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बीजेपी ने बदला डिजिटल कैम्पेन का अंदाज, सीधे बूथ कार्यकर्ताओं से बात कर रहे पीएम मोदी

नरेंद्र मोदी (NaMo) मबाइल ऐप बहुत ही कारगर भूमिका में है। ऐप के जरिए बीजेपी वोटरों से सीधा संपर्क कर रही है। इसका मक़सद हर बूथ के कार्यकर्ताओं का संपर्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराना है।

फोटो सोर्स- एक्सप्रेस आर्काइव

भारतीय चुनावी राजनीति में बीजेपी का प्रचार तंत्र अपने पांचवे गियर में है। 2014 लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया को हथियार बनाकर लोगों तक अपनी पहुंच बनाने वाली बेजेपी ने 2019 के लिए बेजोड़ प्रचार मॉडल पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी अब मास अपील के साथ-साथ वन-टू-वन बातचीत पर भी फोकस कर रही है। बीजेपी के रणनीतिकारों की कोशिश एक-एक बूथ से अपनी टॉप लीडरशिप का संपर्क स्थापित कराना है। इस पहल में नरेंद्र मोदी (NaMo) मबाइल ऐप बहुत ही कारगर भूमिका में है। ऐप के जरिए बीजेपी वोटरों से संपर्क कर रही है। इसका मक़सद हर बूथ के कार्यकर्ताओं का संपर्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले नमो ऐप के जरिए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में लोगों से संपर्क साध चुके हैं। उन्होंने पार्टी के तमाम दूसरे संगठनों के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। कर्नाटक चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने युवा, महिला, किसान, दलित, आदिवासी और पिछड़ा तबके से पांच बार लाइव वीडियो के जरिए बातचीत की थी।

फिलहाल पार्टी का फोकस 2019 लोकसभा चुनाव से पहले पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव पर है। पीएम नरेंद्र मोदी पहले से ही इन राज्यों के तमाम लोकसभा क्षेत्रों में नमो ऐप के जरिए अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क साध चुके हैं। मोदी नमो ऐप के जरिए सितंबर से लेकर अब तक 6 लाइव वीडियो कर चुके हैं। ‘मेरा बूथ सबसे मज़बूत’ प्रोग्राम के तहत वह 30 लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से संपर्क साध चुके हैं। जिनमें से 17 लोकसभा क्षेत्र राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के हैं।

बीजेपी के प्रचार तंत्र का मैनजमेंट भी जबरदस्त स्तर का है। हर गतिविधि को बीजेपी आईटी सेल लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी माध्यमों का इस्तेमाल बाखूबी करता है। ऐप के जरिए संवाद की इस मुहिम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि नमो ऐप के साथ-साथ पीएम मोदी के वीडियो का फेसबुक, ट्वीटर और यू-ट्यूब पर लाइव प्रसारण किया जाता है। इसके अलावा ग्राउंड पर पार्टी का पदाधिकारी संबंधित जिले के क़रीब 10 जगहों पर इसकी स्क्रीनिंग कराता है। एक अनुमान के मुताबिक इस स्क्रिनिंग में है हर लोकसभा क्षेत्र के तकरीबन 5 से 10 हजार कार्यकर्ता और समर्थक पीएम मोदी की बातों को सुनते हैं। पार्टी प्रचार के इस मॉडल के जरिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रही है।

इसके अलावा प्रचार सामग्री की बिक्री और 1000 तक चंदा लेने की छोटी रकम भी चुनाव प्रचार की रणनीति में अहम योगदान दे रहे हैं। पार्टी बड़े चंदे की जगह अपने समर्थकों से 1000 रुपये तक का सहयोग राशि ले रही है। इनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के की जनता सबसे ज्यादा शामिल है। साथ ही प्रचार सामग्री की बिक्री भी पार्टी की लोगों के बीच मौजूदगी का एहसास दिला रही है। इसी साल सिंबतर के आखिर में स्लोगन वाले टी-शर्ट और मगों की बिक्री शुरू हुई। टी-शर्ट पर ‘ Keep Calm And trust NaMo’ और ‘India MODIfied’ जैसे वनलाइनर खासे पसंद किए जा रहे हैं।

प्रचार के इस तंत्र से जुड़े सूत्र के मुताबिक माइक्रो लेवल पर छोटा चंदा लेना और प्रचार सामग्री को बेचने का मकसद पार्टी फंड को मजबूती देना नहीं बल्कि अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पार्टी का एक ‘इमोशनल कनेक्ट’ बनाना है। पार्टी का प्रचार तंत्र धीरे-धीरे अपने लक्ष्य 2019 की ओर बढ़ रहा है।

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