इलाकों में शुमार है। वहीं, ग्रेटर नोएडा की पहचान बहुराष्ट्रीय कंपनियों और उच्च शिक्षण संस्थाओं की बनी है। ग्रेटर नोएडा से जेवर आगरा की तरफ जाने वाले एक्सप्रेस वे के किनारे यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र है। भले ही जमीनी स्तर पर यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की योजनाएं अभी तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रही हैं, लेकिन जेवर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे समेत उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक प्राधिकरण के रूप में इसे पहचान जरूर मिल चुकी है।

सांसद डॉक्टर महेश शर्मा बताते हैं कि इलाके में पहले भी सांसद रहे हैं। उनके कार्यकाल में हुए कार्यों बनाम पिछले कार्यकाल खुद ही अंतर बताने के लिए पर्याप्त हैं। देश का सबसे बड़ा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जेवर में बनाने का वादा क्षेत्र की जनता से किया था, जिसे साकार कर दिया गया है। परियोजना को लेकर जरूरी तकरीबन सभी अनुमति मिल चुकी हैं। प्रभावित किसानों का भी मुआवजा संबंधी समाधान हो चुका है। कुछ एक मामलों में विकास का विरोध करने वाले कुछ किसानों को जरूर बरगला रहे हैं। यह समस्या भी आने वाले कुछ दिनों में दूर हो जाएगी क्योंकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के चारों तरफ 100 किलोमीटर क्षेत्र का चंहुमुखी विकास होगा। साथ ही एक लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

सेक्टर- 94 में 24 एकड़ जमीन पर नोएडा हैबिटेट सेंटर की योजना को शुरू कराया, जिससे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर स्थान मिला है। समूचे इलाके में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपए की लागत से बिजली परियोजना तैयार हो रही है। दिल्ली और शहर को जोड़ने वाले नोएडा प्रवेश द्वार को जाम मुक्त करने के लिए शाहदरा नाले के पुश्ते पर 650 करोड़ रुपए की लागत से ऊपरगामी मार्ग बनाने को मंजूरी दिलाई है। 5.5 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सेक्टर-38ए में 164 एकड़ में बने बॉटैनिक गार्डन में 400 करोड़ रुपए की लागत से जीन बैंक, हरबेरियम इकाई, आर्किड हाउस व नर्सरी की सुविधाएं संचालित कराई हैं।

सेक्टर-62 में 98 करोड़ रुपए की लागत से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के भारतीय पाक कला संस्थान शुरू कराया गया है। इसी सेक्टर में 110 करोड़ रुपए की लागत से केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान का निर्माण कराया जा रहा है। ये दोनों परियोजनाएं इलाके की पहचान में नई कड़ी जोड़ेंगी। ग्रेटर नोएडा में 25 एकड़ भूमि पर 289 करोड़ रुपए की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान तैयार किया गया है, जो देश भर से पुरातत्व के क्षेत्र में शोध या पढ़ाई करने वालों के लिए अनूठा केंद्र साबित होगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बुलंदशहर के लिए 435 करोड़ एवं गौतम बुद्ध नगर के लिए 287 करोड़ रुपए की लागत से कार्य पूर्ण कराया। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम से गौतम बुद्ध नगर लोकसत्रा क्षेत्र में कुल 308 करोड़ रुपए का निवेश स्वीकृत कराया।
बदहाल से आदर्श गांव में तब्दील हुआ नीमका

डॉक्टर महेश शर्मा ने सांसद के रूप में नीमका गांव को गोद लिया है। जेवर इलाके में पड़ने वाला यह गांव पहले विकास के लिहाज से पूरी तरह से उपेक्षित था। इसी वजह से इस गांव को गोद लेना उन्होंने चुना था। आज स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। यह गांव वर्तमान में पूरी तरह से विकास की नई लाइन लिख रहा है। गांव में सड़क, बिजली की दिक्कतें पूरी तरह से दूर हो चुकी हैं। टंकी से पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कराई है।

ग्रामवासियों की स्वास्थ्य, शिक्षा संबंधी दिक्कतों का समाधान किया है। वहीं, यहां रहने वाले तेजवीर विकास के इस दावे के पूरी तरह से मानने को तैयार नहीं है। वे मानते हैं कि सड़क और बिजली को लेकर सुधार जरूर हुआ है लेकिन इसका श्रेय सांसद का गांव को गोद लेना नहीं है। सरकारी योजनाओं के चलते भी काफी सुधार हुआ है। जलापूर्ति करने वाली टंकी का निर्माण अखिलेश सरकार के कार्यकाल में हुआ था। गांव में वाईफाई, गोबर गैस संयंत्र और कन्या इंटर कॉलेज खोलने के वादे पूरे नहीं हुए हैं।

वादे जो किए
विकास को लेकर इलाके को नई पहचान देना
जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण
दादरी रेलवे लाइन पर ऊपरगामी पुल का निर्माण
इलाके में लगने वाली कंपनियों में स्थानीय युवाओंं की नौकरी

वादे जो वफा न हुए
गोद लिए नीमका गांव में वाईफाई, गोबर गैस संयंत्र, कन्या इंटर कॉलेज
किसानों की आबादी निस्तारण समेत मुआवजे की समस्या
स्थानीय निवासियों के लिए कंपनियों में रोजगार की व्यवस्था
प्राधिकरण के विकासकार्यों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी

क्या रही शिकायतें
सेक्टरों और कस्बों तक ही जनसंपर्क रहा, ग्रामीण इलाके उपेक्षित रहे
किसानों की जमीन के मसले जैसे लीजबैक, आबादी निस्तारण, 10 फीसद भूखंड आबंटित नहीं हुए
प्राधिकरणों के कार्यों में जनप्रतिनिधि की सुनवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी
बड़ी कंपनियों ने नौकरी को लेकर स्थानीय युवाओं की उपेक्षा

सांसद के दावे
इलाके ने विकास की नई गाथा लिखी है। पांच सालों के दौरान देश के प्रधानमंत्री ने आकर खुद इलाके को एक विशेष पहचान दिलाई है। खुर्जा के अरनिया ब्लाक में 1201 एकड़ भूमि पर करीब 11 हजार करोड़ रुपए की लागत से 1320 मेगावाट क्षमता की विद्युत परियोजना समूचे इलाके के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। समेत अन्य विकास कार्य आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव दिखाकर इलाके के रहने वालों को गौरान्वित करेंगे।
– डॉक्टर महेश शर्मा, सांसद

विपक्ष के बोल
प्राधिकरण स्तर पर कराए कार्यों पर भाजपा नेता अपना बोर्ड लगाकर प्रचार कर रहे हैं। इलाके के ज्यादातर गांवों में भाजपा नेताओं के प्रवेश पर रोक संबंधी बोर्ड खुद वर्तमान सांसद या भाजपा के विकास कार्यों को बयां करने में पर्याप्त हैं। पहले से जारी विकास कार्यों को आगे लाना सांसद की उपलब्धि नहीं है। जातिवाद को बढ़ावा देने के उन पर आरोप हैं। सांसद सिर्फ शहरी लोगों तक ही सीमित रहे हैं और उनका ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से कोई सरोकार नहीं रहा है।
– नरेंद्र सिंह भाटी, सपा, उप विजेता 2014

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