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राजस्थान में 2013 के मुकाबले अपराध घटे या बढ़े ?

राजस्थान में चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में जनता हर आम-खास मुद्दे पर विचार करेगी और तब वोट देगी। ऐसे में एक नजर 2013 के मुकाबले में अभी के क्राइम रेट से।

Author November 28, 2018 2:31 PM
राजस्थान में भाजपा का प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान में चुनावी हवा जोरों से चल रही है। ऐसे में एक तरफ जहां प्रत्याशी अपने प्रचार प्रसार में कोई रियायत नहीं बरत रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जनता भी हर मुद्दे को लेकर सोच विचार कर वोट डालने के मूड में है। ऐसे में बताते हैं कि राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने एक मीटिंग में दावा किया था कि प्रदेश में 2013 के मुकाबले में अपराध 13.4 प्रतिशत कम हुए हैं। दरअसल कटारिया ने पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के दौरान ये दावा पेश किया था। इस बैठक में डीजीपी भी मौजूद थे। कटारिया ने इस दौरान उपलब्धियां गिनवाईं तो साथ ही कमियां भी स्वीकार कीं।

ये रहीं उपलब्धियां
– 2013 की तुलना में कुल अपराध 13.4 प्रतिशत घटे हैं।
– महिला अपराध 20.4, अजा वर्ग से जुड़े अपराध 42 प्रतिशत घटे।
– 3 नई बटालियन स्थापित की गईं।
– 5000 ऐसे बच्चों को मुक्त कराया जो गुमशुदा और भिक्षावृत्ति में लिप्त थे।
-125 दिन में 13 हजार से अधिक पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की।
– 80 हजार पुलिसकर्मियों को सीसीटीएनएस का प्रशिक्षण दिया गया।
– कांस्टेबल से एडिशनल एसपी स्तर तक 20 हजार प्रमोशन किए गए।
– एसपी से थाना स्तर तक जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की।

ये कमियां की स्वीकार
-संभाग स्तर पर अभय कमांड सेंटर बनाए मगर इन्हें हर जिले से जोड़ नहीं पाए।
-ऑनलाइन एफआईआर दर्ज होने में अभी वक्त लगेगा।
– पुलिस के प्रशिक्षण सेंटरों पर अच्छे ट्रेनरों का अभाव है।
– मॉब लिंचिंग 100 प्रतिशत नहीं रोक पाए।
ऑनलाइन एफआईआर में क्या है दिक्कत
दरअसल अभी तक ऑनलाइन एफआईआर में एक दिक्कत है कि जो व्यक्ति एफआईआर दर्ज कराता है सिर्फ वो ही ऑनलाइन एफआईआर देख सकता है। जबकि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि कोई भी किसी की भी ऑनलाइन एफआईआर देख सके। हालांकि पुलिस खुद नहीं चाहती कि ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हो वरना इससे ऑनलाइन एफआईआर का अंबार लग जाएगा।

 

गौरतलब है कि प्रदेश में 7 दिसंबर को 200 सीटों के लिए वोटिंग होगी और 11 दिसंबर को नतीजे सभी के सामने आएंगे। ऐसे में प्रदेश की दोनों बड़ी पार्टियां यानी कांग्रेस- भाजपा ने अपने सभी दिग्गज मैदान में उतार दिए हैं और जमकर पार्टी और प्रत्याशी अपना अपना प्रचार प्रसार कर रहे हैं।

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