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Lok Sabha Election 2019: भाजपा में टिकट को लेकर खींचतान शुरू

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): चैंपियन ने निशंक को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि निशंक पांच साल तक हरिद्वार की जनता के बीच नहीं रहे और अब चुनाव के ऐन वक्त पर विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कर विकास का झूठा दावा कर रहे हैं।

Author Published on: March 15, 2019 5:30 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली के दौरान भाजपा समर्थक। (Photo: PTI)

सुनील दत्त पांडेय

लोकसभा चुनाव का एलान होते ही उत्तराखंड भाजपा में टिकट को लेकर खींचातानी शुरू हो गई है। भाजपा के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने अपनी ही पार्टी के हरिद्वार के मौजूदा सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के खिलाफ मोर्चा खोलकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व को परेशानी में डाल दिया है। चैंपियन के बयान ने भाजपा में खलबली मचा दी है। चैंपियन ने निशंक को प्रवासी पक्षी बताते हुए हरिद्वार लोकसभा सीट से पत्नी रानी देवयानी सिंह के लिए भाजपा से टिकट देने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी ही हरीश रावत को चुनाव हरा सकती हैं क्योंकि पिछड़े मतदाताओं के धु्रवीकरण के कारण उनकी पत्नी रावत पर भारी पड़ेंगी।

चैंपियन ने कहा कि उनकी पत्नी रानी देवयानी सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 3 फरवरी को अपना बायोडाटा देकर हरिद्वार सीट पर अपनी दावेदारी की है। पत्नी की तारीफ करते हुए चैंपियन कहते हैं कि उनकी पत्नी तीन बार से लगातार हरिद्वार जिला पंचायत की सदस्य हैं और स्नातकोत्तर हैं। साथ ही शूटिंग में राष्ट्रीय चैंपियन रही हैं और उनके पिता महेन्द्र सिंह भाटी तीन बार नोएडा से विधायक रहे हैं और वे खुद हरिद्वार जिले की खानपुर और लक्सर सीट से चार बार से विधायक हैं। चैंपियन ने निशंक को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि निशंक पांच साल तक हरिद्वार की जनता के बीच नहीं रहे और अब चुनाव के ऐन वक्त पर विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कर विकास का झूठा दावा कर रहे हैं। चैंपियन ने बकायदा पत्रकार वार्ता में कहा हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में इस बार स्थानीय प्रत्याशी बनाया जाए। निशंक और हरीश रावत दोनों स्थानीय नहीं है।

चैंपियन 2002 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लक्सर से विधायक चुने गए थे। तब से वे लगातार विधायक बनते आ रहे हैं। इस समय वे खानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। 2016 में कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा विधायकों के साथ उन्होंने कांग्रेस से बगावत कर भाजपा का दामन थामा था। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव हरीश रावत पर आरोप लगाते हुए चैंपियन ने कहा कि जब उन्होंने रावत की संकीर्ण मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस से बगावत की, तो रावत ने मुख्यमंत्री रहते उनकी रियासत लंढौरा (रुड़की) में उनके महल में आग लगवाई। चैंपियन के बयान ने सूबे की राजनीति का माहौल गरमा दिया है।

चैंपियन के बयान से भाजपा का प्रदेश नेतृत्व सकते में है और बचाव की मुद्रा में दिखाई दे रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट चैंपियन के बयान के बाद असहज नजर आए। चैंपियन को नसीहत देते हुए अजय भट्ट ने कहा कि टिकट की मांग करने वाले नेताओं को अपनी वाणी पर संयम रखना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक के बयान का पार्टी नेतृत्व ने संज्ञान लिया है। भाजपा में अनुशासन सबसे अहम है। टिकट मांगना सभी कार्यकर्ताओं का अधिकार है, परंतु अनुशासन में रहकर टिकट मांगने वालों को अपनी बात रखनी होगी। बयानबाजी करने वाले नेताओं को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं हरिद्वार के मौजूदा सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बार में कहा कि मैं उत्तराखंड का बेटा हूं और हरिद्वार मेरा घर है। मैं हरिद्वार के लिए बाहर का नहीं हूं। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य निर्माण के आंदोलन के वक्त हरिद्वार को उत्तराखंड में मिलाने की सबसे ज्यादा पैरोकारी उन्होंने की थी। निशंक का कहना है कि चैंपियन मेरी पार्टी के सम्मानित विधायक हैं। शायद उन्हें यह जानकारी नहीं है कि चुनाव आचार संहिता से पहले जितनी भी घोषणाएं विकास के संबंध में मैंने की थी, उन सबके टेंडर हो चुके हैं और कार्य जल्दी ही शुरू होने वाले हैं। निशंक का कहना है कि 50 साल से ज्याद समय से मेरा हरिद्वार से नाता रहा है। मैंने सबसे ज्यादा कार्य 15 सौ करोड़ रुपए के हरिद्वार में कराए हैं। चार सौ करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं। इसमें सौ करोड़ के कार्य चैंपियन के विधानसभा क्षेत्र खानपुर के हैं और मेरे हरिद्वार के लिए प्रवासी होने का मतलब ही नहीं उठता है।

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