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Lok Sabha Elections 2019: साध्वी प्रज्ञा भाजपा में शामिल, भोपाल सीट से मिला टिकट

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा ने बुधवार को मध्य प्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से टिकट देने का एलान किया, जहां उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से होगा।

मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सिंह को मिली कोर्ट से राहत।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा ने बुधवार को मध्य प्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से टिकट देने का एलान किया, जहां उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से होगा। मालेगांव धमाका मामले में इन दिनों जमानत पर चल रहीं ठाकुर इस एलान से चंद घंटे पहले ही भाजपा में शामिल हुई थीं। यह सीट कई चुनावों से भाजपा के पास ही है। एनआइए अदालत ने मालेगांव मामले में उनके खिलाफ सख्त मकोका कानून के तहत लगे आरोपों को हटा लिया था, लेकिन उनके सहित अन्य लोगों पर अभी भी दूसरे आरोप चल रहे हैं। भाजपा की इस सूची में चार उम्मीदवारों के नाम हैं। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के अलावा सागर से राजबहादुर सिंह, गुना से डॉ. केपी यादव और विदिशा के रमाकांत भार्गव को टिकट दिया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2014 में विदिशा सीट से जीत हासिल की थी पर उन्होंने एलान किया है कि वह स्वास्थ्य कारणों के चलते इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी।

बुधवार को ही मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सिंह ने औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। भाजपा दफ्तर पहुंचते ही भोपाल सीट से उनकी उम्मीदवारी को लेकर भी अटकलें तेज हो गई थीं। मालेगांव विस्फोट कांड की वजह से सुर्खिंयों में आर्इं साध्वी प्रज्ञा सिंह का नाम ज्यादा चर्चा में था। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मध्य प्रदेश के मध्यम वर्गीय परिवार से आती हैं। परिवारिक पृष्ठभूमि के चलते वे संघ व विहिप से जुड़ीं और बाद में संन्यास धारण कर लिया। साध्वी 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी हैं।

भोपाल लोकसभा सीट पर करीब तीन दशक से भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस नेता शंकर दयाल शर्मा, जो देश के राष्ट्रपति भी रहे, ने 1984 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी। 1989 से लेकर भाजपा के सुशील चंद्र वर्मा ने तीन बार यहां का प्रतिनिधित्व किया। 1999 में उमा भारती यहां से जीतीं लेकिन मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। वतर्मान में अशोक सांझर भोपाल से सांसद हैं। इस लोकसभा क्षेत्र के 8 विधानसभा क्षेत्रों में से 3 कांग्रेस के साथ हैं। दिग्विजय सिंह ने यहां से चुनाव लड़ने के लिए हामी तब भरी जब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें सबसे कठिन सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिग्विजय की उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया था। कमलनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय ने कहा था कि वो राजगढ़ से लड़ना चाहेंगे लेकिन साथ ही यह भी जोड़ दिया कि पार्टी जैसा निर्देश देगी वे उसका पालन करेंगे। दिग्विजय दो बार राजगढ़ से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा राज्य की गुना संसदीय सीट से केपी यादव को टिकट दिया गया है। यहां से वह कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनौती देंगे। भाजपा ने राज्य की सागर और विदिशा लोकसभा सीट से क्रमश: राज बहादुर सिंह और रमाकांत भार्गव को टिकट दिया है।

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