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चौबीस साल बाद एक मंच पर मायावती और मुलायम

लखनऊ में 1995 में हुए बहुचर्चित गेस्टहाउस कांड के बाद सपा से रिश्ते तोड़ चुकीं बसपा प्रमुख मायावती ने दशकों पुरानी दुश्मनी भूल कर 24 साल बाद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ मंच साझा किया।

Author मैनपुरी | April 20, 2019 12:39 AM
मंच पर मुलायम सिंह के पहुंचने पर मायावती ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। मायावती ने कहा कि मैनपुरी के लोग मुलायम को असली नेता मानते हैं, खासकर पिछड़े वर्ग के लोग। मुलायम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं।

लखनऊ में 1995 में हुए बहुचर्चित गेस्टहाउस कांड के बाद सपा से रिश्ते तोड़ चुकीं बसपा प्रमुख मायावती ने दशकों पुरानी दुश्मनी भूल कर 24 साल बाद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ मंच साझा किया। मायावती ने शुक्रवार को मैनपुरी में सपा-बसपा की साझा चुनावी रैली में मुलायम को जिताने की अपील करते हुए उन्हें पिछड़ों का असली नेता करार दिया। मायावती जब रैली के लिए क्रिश्चियन कॉलेज के मैदान में पहुंचीं तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। सपा के गढ़ मैनपुरी में मायावती का स्वागत करने वालों में बड़ी संख्या सपा कार्यकर्ताओं की थी। 1993 के बाद दोनों नेता 26 वर्ष बाद पहली बार एक साथ चुनावी मंच पर थे। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के संक्षिप्त भाषण के बाद मायावती ने कहा कि इस बार भाजपा को सबक सिखाने के लिए उत्तर प्रदेश में बसपा-सपा-रालोद का गठबंधन हुआ है। उन्होंने कहा कि आप लोग सोच रहे होंगे कि गेस्ट हाउस कांड के बाद भी हमने समाजवादी पार्टी से गठबंधन क्यों किया। उस न भूलने वाले कांड के बाद भी हम साथ चुनाव लड़ रहे हैं। कभी-कभी कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। हमने देश के हालात को देखते हुए सपा व रालोद के साथ गठबंधन किया है।

विरोधी दल के नेता के साथ मीडिया हमारी एकता से हैरान है। उन्होंने कहा कि हमको विरोधी दलों के बहकावे में नहीं आना है। भाजपा गठबंधन को लेकर जनता को गलत तरीके से बहका रही है, आपको उनके बहकावे में नहीं आना है। दो चरणों के ही चुनाव में भाजपा की हालत खराब हो गई है। मोदी ने हमारे गठबंधन को सराब कहा है तो गठबंधन को नशा चढ़ गया है। हम अब भाजपा को बाहर कर देंगे। मुलायम सिंह यादव को ऐतिहासिक जीत दिलाएं।
बसपा मुखिया ने कहा कि पार्टी हित और देश हित में कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। मुलायम सिंह यादव जी देश के काफी बड़े नेता हैं। ये जो कहते हैं वह करते हैं। ये मोदी की तरह पिछड़ों के नकली नेता नहीं हैं। मोदी खुद को पिछड़ा बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुलायम सिंह ने पिछड़ों का विकास किया। इस चुनाव में असली और नकली की पहचान कर लेना है। जय भीम, जय लोहिया, जय भारत।

मंच पर मुलायम सिंह के पहुंचने पर मायावती ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। मायावती ने कहा कि मैनपुरी के लोग मुलायम को असली नेता मानते हैं, खासकर पिछड़े वर्ग के लोग। मुलायम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। वे पिछड़ों के असली नेता हैं, वे मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। अब उम्र का तकाजा है, फिर भी वो आखिरी सांस तक मैनपुरी के विकास के लिए लड़ रहे हैं। नरेंद्र मोदी की तरह नकली सेवक बनकर नहीं बल्कि असली सेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने कहा कि बहुत दिनों के बाद हम और मायावती एक मंच पर हैं। सपा को जिताने और कार्यकर्ताओं से मायावती का हमेशा सम्मान करने की अपील करते हुए मुलायम ने कहा कि आज महिलाओं का शोषण हो रहा है। इसके लिए हमने लोकसभा में सवाल उठाया। संकल्प लिया गया कि महिलाओं का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

मुलायम सिंह अधिक देर तक नहीं बोले। उनकी आवाज भी बहुत मद्धिम थी। उन्होंने कहा कि मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा। आप लोग मेरा भाषण काफी सुन चुके हैं। यह हमारा अंतिम चुनाव है। मैनपुरी से हमको भारी बहुमत से जिता देना। उन्होंने कहा कि मायावती जी का हम सम्मान करते हैं। आप सब भी करना। उनका बहुत सम्मान करना आप लोग। मैं इनका अहसान कभी नहीं भुलूंगा। आप लोग भी इनकी इज्जत करना। मुलायम सिंह पर उम्र का दबाव और अस्वस्थता साफ दिख रही थी। मंच पर मुलायम सिंह जब पहुंचे तो मायावती संकोच के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ाकर उन तक पहुंचीं और सपा संरक्षक को हाथ पकड़कर सहारा भी दिया। करीब खड़े होकर मायावती और मुलायम सिंह ने हाथ उठाकर सभा में मौजूद लोगों का अभिवादन किया। मुलायम को मंच तक लाने और कुर्सी पर बैठाते समय अखिलेश उन्हें सहारा देते नजर आए।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आखिर में भाषण दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में ही बसपा मुखिया मायावती का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मायावती जी का धन्यवाद। उन्होंने जनता से मुलायम सिंह यादव को जिताने की अपील की है। मायावती जी के सहयोग से हम सभी लोग मैनपुरी की जनता नेता जी को ऐतिहासिक जीत दिलाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे सपा और बसपा की देन है। डायल 100 नंबर को खराब कर दिया। बीमारी लग गई। चायवाले बनकर आए, पांच साल बाद पता चला कि चाय कैसी निकली। अब चौकीदार बन रहे हैं, जनता इनकी चौकी छीन लेगी। मायावती ने सही पकड़ा। वो कागज में पिछड़े हैं, हम जन्म से पिछड़े हैं। हम सभी को मिलकर चौकीदार की चौकी छीननी है। उन्होंने भीड़ से पूछा, बताओ चौकी छीनोगे या नहीं।

कठिन फैसले लेने पड़ते हैं
मायावती ने कहा कि आप लोग सोच रहे होंगे कि गेस्ट हाउस कांड के बाद भी हमने समाजवादी पार्टी से गठबंधन क्यों किया। उस न भूलने वाले कांड के बाद भी हम साथ चुनाव लड़ रहे हैं। कभी-कभी कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। हमने देश के हालात को देखते हुए सपा व रालोद के साथ गठबंधन किया है। मुलायम सिंह यादव मोदी की तरह पिछड़ों के नकली नेता नहीं हैं। मोदी खुद को पिछड़ा बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

अहसान कभी नहीं भुलूंगा
मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यह हमारा अंतिम चुनाव है। मैनपुरी से हमको भारी बहुमत से जिता देना। उन्होंने कहा कि मायावती जी का हम सम्मान करते हैं। आप सब भी करना। उनका बहुत सम्मान करना आप लोग। मैं इनका अहसान कभी नहीं भुलूंगा। आप लोग भी इनकी इज्जत करना। समय-समय पर उन्होंने हमारा साथ दिया है।

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