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Bihar Election: पीएम मोदी ने की रैली में खाली रहीं कुर्सियां, जोश भी नदारद; लोगों को ‘जंगलराज’ की याद दिला गए प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार बेहतर कानून-व्यवस्था का, विकास का हकदार है। राजग की केंद्र सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा पर ध्यान दे रही है। आदिवासियों व कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान की योजनाएं बना रही है।

narendra modi, bihar election 2020, nitish kumarभागलपुर रैली में जनता को संबोधित करते पीएम मोदी। (फोटो क्रेडिट-गिरधारी लाल जोशी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार राजग के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। यदि इस बार राजग की सरकार नहीं बनी तो विकास की रफ्तार ढीली पड़ जाएगी। उन्होंने जंगल राज को फिर से आने से रोकने के लिए बिहारवासियों का एक-एक मत राजग उम्मीदवारों को देना सुनिश्चित करने की अपील की। कोरोना काल में हुई पीएम मोदी कि सभा में जिला प्रशासन ने सुरक्षित दूरी के नियमों का पालन किया।

कुर्सियां गोला बनाकर लगाई गई। जितनी कुर्सी लगी थी, उतने ही लोगों के आने की इजाजत थी। वैसे भी सभा में ज्यादा भीड़ नहीं जुटी। मंच से भाजपा नेता दिलीप जयसवाल बार-बार अपील करते रहे कि मंच के दाहिनी तरफ कुर्सियां खाली है। लोग आगे आ जाए। ताकि प्रधानमंत्री को कुर्सियां भरी नजर आए। न नारे लगे। न वैसा जोश।

कोविड-19 की वजह से उम्मीदवारों के लिए दूर अलग मंच बनाया गया। वे वहीं से दर्शकों की तरह प्रधानमंत्री को देखते-सुनते रहे। उम्मीदवारों को पास खड़े होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो खिंचवाने का सपना भी सपना ही रह गया। महिलाओं की संख्या नहीं के बराबर नजर आई। सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। साढ़े तीन बजे उनका भाषण खत्म हुआ।

बिहार के सासाराम, गया के बाद भागलपुर हवाईअड्डे पर उनकी सभा ढाई बजे शुरू हुई। करीबन 45 मिनट उन्होंने सभा को संबोधित किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे , बांका के सांसद गिरधारी यादव भी मौजूद थे। उन्होंने अपना भाषण सभा में उपस्थित लोगों का अंगिका भाषा में प्रणाम ( सबके प्रणाम करै छौन ) के साथ शुरू किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सामने त्योहार है। कोरोना से बचने के लिए कायदों का पालन जरूर करिएगा। साथ ही लोकल फार वोकल पर भी जोर दिया। कपड़ों की खरीददारी करते वक्त भागलपुरी सिल्क के कपड़े खरीदे। स्थानीय शिल्पकारों के बने मिट्टी के बर्तन खरीदे। तभी बिहार आत्मनिर्भर बनेगा।

पीएम मोदी ने सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बनने के लिए आगे बढ़ चुका है। तीन सभाएं मैंने बिहार में आज की है। इसी से अंदाजा लग गया कि बिहार की जनता फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प कर चुकी है। यह इसलिए भी जरूरी है कि बिहार के विकास की गति और तेज हो। केंद्र ने जो लोगों के फायदे के लिए फैसले लिए है वो बिहार में भी तेजी से लागू हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने विरोधी दलों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि आम जनता की जरूरतों से इनका कोई मतलब नहीं है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाई तो विरोध किया। तीन तलाक हटाकर मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देने के काम का भी विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अयोध्या में राम मंदिर बनाने का विरोध । मसलन हमेशा विरोध में रहने वाले लोग बिहार को फिर बर्बादी के रास्ते पर ले जाने की सोच रहे है।

उन्होंने राजद पर तंज कसते हुए कहा कि अपने परिवार की तिजोरी भरने वालों ने दलित-महादलित गरीब परिवारों की चिंता कभी नहीं कि। केवल परिवार, रिश्तेदार की फिक्र की और उनका भला किया। जिन्हें शिक्षा से कभी सरोकार नहीं रहा वे शिक्षा देने की बात कर रहे है। सरकारी नौकरी जिसे रिश्वत कमाने का जरिया मान नौकरी देने की बात कर रहे है। जंगल राज में कभी लोकतंत्र और विकास के बीज फल-फूल नहीं सकते है। उद्योग धंधे उनके जंगलराज में बंद हो गए। बिहार की हालत क्या थी। लोग सब जानते है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार बेहतर कानून-व्यवस्था का, विकास का हकदार है। राजग की केंद्र सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा पर ध्यान दे रही है। आदिवासियों व कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान की योजनाएं बना रही है। सवा सौ करोड़ रुपए का बिहार को पैकेज घोषित किया गया। साढ़े तीन हजार किलोमीटर सड़कें चौड़ी और नई बनाने का काम चल रहा है। साढ़े चार सौ किलोमीटर रेलवे के विद्युतीकरण और चौड़ीकरण का काम हुआ। देश में हरेक 25 किलोमीटर पर गंगानदी पर पुल बन रहा है। मुंगेर में रेलवे महासेतु बन चुका है। भागलपुर के विक्रमशिला पुल के सामांतर नया पुल की मंजूरी दे दी है। इससे सभी दिशाओं का आवागमन जुड़ जाएगा। बिहार की क्युल नदी पर पुलों का विस्तार किया जा रहा है।

इसके अलावे प्रधानमंत्री ने बताया कि हल्दिया-वाराणसी के बीच बड़े मालवाहक जहाज चलाने का प्रयास हो रहा है। इससे भागलपुर के व्यापारियों को भी फायदा होगा। मंडियों से जुड़े कानून को पहले ही खत्म कर यहां पैदा हो रहे आम-लीची, मकई को खुला बाजार मिलेगा। इन फसलों को पैदा करने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। धान की खरीद चार गुणा और गेहूं पांच गुणा बढ़ी।

पशुपालकों और मछली पालकों के व्यापार को बड़े पैमाने पर बढाने के लिए कार्यक्रम बनाया गया। पशुओं को मुफ्त टिके और आदमी की तरह उनको भी आधार नंबर से जोड़ा गया। मोबाइल ऐप के साथ हजारों करोड़ का फंड बनाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने साफ तौर पर कहा कि बिहार में राजग की सरकार बनी तो जमीन स्वामित्व योजना बिहार में भी लागू की जाएगी। अभी छह राज्यों के एक लाख जमीन मालिकों को यह कार्ड पायलट प्रोजेक्ट के तहत मुहैया कराया गया है। इससे लोग अपनी भूमि पर बैंकों से कर्ज जरूरत के मुताबिक सहूलियत से ले सकेंगे।

उनके भाषण से भागलपुर, मुंगेर, बांका, लखीसराय, जमुई बगैरह ज़िलों के 24 विधानसभा सीटों के राजग उम्मीदवार व समर्थक वर्चुअल भी जुड़े थे।

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