ताज़ा खबर
 
title-bar

कांग्रेस हो या जनता पार्टी, 1977 से सब ‘राम भरोसे’ ही जीत रहे यह लोकसभा सीट, 42 साल से अनूठा संयोग

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): 42 सालों से इस सीट पर 'राम भरोसे' जीत का सिलसिला बरकरार है। हालांकि लगातार 11 चुनावों के बाद अब यहां 'राम भरोसे' जीत का सिलसिला टूट सकता है।

Author March 25, 2019 4:20 PM
Lok Sabha Election (प्रतीकात्मक तस्वीर- इंडियन एक्सप्रेस)

Lok Sabha Election 2019 की शुरुआत हो चुकी है। पहले चरण के मतदान में अब 2 हफ्ते शेष हैं। ऐसे में कई मुद्दे फिर से चर्चाओं में हैं। इस बार राफेल, पुलवामा, बालाकोट एयर स्ट्राइक आदि के चलते राम मंदिर का मसला हर बार के मुकाबले थोड़ा ठंडा है। ‘राम भरोसे’ देश में कई चुनाव लड़े गए और कई बार जीते भी गए। देश की एक लोकसभा सीट ऐसी है, जो पिछले 42 साल से ‘राम भरोसे’ ही जीती जा रही है। यह बिहार की हाजीपुर लोकसभा सीट है, जो लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान का गढ़ बन चुकी है। बता दें कि पासवान अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहने के बावजूद 1977 से अब तक 8 बार इस सीट पर जीत हासिल चुके हैं।

11 चुनावों में हर बार जीत ‘राम भरोसे’: हाजीपुर में पिछले 11 चुनावों में जनता पार्टी, कांग्रेस, जनता दल, जेडीयू और लोक जनशक्ति पार्टी का कब्जा रहा है। अलग-अलग पार्टियों का यहां कब्जा रहा, लेकिन जीत हर बार ‘राम भरोसे’ ही मिली है। दरअसल इस दौरान यहां से जो भी प्रत्याशी जीता, संयोग से उसका नाम राम से ही शुरू हुआ।

Ram Named MPs from Hazipur Seat हाजीपुर सीट से पिछले 11 चुनावों में सांसद चुने गए प्रत्याशी

National Hindi News Today Live: पढ़ें आज के बड़े अपडेट्स

8 जीत अकेले पासवान के नामः हाजीपुर लोकसभा सीट से 8 बार राम विलास पासवान को जीत मिली है। वे मौजूदा मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। इसी सीट से उन्होंने 1977 में अपने पहले चुनाव में उस वक्त की सबसे बड़ी जीत हासिल की थी। पासवान भारत में दलित समुदाय से आने वाले बड़े नेताओं में शुमार हैं। वे भारतीय लोक दल के नेता थे, जिसे 1977 में जनता पार्टी में विलय कर दिया गया था।

Ram-Vilas-Paswan लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान (एक्सप्रेस फाइल)

इस बार टूट सकता है सिलसिलाः 1952 में हाजीपुर सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे, लेकिन 1977 से ‘राम भरोसे’ जीत का सिलसिला बरकरार है। राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी की स्थिति यहां काफी मजबूत मानी जाती है। हालांकि, इस बार ‘राम भरोसे’ जीत का सिलसिला टूट सकता है। दरअसल, इस बार राम विलास पासवान चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनकी जगह हाजीपुर से लोजपा के बिहार अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को एनडीए ने अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, अब तक सामने आए अन्य प्रत्याशियों में भी किसी का नाम राम नहीं है। ऐसे में इस बार यह सिलसिला टूट सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App