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छत्तीसगढ़: टिकट कटने से 31% MLA नाराज, भावुक होकर सीएम ने थामी भाजपा में बगावत, लालबत्ती का भी दिया लालच

राज्य में भी भाजपा ने सभी विधान सभा सीटों पर ग्राउंड सर्वे कराया था। सर्वे में जिन विधायकों या मंत्रियों की स्थिति कमतर दिखी, उनका टिकट काट दिया गया।

छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह

छत्तीसगढ़ में भाजपा के 31 फीसदी मौजूदा विधायकों का टिकट कट गया है। इससे नाराज विधायकों और मंत्रियों ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया लेकिन सीएम रमन सिंह ने देर न करते हुए उनकी बगावत रोक ली है। बागियों में मंत्री रमशीला साहू भी शामिल थीं। सीएम ने टिकट से वंचित किए गए 15 विधायकों से मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य में चौथी बार भी भाजपा की सरकार बनने जा रही है। ऐसी स्थिति में उनका ख्याल रखा जाएगा और उन्हें सरकार बनने पर सम्मानजनक पद दिया जाएगा। एक समय ऐसा बी आया जब मंत्री रमशीला साहू को समझाते-समझाते मुख्यमंत्री रमन सिंह भावुक हो गए। बता दें कि राज्य में कुल 90 विधान सभा सीटे हैं। इनमें से भाजपा के पास फिलहाल 49 विधायक हैं। पार्टी ने इनमें से 15 विधायकों का टिकट काटा है। राज्य में भी भाजपा ने सभी विधान सभा सीटों पर ग्राउंड सर्वे कराया था। सर्वे में जिन विधायकों या मंत्रियों की स्थिति कमतर दिखी, उनका टिकट काट दिया गया। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में भी जीत का फार्मूला ग्राउंड सर्वे को ही रखा है।

उधर, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भी भाजपा की अंदरुनी स्थिति अच्छी नहीं है। टिकट बंटवारे पर पार्टी टेंशन में है। राज्य में पांच मंत्रियों समेत करीब 70 विधायकों पर टिकट काटे जाने का खतरा बरकरार है। माना जा रहा है कि दिवाली के बाद राज्य में भाजपा उम्मीदवारों का एलान करेगी। तब तक ऐसे सभी विधायकों की सांसें अटकी रहेंगी जिनकी उम्मीदवारी पर तलवार लटकी है। बता दें कि मध्य प्रदेश में भाजपा के कुल 165 विधायक हैं। 28 अक्टूबर को भोपाल में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भी इन नामों पर चर्चा हुई थी। अब उन पर अंतिम चर्चा और फैसला केंद्रीय चुनाव समिति को करना है। सीएम शिवराज सिंह, प्रदेश बाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह पिछले तीन दिनों से इसी वजह से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। ताकि उम्मीदवारों का नाम तय हो सके।

मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। 11 दिसंबर को नतीजों का एलान होगा। उधर, विपक्षी कांग्रेस में भी टिकट बंटवारे को लेकर स्थिति उलझन भरी है। टिकट बंटवारे पर कांग्रेस के दो दिग्गज पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आपस में भिड़ गए। इसी वजह से उम्मीदवारों पर कोई फैसला नहीं हो सका। माना जा रहा है कि आज (शुक्रवार, 02 नवंबर) को दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो सकती है, जिसमें एमपी के उम्मीदवारों पर कोई फैसला हो सकता है।

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