ताज़ा खबर
 

Chhattisgarh Election Results: 15 साल में पहली बार कांग्रेस बनाएगी सरकार, बीजेपी की हार के ये हैं कारण

Chhattisgarh Vidhan Sabha Election Result 2018, Chhattisgarh Chunav Result 2018: छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में करीब 60 पर कांग्रेस पार्टी आगे चल रही है। जबकि भाजपा सिर्फ 20 सीटों पर ही बढ़त बना सकी है।

Election Results 2018 LIVE: डॉ रमन सिंह फोटो सोर्स- फेसबुक

Chhattisgarh Vidhan Sabha Election Result 2018, Rajasthan Chunav Result 2018: छत्तीसगढ़ में 15 सालों से सत्ता पर काबिज भाजपा को हार का सामना करना पड़ रहा है। मतगणना के दौरान आ रहे रूझानों से ये बात साफ हो रही है। राज्य की 90 सीटों में करीब 60 पर कांग्रेस पार्टी आगे चल रही है। जबकि भाजपा सिर्फ 20 सीटों पर ही बढ़त बना सकी है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस और बीएसपी का गठबंधन 6 सीटों और एक सीट पर निर्दलीय आगे चल रहे है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के इस निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे के कुछ कारणों पर नजर डालते है।

सत्ता विरोधी लहर-
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में रमन सिंह 15 सालों से सत्ता पर काबिज है। यहां 2003 से बीजेपी की सरकार है जाहिर है इस बार पार्टी को एंटी इन्केंबंसी का सामना करना पड़ा है। छत्तीसगढ़ में शुरुआती रुझानों में कांग्रेस ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है और जादुई 45 के आंकड़े को पार करने के साथ ही बड़ी जीत की ओर जाती दिख रही है।

दलित-आदिवासी क्षेत्र में पिछड़े-
गौरतलब है कि राज्य में करीब 31 प्रतिशत मतदाता आदिवासी समुदाय से है। जबकि 11 प्रतिशत मतदाता दलित हैं। अगर अभी तक के चुनावी रुझानों पर गौर करें तो भाजपा इन्हीं इलाकों में काफी हद तक पिछड़ी हुई दिखाई पड़ रही है। पिछली बार आदिवासी बहुल 14 सीटों पर 8 कांग्रेस और 6 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इन सीटों में कोटा, अंबिकापुर, प्रेमनगर, भटगांव, संजारी, बैकुंठपुर, चंद्रपुर, कवर्धा आदि है।
Election Result 2018 LIVE: Rajasthan | Telangana | Mizoram | Madhya Pradesh | Chhattisgarh Election Result 2018

किसान और कर्जमाफी-
राज्य में किसान कई बार अपनी फसलों के दाम को लेकर रमन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे है। किसानों की इस नाराजगी का फायदा कांग्रेस ने उठाने की कोशिश की और उसने अपने घोषणापत्र में किसानों की कर्जमाफी का वायदा किया। जिसका लाभ उसे चुनाव रुझानों में देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने राज्य में सत्ताधारी भाजपा का सूपड़ा साफ़ कर दिया।

नक्सलवाद-
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद एक बड़ी समस्या है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस बार बंपर मतदान हुआ। जाहिर है नतीजे बता रहे हैं कि ये बंपर वोटिंग रमन सिंह की सरकार के खिलाफ ही थी। नक्सलवाद पर नाकामी भी एक मुद्दा चुनावों में रहा है। छत्तीसगढ़ में पहले चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इस दौरान इस क्षेत्र के 76 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया था। नक्सलवादी क्षेत्रों में बक्सर, दंतेवाड़ा जैसी सीटें आती हैं।

पार्टी में टिकट वितरण और बगावत-
चुनावी मौसम के दौरान भाजपा में टिकट वितरण से अंसतोष पैदा हुआ था। रायगढ़ से टिकट नहीं मिलने पर विजय अग्रवाल निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए। यही हाल रामानुजगंज, बसना, साजा, बिलाईगढ़ जैसी सीटों का भी रहा जहां बीजेपी के बागी उम्मीदवारों की वजह से पार्टी उम्मीदवारों को मुश्कलों का सामना करना पड़ा। जाहिर है चुनावों में इसका नुकसान तो होना ही था। छत्तीसगढ़ में पिछली बार भाजपा ने 49 और कांग्रेस ने 39 सीटें जीती थीं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 छत्तीसगढ़: हवा हो गई रमन सिंह की ‘स्काई’ योजना, स्मार्ट फोन बांटना भी नहीं आया काम
2 Telangana Election Result 2018: तेलंगाना में हार के बाद कांग्रेस ने EVM को ठहराया जिम्मेदार, BJP पर लगाया TRS को मदद पहुंचाने का आरोप
3 Elections Result 2018: ‘जनता मोदी सरकार से निराश, विधानसभा चुनावों में भाजपा को किया खारिज”
ये पढ़ा क्या?
X