ताज़ा खबर
 

अमित शाह पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप, अदालत ने दी राहत

कोलकत्ता उच्च न्यायालय ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ दर्ज एक मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

Author कोलकाता | Updated: March 29, 2019 10:12 AM
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कोलकाता उच्च न्यायालय ने आपराधिक कार्यवाही रोकी

कोलकत्ता उच्च न्यायालय ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ दर्ज एक मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। भाजपा अध्यक्ष पर जनवरी में अपने भाषण से हिंसा के लिये लोगों को उकसाने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने शाह के खिलाफ कार्यवाही पर चार हफ्ते की रोक लगाते हुए सवाल पूछा कि शाह के इस दावे से कैसे हिंसा भड़क सकती है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में मतगणना के दिन पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार गिर सकती है? शाह ने अपने खिलाफ दायर प्राथमिकी को रद्द करने को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया था कि आरोप ओछे और मनगढ़ंत हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पूर्वी मिदनापुर जिले के कोनटाई में हिंसा के असली षड्यंत्रकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज न कर उस व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई जो भाषण दे रहा था। प्रदेश की तरफ से पेश हुए लोक अभियोजक शाश्वत मुखर्जी ने कहा कि कोनटाई पुलिस थाने में दो अन्य मामले भी दर्ज किये गए थे जिनमें कुछ आरोपियों को हिंसा और आगजनी के लिये नामजद किया गया था।

उन्होंने माना कि शाह का नाम उन प्राथमिकियों में नहीं था। कोनटाई उप-मंडलीय जिला मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) अदालत में प्राथमिकी के आधार पर शाह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने निर्देश दिया कि मामला दो हफ्ते बाद सुनवाई के लिये पेश किया जाए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Bihar: कांग्रेस प्रत्याशी नहीं होने से आसान हुई औरंगाबाद की लड़ाई, अब मांझी-BJP के बीच होगा मुकाबला
2 Lok Sabha Election 2019: PM बोले- चौकीदार का आतंकियों में खौफ, गृह मंत्रालय कहता है- मोदी राज में तिगुनी वारदात
3 Election 2019: लिखा हुआ भाषण भी ठीक से नहीं पढ़ सके शरद पवार के पोते पार्थ, तीन मिनट में ही करना पड़ा खत्म
ये पढ़ा क्या?
X
Testing git commit