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नगर निगम चुनाव: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का दावा- गृहकर माफी के वादे से डर गया विपक्ष, रुकेगी दलाली

सिसोदिया ने कहा कि गृह कर माफ किए जाने से उन दलालों के रैकेट को गहरा धक्का लगेगा जिन्हें भाजपा के निगम के शासनकाल में तैयार किया गया है।

Author नई दिल्ली | March 27, 2017 4:25 AM
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया। (फाइल फोटो)

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने निगम चुनाव से पहले गृह कर माफी के मुख्यमंत्री केजरीवाल के वादे पर विपक्ष की आलोचना को डर का नतीजा बताया है। सिसोदिया ने कहा कि गृह कर माफ किए जाने से उन दलालों के रैकेट को गहरा धक्का लगेगा जिन्हें भाजपा के निगम के शासनकाल में तैयार किया गया है। सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों में से किसी को भी कानून की जानकारी नहीं है कि फैसले को लागू करने के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं है। दिल्ली में निगम चुनावों के मद्देनजर जारी तीखी नोक-झोंक के बीच मनीष सिसोदिया ने रविवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोग अरविंद केजरीवाल की घोषणा से खुश हैं, उन्होंने सारी चीजों को ध्यान में रखकर यह घोषणा की है। गृह कर का एक बड़ा रैकेट चल रहा था, राजनीतिक दलों को तकलीफ है कि इस फैसले से उनका दलाली का धंधा चौपट हो जाएगा, गृह कर बिजली के बिल जैसा नहीं है, इसमें मूल्यांकन होता है, इंस्पेक्टर राज चलता है जिससे दलालों की चांदी रहती है।

सिसोदिया ने कहा, ‘दिल्ली में आप की सरकार बनने के पहले भाजपा और कांग्रेस ने कहा था कि बिजली और पानी के दाम घटाना नामुमकिन है, लेकिन हमने करके दिखाया। हमने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की बात कही थी। उन्होंने कहा नहीं हो पाएगा, लेकिन हमने कर दिखाया। हमने निजी स्कूलों की फीस नियमित करने का वादा किया, भाजपा और कांग्रेस बोली कि ये असंभव है, लेकिन हमने जनता के 300 करोड़ रुपए वापस कराए। हम अन्य वादों की तरह गृह कर माफी का वादा भी पूरा करके दिखाएंगे, लेकिन कांग्रेस और भाजपा की प्रतिक्रिया से साफ है कि उन्हें न शासन की जानकारी है, न लोगों की तकलीफ की।’ भारतीय जनता पार्टी को भारतीय जुमला पार्टी करार देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा का अतीत रहा है कि वह अपने वादों को बाद में जुमला कह कर मुकरजाती है जैसे उसने लोगों के खातों में पंद्रह लाख रुपए जमा करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि मुकरना ‘भारतीय जुमला पार्टी’ का कैरेक्टर है, लेकिन हमने जो वादे किए, उसे पूरा किया और आगे भी करेंगे। गृह कर माफी लागू किए जाने पर विपक्ष द्वारा संशोधन की जरूरत की बात उठाए जाने पर सिसोदिया ने कहा कि 1993 से पहले संसदीय संशोधन की जरूरत होती थी, लेकिन उसके बाद नहीं, 2003 में संशोधन कर गृह कर 10 से 6 फीसद किया गया।

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