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Rajasthan election 2018: केंद्रीय मंत्री के सामने नोटबंदी, जीएसटी के खिलाफ कविता पढ़ने लगा भाजपा कार्यकर्ता, भगाया गया

राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर किए जा रहे एक बैठक के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता नोटबंदी, जीएसटी के खिलाफ कविता पढ़ने लगा। यह घटना एक केंद्रीय मंत्री के सामने हुई।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब बस कुछ समय शेष रह गए हैं। सभी पार्टियां रणनीति बनाकर प्रचार करने, मतदाताओं की नाराजगी को दूर करने और डमैज कंट्रोल से निपटने के लिए अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विचार-विमर्श कर रही हैं। इसी सिलसिले में बुधवार (10 अक्टूबर) को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने कोटा जिले के एक होटल में बैठक की। यहां उन्होंने सरकार को लेकर जनता की राय जानी। आगामी चुनाव को लेकर जमीनी हकीकत से रूबरू हुए। लेकिन इस दौरान एक ऐसा वाकया हुआ, जो चर्चा का विषय बन गया है। बैठक के दौरान एक कार्यकर्ता श्याम शर्मा अचानक खड़े हो गए और व्यंग्यात्मक रूप से पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने एक कविता के माध्यम से नोटबंदी, महंगाई और जीसएसटी पर कटाक्ष किया। उनकी कविता सुनते ही कुछ देर के लिए बैठक में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्याम शर्मा द्वारा कविता पाठ शुरू करने के कुछ ही देर बाद उन्हें रोक दिया गया। बैठक में मौजूद केंद्रीय मंत्री ने जब पूछा कि वे यहां कैसे आ गए, इसके जवाब में श्याम शर्मा ने कहा, “मैं भाजपा का ही कार्यकर्ता हूं। आपको सच्चाई बताने आया हूं।” इतना सुनते ही वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ता खड़े हुए और श्याम शर्मा को भगा दिया।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री और प्रदेश संगठन महामंत्री ने शक्ति केंद्रों और बूथ प्रबंधन की जानकारी ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बताए गए 23 सूत्री कार्यक्रम की प्रगति का जायजा लिया। कमजोर बूथों के बारे में पूछताछ की। बैठक के बाद नेताओं ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि हमें हर हाल में चुनाव जीतना है। इसके लिए सभी लोग जी-जान से जुट जाएं। हालांकि, बैठक के दोरान कई जगहों पर मंत्रियों व विधायकों के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद विधायकों ने जनता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। जब भी जनता उनके पास समस्या लेकर गई, उन्होंने सामाधान नहीं किया। इस वजह से जनता और कार्यकर्ता दोनों में आक्रोश है।

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