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गठबंधन पर भरोसाः कानपुर में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन दिखाएगा चमत्कार !

कानपुर नगर जनपद के तहत आने वाली कानपुर लोकसभा सीट पूरी तरह से शहरी सीट है। सपा और बसपा का जातीय समीकरण यहां कभी नहीं चल पाया। जनता ने कभी भी इन पार्टियों को तरजीह नहीं दी। हालांकि अबकी बार सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन है और यह सीट सपा के खाते में आई है।

Author कानपुर | April 19, 2019 1:31 AM
मायावती और अखिलेश यादव

अवनीश कुमार

कानपुर नगर जनपद के तहत आने वाली कानपुर लोकसभा सीट पूरी तरह से शहरी सीट है। सपा और बसपा का जातीय समीकरण यहां कभी नहीं चल पाया। जनता ने कभी भी इन पार्टियों को तरजीह नहीं दी। हालांकि अबकी बार सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन है और यह सीट सपा के खाते में आई है। इससे सपाई उत्साहित हैं पर आंकड़ों पर गौर करें तो गठबंधन के सभी वोट मिला भी दिए जाएं, तो भी परिणाम सपा के लिए उत्साहवर्धक नहीं हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस जितना कमजोर हुई तो उतना ही क्षेत्रीय दल सपा और बसपा मजबूत हुई, लेकिन कानपुर लोकसभा सीट में दोनों पाटिर्यों का आज तक वजूद नहीं बन सका। जबकि दोनों पार्टियों की प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकारें रह चुकी हैं।

पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के सामने दोनों पार्टियां कहीं भी नहीं टिक सकी। सपा के उम्मीदवार सुरेंद्र मोहन अग्रवाल को महज 25,723 और बसपा उम्मीदवार सलीम अहमद को 53,218 वोट मिले थे। जबकि भाजपा उम्मीदवार डॉ मुरली मनोहर जोशी को 4,74,712 मत मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार श्रीप्रकाश जायसवाल को 2,51,766 वोट मिले। प्रदेश में सपा की सरकार थी मगर उसके उम्मीदवार को मात्र 25 हजार वोट ही मिले।
इसी तरह 2009 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में बसपा की सरकार थी और मायावती ने सोशल इंजीनियरिंग के चलते यहां से सुखदा मिश्रा को मैदान में उतारा। मगर बसपा उम्मीदवार को 48,374 मत ही मिल सके।

सपा के सुरेंद्र मोहन अग्रवाल को 34,919 मतों से संतोष करना पड़ा। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल को 2,14,988 और भाजपा के प्रत्याशी सतीश महाना, जो उस समय लगातार पांच बार विधायक थे और वतर्मान उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री हैं, को 1,96082 मत मिले। ये आंकड़े बताते हैं कि कानपुर सीट पर सपा-बसपा की जमीनी पकड़ कमजोर है। हालांकि लोकतांत्रिक चुनावों में आंकड़ेबाजी नहीं चलती और चुनावी माहौल मायने रखता है। इस बार तो प्रदेश में सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन है जिसको लेकर इन दिनों गठबंधन के नेता लगातार बैठकें कर चुनावी जीत की घोषणा कर रहे हैं।

सपा के नगर अध्यक्ष मोइन खान ने बताया कि जनता भाजपा सरकार से त्रस्त हो चुकी है और इस बार कानपुर की जनता गठबंधन प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने जा रही है। बसपा के नगर अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अबकी बार गठबंधन प्रत्याशी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा और जीत भी होगी।

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