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तीन राज्यों में हार पर बीजेपी सांसद ने पत्रकार से पूछा- अमित शाह ने ट्वीट किया कि नहीं

मोदी सरकार के एक पूर्व मंत्री और वर्तमान सांसद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह हार जरूरी था। इस हार से पार्टी के कई नेताओं का अहंकार टूट जाएगा जो यह सोचते हैं कि भाजपा को कोई नहीं हरा सकता।

Author Updated: December 13, 2018 11:30 AM
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Photo: PTI)

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को जनता ने नकार दिया है। मिजोरम और तेलंगाना में तो भाजपा की पकड़ पहले से ही मजबूत नहीं थी, लेकिन मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में वह सत्ता में थी। इस बार के चुनाव में भाजपा के हाथ से तीनों राज्य निकल गए। कांग्रेस ने तीनों राज्यों में जबरदस्त वापसी की है। भाजपा के इस हार पर दूसरे दलों के नेताओं की जगह अपनों ने ही सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। टेलीग्राफ में छपी खबर के मुताबिक, बुधवार को संसद के बाहर मोदी सरकार के एक पूर्व मंत्री और वर्तमान सांसद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हार जरूरी था। इस हार से पार्टी के कई नेताओं का अहंकार टूट जाएगा जो यह सोचते हैं कि भाजपा को कोई नहीं हरा सकता।” वहीं, एक सांसद ने पत्रकार से ही पूछा कि अमित शाह ने ट्वीट किया या नहीं?

बुधवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। इसके बाद संसद भवन में सांसदों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवायी। संसद की कार्यवाही के साथ-साथ पांच राज्यों के विधानसभा नतीजों पर भी खूब चर्चा हुई। राजस्थान, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में भाजपा की हार पर पूर्व मंत्री व भाजपा सांसद ने कहा, “2019 लोकसभा चुनाव मुकाबले के पहले यह जरूरी था।” सांसद ने कुछ नेताओं का नाम लिए बिना ही इशारे में कहा कि उन्हें घमंड हो गया है।” भाजपा सांसद के इस टिप्पणी ने पार्टी के कई अन्य सांसदों की मनोदशा को बयां किया। पार्टी के कई सांसद अब राहत महसूस कर रहे हैं। कुछ सांसद इसलिए भी खुश हैं कि तीन प्रमुख राज्यों में हार के बाद पार्टी कार्यकर्ता 2019 के चुनाव के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। हालांकि, कुछ सांसदों ने भाजपा में ‘व्यक्ति विशेष’ के प्रभाव की ओर इशारा किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चुनावी झगड़े समाप्त हो जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के एक सांसद से जब पत्रकार ने हार की वजहों को जानना चाहा तो उन्होंने कहा, “मैं सार्वजनिक तौर पर इन बातों का जिक्र नहीं कर सकता। यदि पार्टी नेतृत्व मुझसे पूछेगा तो मैं बताउंगा। मुझे उम्मीद है कि नेतृत्व हमारी बातों को सुनेंगे।” शीर्ष नेतृत्व के एक वर्ग विशेष पर ‘अहंकार’ का इशारा करते हुए एक अन्य सांसद ने पीएम मोदी द्वारा ‘विनम्रता के साथ जनादेश को स्वीकार’ करने की सराहना की और पत्रकारों से पूछा, “क्या पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव ट्वीट किया या नहीं?” पत्रकार ने उन्हें बताया कि अमित शाह ने ट्वीट नहीं किया, इसके बाद सांसद ने कहा, “अमित भाई हार स्वीकार नहीं कर पाते।” वहीं, बिहार के एक सांसद ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा हार की बात स्वीकार करने से जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा। सांसद ने संभावना जताई कि वे 2019 में उनकी पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी।

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