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टिकट नहीं मिला तो प्रत्याशी समर्थकों का बीजेपी दफ्तर पर हमला, जमकर की तोड़फोड़

बता देें कि 6 सितंबर 2018 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सरकार बर्खास्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले ही चुनाव में जाने का फैसला किया था।

तेलंगाना के निजामाबाद भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ करते भाजपा कार्यकर्ता। फोटो- एएनआई

तेलंगाना के निजामाबाद में भाजपा के जिला कार्यालय में शुक्रवार (2 नवंबर) को कार्यकर्ताओं के गुट ने जमकर तोड़फोड़ की। कार्यकर्ताओं द्वारा ये तोड़फोड़ राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी होने के एक दिन बाद की गई। प्रदर्शन करने वालों की पहचान भाजपा के राज्य सचिव धनपाल सूर्यनारायण गुप्ता के समर्थकों के तौर पर की गई। बता दें कि भाजपा नेतृत्व ने विधानसभा चुनावों में निजामाबाद सीट से उनका टिकट काट दिया था। भाजपा नेतृत्व के इस फैसले से धनपाल सूर्यनारायण के समर्थक भड़क गए। कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ निजामाबाद जिले और हैदराबाद के श्रीरंगमपल्ली इलाके में भी प्रदर्शन किए गए।

वहीं निजामाबाद जिले में भड़के हुए गुप्ता समर्थकों ने भाजपा के जिला मुख्यालय में फर्नीचर तोड़ दिया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। भाजपा ने शुक्रवार को तेलंगाना के लिए 28 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे। अभी तक तेलंगाना में भाजपा के 119 में से 66 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जा चुकी है।

38 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 20 अक्टूबर को जारी की गई थी। जबकि 28 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट 2 नवंबर को जारी की गई थी। बता दें कि तेलंगाना विधानसभा के चुनाव 7 दिसंबर को होने वाले हैं। इस चुनाव में जनता 119 विधायकों को अपना प्रतिनिधि बनाकर विधानसभा भेजने के लिए वोट डालेगी। वोटों की गिनती 11 दिसंबर को की जाएगी।

बता देें कि 6 सितंबर 2018 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सरकार बर्खास्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले ही चुनाव में जाने का फैसला किया था। बता दें कि तेलंगाना में केसीआर ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) के नेता के चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस के साथ किसी गठबंधन की संभावना से इंकार किया है।

वहीं दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी तेलंगाना में ताल ठोंकने का ऐलान किया है। दूसरी तरफ कांग्रेस, टीडीपी और टीजेएस का गठबंधन हो रहा है। इसके अलावा एक और गठबंधन बीएलएफ बनकर उभरा है जिसमें सीपीएम सहित 28 दल हैं। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने भी राज्य में अब तक काबिज रही टीआरएस के लिए कठिन चुनौती पेश की है। बीते कुछ वक्त में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य के कई दौरे किए हैं। इससे उम्मीद लगाई जा रही है कि भाजपा राज्य विधानसभा के इन चुनावों में मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित होगी।

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