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सपा-बसपा गठजोड़ से भाजपा पर 50 सीटें हारने का खतरा

1991 में बीएसपी ने 386 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह केवल 12 सीटें अपने नाम कर सकी थी। पार्टी को तब 35.32 लाख वोट मिले थे, पर 1993 में बसपा ने जब सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा तो उसे करीब 55 लाख वोट (164 सीटों पर चुनाव लड़ने पर) मिले थे।

भाजपा को मात देने के मकसद से इन दोनों दलों के बीच 26 साल बाद पुरानी कड़वाहट कम हुई है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठजोड़ से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। दोनों पार्टियों के वोट मिलकर सूबे में सत्तारूढ़ भाजपा को लगभग 50 सीटों का नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये संकेत 2017 में हुए विधानसभा चुनाव और पूर्व के आंकड़ों से मिले हैं।

बता दें कि यूपी में कुल 80 लोकसभा की सीटें हैं। अगर दोनों पार्टियों के वोटों को मिला दिया जाए तो सपा-बसपा का गठबंधन कम से कम 57 सीटें हासिल कर सकता है, जबकि भाजपा के खाते में महज 23 सीटें ही आ सकेंगी। सपा और बसपा ने सबसे पहले साल 1993 में गठजोड़ कर के चुनाव लड़ा था, तब दोनों ने ही एक-दूजे को वोटबैंक बनाने में मदद की थी।

इससे पहले, 1991 में बीएसपी ने 386 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह केवल 12 सीटें अपने नाम कर सकी थी। पार्टी को तब 35.32 लाख वोट मिले थे, पर 1993 में बसपा ने जब सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा तो उसे करीब 55 लाख वोट (164 सीटों पर चुनाव लड़ने पर) मिले थे। वहीं, सपा ने 256 सीटों पर चुनाव लड़ा था और तब उसे 89 लाख वोट मिले थे।

बाद में इन दोनों दलों ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना ली थी, तब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, करीब 18 महीने बाद बसपा ने समर्थन वापस ले लिया था और आगे चलकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई थी। गौरतलब है कि 2019 के आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए सपा-बसपा ने लगभग 26 साल पुरानी दुश्मनी भुला दी है। शनिवार (12 जनवरी) को लखनऊ में आधिकारिक तौर पर यूपी में गठबंधन का ऐलान हो गया।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस वार्ता में इस घोषणा के बाद कहा कि सपा-बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हमारा गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव में भी जारी रहेगा। यह बड़ी राजनीतिक क्रांति का संदेश देगा, जबकि सपा अध्यक्ष बोले कि वे इस गठबंधन के जरिए बीजेपी का अहंकार चूर-चूर कर देंगे।

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