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बिहार चुनाव: लालू परिवार का गढ़ होकर भी विकास के लिए तड़प रहा राघोपुर, कार को करवाना पड़ता है नाव पर पार

राघोपुर के लोगों के पास ऐसा कुछ दिखाने को नहीं है जिससे वे कह सकें कि उन्होंने प्रदेश को तीन बार मुख्यमंत्री दिया है। हां, यहां बिजली की सप्लाइ 24 घंटे होती है। 2010 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार सतीश कुमार ने यहां जीत दर्ज की थी और 2015 में एक बार फिर आरजेडी के तेजस्वी यादव ने जीत हासिल की।

Raghopur, tejashwi yadav, electionआज भी विकास के लिए तड़प रहा है राघोपुर।

लालू प्रसाद यादव के गढ़ और गंगा किनारे बसे राघोपुर में मंगलवार यानी आज मतदान हो रहा है। यह सीट लालू प्रसाद यादव का गढ़ रही है और अब तेजस्वी यादव यहां से जीतकर मुख्यमंत्री बनना चाह रहे हैं। हालांकि राघोपुर के लोग विकास चाहते हैं। अपने नॉमिनेटशन के समय तेजस्वी यादव ने कहा था, ‘राघोपुर के लोग केवल विधायक नहीं बल्कि मुख्यमंत्री चुनते हैं।’ दरअसल यहां से 1995 और 2000 में लालू प्रसाद यादव और 2005 में राबड़ी देवी ने चुनाव जीता था।

राघोपुर के लोगों के पास ऐसा कुछ दिखाने को नहीं है जिससे वे कह सकें कि उन्होंने प्रदेश को तीन बार मुख्यमंत्री दिया है। हां, यहां बिजली की सप्लाइ 24 घंटे होती है। 2010 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार सतीश कुमार ने यहां जीत दर्ज की थी और 2015 में एक बार फिर आरजेडी के तेजस्वी यादव ने जीत हासिल की। इसके बाद वह महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री बने।

परिवार के अलावा तेजस्वी लोगों से विकास के नाम पर भी वोट मांग रहे हैं। उन्होंने साल 2015 में ही कच्ची दरगाह (पटना) और बिदुरपुर (हाजीपुर) के बीच 9.6 किलोमीटर के पुल को मंजूरी दी थी। उसी साल काम भी शुरू हो गया थाा। हालांकि अब भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है और लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। अवधेश राय बताते हैं, ‘दूध बेचने जाने के लिए मुझे नाव से जाना होता है। सैकड़ो सब्जी विक्रेता भी यही करते हैं।’ राघोपुर के लोगों का कहना है कि जिनके पास चार पहिया गाड़ी है उन्हें भी उसे नाव पर लादना पड़ जाता है। रवि महतो कहते हैं कि यहां अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है और पुलिस भी दखल देने से डरती है।

प्रवीण सिंह का कहना है कि तेजस्वी इस सीट से दोबारा जीत सकते हैं लेकिन यह केवल जातिगत समीकरणों के चलते संभव होगा। राघोपुर में यादवों की संख्या ज्यादा है इसलिए तेजस्वी जीत के लिए आश्वस्त हैं। सतीश यादव का कहना है, ‘जब मैं नदी पार करता हूं तो दिल बैठ जाता है। लगता है पता नहीं कब इसमें गिर जाऊंगा।’ इस सीट में लगभग 1.25 लाख यादव आबादी है., 40000 राजपूत, 20 हजार एससी और 10 हजार दूसरे ओबीसी हैं। एलजीपी ने यहां राकेश रौशन को उतारा है जबकि सतीश कुमार यादव यहां से फिर चुनाव लड़ रहे हैं। नित्यानंद राय ने रैली के दौरान कहा था, ‘कुमार माटी पुत्र हैं। वह राबड़ी देवी को भी हरा चुके हैं।’

रुस्तमपुर के रहने वाले एक शख्स ने कहा, हम पटना से केवल 40 किलोमीटर दुर हैं लेकिन यहां काम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने यहां विकास होने ही नहीं दिया। तेजस्वी से उन्हें भी विकास की उम्मीद है। वहीं संजय शाह ने कहा, अगर तेजस्वी काम नहीं करेंगे तो राबड़ी देवी की तरह उन्हें भी उठाकर फेंक देंगे। बीजेपी सपोर्टर भुमिहार रमेश सिंह भी यहां पर बदलाव ही चाहते हैं।

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