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लोकसभा चुनाव के नतीजे में चार-पांच घंटे की होगी देरी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर कहा, ‘उम्मीदवार को ईवीएम से गणना के बाद परिणाम का पता चल जाएगा, पर इसकी आधिकारिक घोषणा में दो से तीन घंटे की देरी हो सकती है अगर चुनाव आयोग औचक मिलान के लिए पांच भिन्न टीमों को काम सौंपेगा।

Author May 9, 2019 3:53 AM
पीएम मोदी एक चुनावी सभा के दौरान। (PTI Photo)

लोकसभा चुनाव के 23 मई को नतीजे घोषित किए जाने में विलंब हो सकता है। चुनाव आयोग के मुताबिक, देश भर की लोकसभा सीटों पर मतदान के जो नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे, उनमें ज्यादा वक्त लग सकता है। ईवीएम के वोटों से वीवीपैट पर्चियों का मिलान किए जाने के चलते वक्त ज्यादा लगेगा।  मतगणना के दिन अंतिम नतीजों के लिए चार से पांच घंटों का अतिरिक्त वक्त लग सकता है। उपचुनाव आयुक्त सुदीप जैन ने मीडिया से बातचीत में मतगणना की तैयारियों को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ईवीएम मशीनों से वीवीपैट पर्चियों के औचक मिलान का काम हर विधानसभा क्षेत्र में केवल पांच मतदान केंद्रों पर ही होगा। औचक मिलान के लिए मशीनों को चुनने और उनकी पर्चियों को मिलाने में वक्त लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, देश के 10.35 लाख मतदान केंद्रों में से सिर्फ 20,600 केंद्रों पर की पर्चियों का मिलान किया जाएगा, लेकिन उन्हें औचक तरीके से चुना जाएगा और मिलान किया जाएगा। सुदीप जैन के मुताबिक, ऐसे में नतीजे इस बार चार-पांच घंटे देरी से आ सकते हैं। सुदीप जैन ने बताया कि मशीनों के वोटों और चुनिंदा वीवीपैट मशीनों की पर्चियों को मिलाने की पूरी प्रक्रिया में यह वक्त लगेगा।

पहले हर विधानसभा क्षेत्र में एक ईवीएम के साथ एक वीवीपैट मशीन लगाई जाती थी, जिसे विपक्ष की मांग के बाद बढ़ाकर हर विधानसभा में पांच कर दिया गया। हालांकि, विपक्षी दल अब भी वीवीपैट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई कि ईवीएम के साथ पचास फीसद वीवीपैट लगाई जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने सात मई को ही विपक्ष की इस मांग को ठुकराया है, जिसके बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग का रुख किया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर कहा, ‘उम्मीदवार को ईवीएम से गणना के बाद परिणाम का पता चल जाएगा, पर इसकी आधिकारिक घोषणा में दो से तीन घंटे की देरी हो सकती है अगर चुनाव आयोग औचक मिलान के लिए पांच भिन्न टीमों को काम सौंपेगा। भारत में 4120 विधानसभा सीटें हैं। पर्ची का मिलान 20, 600 मतदान केंद्रों पर होगा। ऐसे प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या आठ सौ से ढाई हजार तक हो सकती है।’ पर्यवेक्षक और पीठासीन अधिकारी सब कुछ जांचने के बाद प्रत्येक चक्र की गणना के बाद उम्मीदवार वार परिणामों पर हस्ताक्षर करेंगे। आयोग ने इस बार देश भर में 10.35 लाख मतदान केंद्र बनाए हैं, जबकि 2014 में इनकी संख्या 9.28 लाख थी। इस बार इनकी संख्या में 10.1 फीसद का इजाफा हुआ है। करीब 39.6 लाख ईवीएम मशीनें व 17.4 लाख वीवीपैट मशीनों का इन मतदान केंद्रों में इस्तेमाल किया जा रहा है।

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