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जातिगत समीकरण तय करेंगे हार-जीत

यह संसदीय क्षेत्र तीन जिलों में फैला है। जालौन जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के अलावा झांसी का गरौठा क्षेत्र और कानपुर देहात का भोगनीपुर भी इसमें शामिल है।

Author April 26, 2019 2:15 AM
लोकसभा चुनाव 2019 (प्रतीकात्मक चित्र) फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

सुनील कुमार शर्मा

शुरुआत से ही सुरक्षित क्षेत्र होने के कारण जालौन में किसी लोकसभा चुनाव में वैसी तड़क भड़क देखने को नहीं मिली जैसी सामान्य निर्वाचित क्षेत्रों में रहती है। इस बार तो माहौल और अधिक उदासीन है। संसदीय क्षेत्र में वैसे तो पांच उम्मीदवार हैं लेकिन मुख्य मुकाबले में भाजपा, बसपा सपा गठबंधन और कांग्रेस ही हैं। भाजपा ने जहां सांसद भानुप्रताप वर्मा का टिकट बहाल रखा है, वहीं कांग्रेस ने 1999 में बसपा से सांसद चुने गए बृजलाल खाबरी को टिकट दिया है। बसपा के उम्मीदवार अजय सिंह पंकज का यह लोकसभा का पहला चुनाव है। हालांकि 2007 में वे बसपा के ही कोंच क्षेत्र से विधायक रहे हैं।

यह संसदीय क्षेत्र तीन जिलों में फैला है। जालौन जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के अलावा झांसी का गरौठा क्षेत्र और कानपुर देहात का भोगनीपुर भी इसमें शामिल है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का कब्जा है लेकिन इस बीच पचनद में काफी कुछ बह चुका है क्योंकि गत 25 वर्षों से पचनद में बांध बनाने के लिए किसी सांसद ने केंद्र सरकार से प्रयास नहीं किया जिसके कारण पांच नदियों के संगम पर बांध अभी तक नहीं बन सका। गत लोकसभा चुनाव में भानुप्रताप वर्मा आधे से अधिक निर्वाचित क्षेत्रों में एक भी बार नहीं पहुंच पाए थे फिर भी उन्हें छप्पड़ फाड़कर वोट मिले।

वैसे अगर भानुप्रताप वर्मा ने चार बार सांसद रहने के बावजूद क्षेत्र में कोई गिनाने लायक काम नहीं किया है तो उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी का रिकार्ड भी कोई बेहतर नहीं है। हालांकि यहां विकास से ज्यादा बड़ा मुद्दा जातियों के समीकरण का है। यहां पिछड़े वर्ग का समर्थन हार जीत तय करता रहा है। भाजपा की पैठ जनसंघ के जमाने से पिछड़े वर्ग में ठीक रही है। 1991 के बाद इसी कारण भाजपा को यहां अधिक कामयाबी मिली लेकिन जब पिछड़ों का पूरा समर्थन सपा व बसपा की तरफ झुक गया तो भाजपा को सीट गंवानी पड़ी। 25 अप्रैल को उरई में प्रस्तावित हुई भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सभा से भाजपा के लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन इसके स्थगित होने से उसे एक और झटका लगा है।

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